पुलिस ने धार्मिक समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने के आरोप में स्कूल के कॉरेस्पोंडेंट, प्रिंसिपल और उर्दू शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, उर्दू कक्षाओं को लेकर स्कूल में घुसकर मारपीट और हंगामा करने के आरोप में बीजेपी नेता बालू समेत लगभग 20 लोगों पर भी केस दर्ज किया गया है।

साभार : द न्यूज मिनट
तेलंगाना के निजामाबाद जिले के अरमूर में एक स्कूल के कॉरेस्पोंडेंट, प्रिंसिपल और उर्दू शिक्षक के खिलाफ धार्मिक समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने का मामला दर्ज किया गया है। यह मामला तब दर्ज हुआ, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं और कुछ अभिभावकों ने स्कूल में घुसकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि उर्दू की कक्षाओं में हिंदू छात्रों को 'कलमा' सिखाया जा रहा था।
'सियासत डेली' की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई संगठनों ने सोमवार, 29 जून को निजामाबाद बंद का आह्वान किया है।
आरोप है कि बहस के दौरान BJP के अरमूर अध्यक्ष वंडुला बालू ने प्रिंसिपल आमिर खान को थप्पड़ मारा और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस्लाम में 'कलमा' मुसलमानों की बुनियादी आस्था की घोषणा को कहा जाता है।
यह घटना 27 जून को अरमूर स्थित भारत चंद्र स्कूल में हुई। अरमूर के SHO पी. सत्यनारायण ने द न्यूज मिनट (TNM) को बताया कि दोनों पक्षों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
द न्यूज मिनट के अनुसार, पुलिस ने बालू समेत लगभग 20 लोगों के खिलाफ जबरन स्कूल में प्रवेश करने, धमकी देने और मारपीट करने का मामला दर्ज किया है। वहीं, स्कूल के कॉरेस्पोंडेंट मल्लैया, प्रिंसिपल आमिर खान और उर्दू शिक्षक हिना के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 के तहत धार्मिक समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने का मामला दर्ज किया गया है।
आमिर खान के अनुसार, प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कुछ मुस्लिम अभिभावकों ने स्कूल से अपने बच्चों को उर्दू पढ़ाने का अनुरोध किया था। घटना के बाद उन्होंने मीडिया से कहा, "मैंने उनसे कहा था कि मैं प्रबंधन से बात करूंगा और देखूंगा कि क्या अगले शैक्षणिक सत्र से इसे लागू किया जा सकता है।"
आमिर ने बताया कि जून में प्रवेश शुरू होने के बाद स्कूल के कॉरेस्पोंडेंट मल्लैया ने एक उर्दू शिक्षक की नियुक्ति की। उन्होंने कहा, "शिक्षक की नियुक्ति और विषय का निर्णय प्रबंधन ने लिया था। मेरा काम केवल टाइम-टेबल बनाना और उसे लागू करना था।"
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले कुछ हिंदू अभिभावक स्कूल आए और पूछा कि उनके बच्चों को उर्दू क्यों पढ़ाई जा रही है। आमिर खान के अनुसार, "एक अभिभावक ने कहा कि उनके बच्चे ने बताया है कि मैं उन्हें नमाज पढ़ना सिखा रहा हूं। उन्होंने मेरे खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और पूछा कि क्या मैं 'लव जिहाद' कर रहा हूं।"
आमिर खान ने कहा कि वे उर्दू की कक्षाओं के लिए मुस्लिम छात्रों को अलग बैठाना चाहते थे, लेकिन निर्माण कार्य के कारण अतिरिक्त कक्षा उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने कहा, "अलग कक्षा न होने के कारण शिक्षक ने उसी कमरे में उर्दू पढ़ाई, जहां दूसरे छात्र भी मौजूद थे। हिंदू बच्चों ने भी वही लिख लिया। इसमें हमारी क्या गलती है?"
उन्होंने बताया कि 27 जून को जब अभिभावक शिकायत लेकर आए, तो उन्हें बताया गया कि उनकी आपत्तियों को देखते हुए फिलहाल उर्दू की कक्षाएं रोक दी गई हैं और स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही दोबारा शुरू की जाएंगी। आमिर ने आरोप लगाया, "इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ता आए और हंगामा करने लगे। वंडुला बालू और अन्य लोगों ने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी।"
उन्होंने कहा कि जब उन्हें थप्पड़ मारा गया, तो कॉरेस्पोंडेंट ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद उन पर दोबारा हमला किया गया। आमिर खान ने आरोप लगाया, "एक व्यक्ति ने घुटने से भी मुझ पर हमला किया।"
खान ने बताया कि उर्दू शिक्षक केवल तीन-चार दिन पहले ही नियुक्त हुए थे और उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि पढ़ाते समय बच्चों को अलग-अलग बैठाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया, "बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमें बुरी तरह गालियां दीं। उन्होंने कॉरेस्पोंडेंट से भी अभद्र व्यवहार किया और पूछा कि क्या उन्होंने स्कूल में उर्दू पढ़ाने की अनुमति देने के लिए पैसे लिए हैं। पुलिस ने मुझे मेरे ही कार्यालय में जमीन पर बैठा दिया और मुझे वहां एक घंटे से अधिक समय तक बैठाए रखा।"
उनके मुताबिक, बच्चों को केवल उर्दू वर्णमाला सिखाई जा रही थी। उन्होंने कहा, "मैंने किसी को नमाज नहीं सिखाई। मैं पिछले 15 वर्षों से स्कूलों में पढ़ा रहा हूं। हम केवल उर्दू वर्णमाला पढ़ा रहे थे, और कुछ नहीं।"
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल 'मोहम्मद मुबाशिर' ने एक्स पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और राज्य के DGP को टैग करते हुए लिखा, "आपके शासन में एक प्रिंसिपल के साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया गया, जो अस्वीकार्य है। अगर उन बीजेपी कार्यकर्ताओं और अरमूर पुलिस स्टेशन के स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका राजनीतिक नुकसान आपकी सरकार और पार्टी को उठाना पड़ेगा।"
मजलिस बचाओ तहरीक (MBT) के प्रवक्ता अमजद उल्लाह खान ने भी इस घटना की निंदा करते हुए एक्स पर लिखा, "कांग्रेस सरकार के शासन में तेलंगाना धीरे-धीरे RSS की प्रयोगशाला बनता जा रहा है। मैं निजामाबाद जिले के अरमूर स्थित भारत चंद्र हाई स्कूल के उर्दू शिक्षक पर कथित RSS/BJP कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा करता हूं।"
अमजद उल्लाह खान ने यह भी आरोप लगाया कि यह हमला अरमूर टाउन के पुलिस इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर की मौजूदगी में हुआ। उन्होंने कहा, "जब से आईपीएस अधिकारी पी. साई चैतन्य ने निजामाबाद के पुलिस आयुक्त का पद संभाला है, तब से अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जबकि पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।"
Related

साभार : द न्यूज मिनट
तेलंगाना के निजामाबाद जिले के अरमूर में एक स्कूल के कॉरेस्पोंडेंट, प्रिंसिपल और उर्दू शिक्षक के खिलाफ धार्मिक समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने का मामला दर्ज किया गया है। यह मामला तब दर्ज हुआ, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं और कुछ अभिभावकों ने स्कूल में घुसकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि उर्दू की कक्षाओं में हिंदू छात्रों को 'कलमा' सिखाया जा रहा था।
'सियासत डेली' की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई संगठनों ने सोमवार, 29 जून को निजामाबाद बंद का आह्वान किया है।
आरोप है कि बहस के दौरान BJP के अरमूर अध्यक्ष वंडुला बालू ने प्रिंसिपल आमिर खान को थप्पड़ मारा और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस्लाम में 'कलमा' मुसलमानों की बुनियादी आस्था की घोषणा को कहा जाता है।
यह घटना 27 जून को अरमूर स्थित भारत चंद्र स्कूल में हुई। अरमूर के SHO पी. सत्यनारायण ने द न्यूज मिनट (TNM) को बताया कि दोनों पक्षों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
द न्यूज मिनट के अनुसार, पुलिस ने बालू समेत लगभग 20 लोगों के खिलाफ जबरन स्कूल में प्रवेश करने, धमकी देने और मारपीट करने का मामला दर्ज किया है। वहीं, स्कूल के कॉरेस्पोंडेंट मल्लैया, प्रिंसिपल आमिर खान और उर्दू शिक्षक हिना के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 के तहत धार्मिक समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने का मामला दर्ज किया गया है।
आमिर खान के अनुसार, प्रवेश प्रक्रिया के दौरान कुछ मुस्लिम अभिभावकों ने स्कूल से अपने बच्चों को उर्दू पढ़ाने का अनुरोध किया था। घटना के बाद उन्होंने मीडिया से कहा, "मैंने उनसे कहा था कि मैं प्रबंधन से बात करूंगा और देखूंगा कि क्या अगले शैक्षणिक सत्र से इसे लागू किया जा सकता है।"
आमिर ने बताया कि जून में प्रवेश शुरू होने के बाद स्कूल के कॉरेस्पोंडेंट मल्लैया ने एक उर्दू शिक्षक की नियुक्ति की। उन्होंने कहा, "शिक्षक की नियुक्ति और विषय का निर्णय प्रबंधन ने लिया था। मेरा काम केवल टाइम-टेबल बनाना और उसे लागू करना था।"
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले कुछ हिंदू अभिभावक स्कूल आए और पूछा कि उनके बच्चों को उर्दू क्यों पढ़ाई जा रही है। आमिर खान के अनुसार, "एक अभिभावक ने कहा कि उनके बच्चे ने बताया है कि मैं उन्हें नमाज पढ़ना सिखा रहा हूं। उन्होंने मेरे खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और पूछा कि क्या मैं 'लव जिहाद' कर रहा हूं।"
आमिर खान ने कहा कि वे उर्दू की कक्षाओं के लिए मुस्लिम छात्रों को अलग बैठाना चाहते थे, लेकिन निर्माण कार्य के कारण अतिरिक्त कक्षा उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने कहा, "अलग कक्षा न होने के कारण शिक्षक ने उसी कमरे में उर्दू पढ़ाई, जहां दूसरे छात्र भी मौजूद थे। हिंदू बच्चों ने भी वही लिख लिया। इसमें हमारी क्या गलती है?"
उन्होंने बताया कि 27 जून को जब अभिभावक शिकायत लेकर आए, तो उन्हें बताया गया कि उनकी आपत्तियों को देखते हुए फिलहाल उर्दू की कक्षाएं रोक दी गई हैं और स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही दोबारा शुरू की जाएंगी। आमिर ने आरोप लगाया, "इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ता आए और हंगामा करने लगे। वंडुला बालू और अन्य लोगों ने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी।"
उन्होंने कहा कि जब उन्हें थप्पड़ मारा गया, तो कॉरेस्पोंडेंट ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद उन पर दोबारा हमला किया गया। आमिर खान ने आरोप लगाया, "एक व्यक्ति ने घुटने से भी मुझ पर हमला किया।"
खान ने बताया कि उर्दू शिक्षक केवल तीन-चार दिन पहले ही नियुक्त हुए थे और उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि पढ़ाते समय बच्चों को अलग-अलग बैठाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया, "बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमें बुरी तरह गालियां दीं। उन्होंने कॉरेस्पोंडेंट से भी अभद्र व्यवहार किया और पूछा कि क्या उन्होंने स्कूल में उर्दू पढ़ाने की अनुमति देने के लिए पैसे लिए हैं। पुलिस ने मुझे मेरे ही कार्यालय में जमीन पर बैठा दिया और मुझे वहां एक घंटे से अधिक समय तक बैठाए रखा।"
उनके मुताबिक, बच्चों को केवल उर्दू वर्णमाला सिखाई जा रही थी। उन्होंने कहा, "मैंने किसी को नमाज नहीं सिखाई। मैं पिछले 15 वर्षों से स्कूलों में पढ़ा रहा हूं। हम केवल उर्दू वर्णमाला पढ़ा रहे थे, और कुछ नहीं।"
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल 'मोहम्मद मुबाशिर' ने एक्स पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और राज्य के DGP को टैग करते हुए लिखा, "आपके शासन में एक प्रिंसिपल के साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया गया, जो अस्वीकार्य है। अगर उन बीजेपी कार्यकर्ताओं और अरमूर पुलिस स्टेशन के स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका राजनीतिक नुकसान आपकी सरकार और पार्टी को उठाना पड़ेगा।"
मजलिस बचाओ तहरीक (MBT) के प्रवक्ता अमजद उल्लाह खान ने भी इस घटना की निंदा करते हुए एक्स पर लिखा, "कांग्रेस सरकार के शासन में तेलंगाना धीरे-धीरे RSS की प्रयोगशाला बनता जा रहा है। मैं निजामाबाद जिले के अरमूर स्थित भारत चंद्र हाई स्कूल के उर्दू शिक्षक पर कथित RSS/BJP कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले की कड़ी निंदा करता हूं।"
अमजद उल्लाह खान ने यह भी आरोप लगाया कि यह हमला अरमूर टाउन के पुलिस इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर की मौजूदगी में हुआ। उन्होंने कहा, "जब से आईपीएस अधिकारी पी. साई चैतन्य ने निजामाबाद के पुलिस आयुक्त का पद संभाला है, तब से अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जबकि पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।"
Related
TET उम्मीदवारों के लिए चेहरा दिखना जरूरी है, इसके बाद हिजाब, बुर्का, दुपट्टा या अपनी पसंद के कपड़े पहनने की इजाजत है: MCSE
केरल में स्कूल की हेडमिस्ट्रेस पर मुस्लिम छात्रों को दाखिला देने से इनकार करने का आरोप