पहलू खान हत्याकांडः राजस्थान हाईकोर्ट ने दोबारा जांच को दी मंजूरी

Written by Sabrangindia Staff | Published on: July 13, 2019
राजस्थान की हाईकोर्ट ने पहलू खान की मॉब लिंचिंग के मामले की दोबारा जांच की अनुमति दी है। दरअसल राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अपील की थी कि इस मामले की एक बार फिर से जांच की जाए। 



बता दें कि पुलिस ने पहलू खान मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें पुलिस ने पहलू खान को गोतस्करी मामले में आरोपी बनाया था। इस मामले में राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके कहा था कि चार्जशीट फाइल हो गई है, लेकिन इस मामले की एक बार फिर से जांच होनी चाहिए।

साल 2017 में गोरक्षकों ने पीट-पीट कर पहलू खान को मौत के घाट उतार दिया था।  पहलू खान डेयरी किसान थे। पुलिस ने पहलू खान और उनके बेटों के खिलाफ गो-तस्करी के मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में उस पिक-अप ट्रक के मालिक का नाम भी शामिल है, जिसकी गाड़ी का इस्तेमाल बहरोड़ के पास हुई घटना के दौरान मवेशी ले जाने के लिए हुआ था। बता दें कि एक अप्रैल, 2017 को अलवर में खान अपने दो बेटे के साथ मवेशियों को गाड़ी से लेकर जा रहे थे, तभी गोरक्षकों की भीड़ ने उन पर हमला बोल दिया था।

दो साल पहले इस घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। देश और दुनिया की मीडिया में इससे संबंधित खबरें छपतीं रहीं। तब राजस्थान में भाजपा की सरकार थी और वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री थीं। अलवर में लिंचिंग के जिस मामले ने पूरे देश को हिला दिया था, अब उस पर गहलोत सरकार ने नई चार्जशीट दायर की, जिसमें मृत पहलू खान पर गो-तस्करी का आरोप लगाया गया है।

डेयरी चलाने वाले पहलू खान को 1 अप्रैल 2017 को बहरोड़ के पास गो-रक्षकों की एक भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। इस बार दायर की गई चार्जशीट में उस पिक-अप ट्रक के मालिक का नाम दर्ज है, जिसकी गाड़ी को पशुओं को लाने-ले जाने के लिए इस्‍तेमाल किया गया था।

पुलिस ने 29 मई 2019 को बहरोड़ के एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्‍ट्रेट की अदालत में चार्जशीट पेश की है। इस चार्जशीट में पहलू खान और उनके बेटों पर राजस्थान गोवंशीय पशु (वध और अस्थायी प्रवासन या निर्यात पर प्रतिबंध) अधिनियम, 1995 और नियम, 1995 की धारा 5, 8 और 9 लगाई गई है। इस चार्जशीट में पहलू खान के बड़े बेटे इरशाद और उसके छोटे बेटे आरिफ का नाम भी शामिल है।

बता दें कि इसी मामले में पिछले साल तत्‍कालीन वसुंधरा सरकार ने दो चार्जशीट दायर की थी। पहली उस भीड़ के खिलाफ जिसने पहलू खान की हत्या कर दी थी और दूसरी खान और उसके परिवार के खिलाफ गायों की तस्करी मामले में केस दर्ज किया था। इसके अलावा भाजपा सरकार ने पहलू खान के सहयोगियों अजमत और रफीक के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। उस दौरान दायर की गई चार्जशीट में पिक-अप मालिक जगदीश प्रसाद के खिलाफ भी चार्जशीट दायर की गई थी।

बता दें कि उस दौरान एफआईआर दर्ज करने से पहले पुलिस ने पहलू खान के लिंचिंग मामले में आरोपी 6 लोगों को क्लीन चिट दे दी थी। पुलिस का फैसला कथित तौर पर एक गौशाला के कर्मचारियों के बयानों और मोबाइल फोन के रिकॉर्ड्स पर आधारित था।

पहलू खान हरियाणा के नूंह जिले के जयसिंहपुर गांव का रहने वाला था। 1 अप्रैल 2017 को राजस्थान के बहरोड़ में तथाकथित गोरक्षों ने पहलू खान की पिटाई की थी। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाद में 4 अप्रैल को उसने बहरोड़ में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।