महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताना बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को महंगा पड़ गया। संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने साध्वी प्रज्ञा को रक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति से निकाल दिया है। इसके साथ ही सत्र के दौरान होने वाले बीजेपी संसदीय दल की बैठकों में भी साध्वी प्रज्ञा को नहीं आने का फरमान सुनाया गया है।

सूत्रों के हवाले से खबर हैं कि साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ पार्टी की अनुशासन समिति बड़ी कार्यवाही करेगी। उन्हें पार्टी से निष्कासित भी किया जा सकता है। बीजेपी के कार्यवाहक अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि संसद में कल का उनका बयान निंदनीय है। बीजेपी कभी भी इस तरह के बयान या विचारधारा का समर्थन नहीं करती है।
लोकसभा में जब एसपीजी अमेंडमेंट बिल पर चर्चा के दौरान डीएमके के सांसद ए। राजा गोडसे के एक बयान का हवाला दे रहे थे कि उसने महात्मा गांधी को क्यों मारा तो साध्वी प्रज्ञा ने उन्हें टोक दिया। साध्वी ने कहा, 'आप एक देशभक्त का उदाहरण नहीं दे सकते।' हालांकि, प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान को लोकसभा के रिकॉर्ड से हटा दिया गया।
हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वे क्रांतिकारी उधम सिंह के बारे में बात कर रही थीं। बाद में बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर पर पार्टी कार्रवाई कर सकती है। गुरुवार को प्रज्ञा ठाकुर को रक्षा मंत्रालय से संबंधित संसदीय कमेटी से हटा दिया गया।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर बीजेपी से अपना स्टैंड स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा, “बीजेपी साफ करे कि वह गांधी के साथ हैं या गोडसे के साथ हैं। मुंह में गांधी और दिल में गोडसे नहीं चलेगा।”
मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ने एक के बाद एक ट्वीट कर कहा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने पर भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर को दिल से कभी माफ़ नहीं करने की बात कहने वाले (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी को अब लोकतंत्र के पवित्र मंदिर संसद में इसी बयान को दोहराने पर सांसद प्रज्ञा ठाकुर को क़तई माफ़ नहीं करना चाहिये।”
प्रज्ञा ठाकुर ने इस तरह के बयान पहली बार नहीं दिए हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने कहा था कि नाथूराम गोडसे एक देशभक्त थे, हैं और हमेशा रहेंगे।हालांकि बीजेपी ने उनके बयान की निंदा की थी और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए कहा था। बीजेपी की ओर से साध्वी प्रज्ञा को विवादित बयान पर कारण बताओ नोटिस दिया गया था और अनुशासनात्मक कमेटी को मामला सौंपा गया था। जब विवाद बढ़ा तो उन्होंने माफी मांग ली थी।
तब पीएम मोदी ने भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि यह बहुत खराब बात है और घृणा के लायक है। सभ्य समाज के अंदर इस प्रकार की बातें नहीं चलती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भले ही वे (साध्वी प्रज्ञा) माफी मांग ली हों, लेकिन मैं अपने मन से उन्हें कभी भी माफ नहीं कर पाऊंगा। हालांकि, कुछ महीनों के अंदर ही प्रज्ञा को डिफेंस कमेटी की मेंबर बनाए जाने पर पीएम की मन से माफ नहीं करने की मंशा पर सवाल उठ रहे थे।

सूत्रों के हवाले से खबर हैं कि साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ पार्टी की अनुशासन समिति बड़ी कार्यवाही करेगी। उन्हें पार्टी से निष्कासित भी किया जा सकता है। बीजेपी के कार्यवाहक अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि संसद में कल का उनका बयान निंदनीय है। बीजेपी कभी भी इस तरह के बयान या विचारधारा का समर्थन नहीं करती है।
लोकसभा में जब एसपीजी अमेंडमेंट बिल पर चर्चा के दौरान डीएमके के सांसद ए। राजा गोडसे के एक बयान का हवाला दे रहे थे कि उसने महात्मा गांधी को क्यों मारा तो साध्वी प्रज्ञा ने उन्हें टोक दिया। साध्वी ने कहा, 'आप एक देशभक्त का उदाहरण नहीं दे सकते।' हालांकि, प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान को लोकसभा के रिकॉर्ड से हटा दिया गया।
हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वे क्रांतिकारी उधम सिंह के बारे में बात कर रही थीं। बाद में बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर पर पार्टी कार्रवाई कर सकती है। गुरुवार को प्रज्ञा ठाकुर को रक्षा मंत्रालय से संबंधित संसदीय कमेटी से हटा दिया गया।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर बीजेपी से अपना स्टैंड स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा, “बीजेपी साफ करे कि वह गांधी के साथ हैं या गोडसे के साथ हैं। मुंह में गांधी और दिल में गोडसे नहीं चलेगा।”
मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ने एक के बाद एक ट्वीट कर कहा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने पर भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर को दिल से कभी माफ़ नहीं करने की बात कहने वाले (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी को अब लोकतंत्र के पवित्र मंदिर संसद में इसी बयान को दोहराने पर सांसद प्रज्ञा ठाकुर को क़तई माफ़ नहीं करना चाहिये।”
प्रज्ञा ठाकुर ने इस तरह के बयान पहली बार नहीं दिए हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने कहा था कि नाथूराम गोडसे एक देशभक्त थे, हैं और हमेशा रहेंगे।हालांकि बीजेपी ने उनके बयान की निंदा की थी और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए कहा था। बीजेपी की ओर से साध्वी प्रज्ञा को विवादित बयान पर कारण बताओ नोटिस दिया गया था और अनुशासनात्मक कमेटी को मामला सौंपा गया था। जब विवाद बढ़ा तो उन्होंने माफी मांग ली थी।
तब पीएम मोदी ने भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि यह बहुत खराब बात है और घृणा के लायक है। सभ्य समाज के अंदर इस प्रकार की बातें नहीं चलती हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भले ही वे (साध्वी प्रज्ञा) माफी मांग ली हों, लेकिन मैं अपने मन से उन्हें कभी भी माफ नहीं कर पाऊंगा। हालांकि, कुछ महीनों के अंदर ही प्रज्ञा को डिफेंस कमेटी की मेंबर बनाए जाने पर पीएम की मन से माफ नहीं करने की मंशा पर सवाल उठ रहे थे।