“केमिकल कंपनियों ने पहले ही बड़े पैमाने पर वायु और जल प्रदूषण किया है। MIDC इलाके में कई नागरिक कैंसर, टीबी और अन्य बीमारियों से प्रभावित हुए हैं।”

प्रतीकात्मक तस्वीर; साभार : हिंदुस्तान
महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में केमिकल कंपनियों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। इसको लेकर गुरुवार, 8 जनवरी, 2026 को सुबह 11.00 बजे कंपनी गेट पर प्रदर्शन करने का आह्वान किया गया है। जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि सुबह 10.30 बजे लोटे के एचेल फाटा पर इकट्ठा हों।
इसमें कहा गया है कि कोंकण में केमिकल कंपनियों ने पहले ही बड़े पैमाने पर वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण किया है। MIDC इलाके में कई नागरिक कैंसर, टीबी और अन्य बीमारियों से प्रभावित हुए हैं।
लक्ष्मी ऑर्गेनिक पीएफएएस विरोधी संघर्ष समिति की विज्ञप्ति में कहा गया है:–
“ऑर्गेनिक केमिकल इंडस्ट्री को बंद करो!
यह संघर्ष, अगर अभी नहीं, तो कभी नहीं…..!
गुरुवार, 8 जनवरी, 2026 को सुबह 11.00 बजे,
चलो, परशुराम! … चलो, परशुराम! ….. चलो, परशुराम!…”
आगे कहा गया है कि, “महाराष्ट्र राज्य सरकार के अधीन इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MIDC) और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने कंपनियों और उद्योगों पर वैसी निगरानी नहीं रखी, जैसी रखनी चाहिए थी। इस बीच, इटली में मिट्टेनी नाम की एक कंपनी, जो एक बड़ी प्रदूषक और मानव जीवन के लिए खतरा है, लक्ष्मी ऑर्गेनिक के नाम से जानी जाने लगी है। इटली में इस कंपनी के प्रदूषण से साढ़े तीन लाख लोग प्रभावित हुए हैं और कम से कम चार हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इसी कारण इटली की सरकार ने इस कंपनी को बंद कर दिया था। कंपनी के मालिक और संस्थापक को जेल हुई और साढ़े चौदह साल की सजा सुनाई गई। एक साल बाद, कंपनी के मालिक ने कंपनी की सभी संपत्तियां खरीद लीं और 2020–21 में कंपनी फिर से शुरू की। कंपनी के मालिक ने मिट्टेनी कंपनी के एक एग्जीक्यूटिव को अपनी कंपनी में डायरेक्टर भी नियुक्त किया।”
इसमें कहा गया है कि, “यह कंपनी पीएफएएस नाम का एक जहरीला केमिकल बनाती है, जो कभी डीकंपोज़ नहीं होता। कैंसर पैदा करने वाला केमिकल बनाने वाली कंपनी को बंद करो और कोंकण के लोगों तथा कोंकण की प्रकृति को बचाओ!”
विज्ञप्ति के अनुसार, “ये केमिकल कैंसर, दिल की बीमारियां तथा लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इतना ही नहीं, इनका इंसानी प्रजनन क्षमता पर भी गंभीर असर पड़ता है। इसी वजह से इटली की सरकार ने इस मिट्टेनी कंपनी को बंद किया। लक्ष्मी ऑर्गेनिक केमिकल कंपनी ने इस मिट्टेनी कंपनी को उसी रूप में अपने में मिला लिया। इस कंपनी की सभी संपत्तियां भारत लाकर लोटे परशुराम ऑर्गेनिक केमिकल्स के नाम से यहां स्थापित कर दी गईं। इसके दुष्परिणाम आसपास के 200 किलोमीटर के इलाके में नजरअंदाज नहीं किए जा सकते।”
“आइए, हम सब मिलकर इस कंपनी को बंद करें ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां बर्बाद न हों!”
इसमें आगे कहा गया है कि, “सरकार यह हथियार किसके लिए और किस उद्देश्य से लाई है? क्या सरकार ने सच में इसकी नुकसान पहुंचाने वाली ताकत पर विचार किया है, या हमें इस पर आंख मूंदकर भरोसा करना चाहिए? एक तरफ कंपनी के अधिकारी मानते हैं कि यहां बनने वाला पीएफएएस एक खतरनाक केमिकल है और दूसरी तरफ सरकार कान बंद करके ऐसा दिखावा करती है, जैसे उसे कुछ पता ही नहीं। जनता को जानबूझकर धोखा दिया जा रहा है। यह खेल जनता की जान के साथ खेला जा रहा है और इसे रोकना होगा। इसी के लिए गुरुवार, 8 जनवरी, 2026 को सुबह 11.00 बजे कंपनी गेट पर प्रदर्शन किया जाएगा। हम आपसे निवेदन करते हैं कि सुबह 10.30 बजे लोटे के एचेल फाटा पर इकट्ठा हों।”
हवा साफ हो, पानी साफ हो!
दो निवाले चैन से खाए जाएं!
सुखी और संतुष्ट सोएं, सावन आए!
अतः समस्त जनता के जनहित के लिए यह संघर्ष अपरिहार्य है।
आओ! हर जुल्म और अत्याचार के खिलाफ लड़ें — यही हमारा नारा है!
इस विज्ञप्ति में हुसैन दलवई, अशोकराव जाधव, सोनाली घाग, उदय घाग, सुमति जांभेकर, भरत लक्षे, राजन इंदुलकर, एडवोकेट संकेता साल्वी, सुबोध सावंतदेसाई, तुलसीराम पवार, नीलेश भोसले, एहिम दलवई, अजीम सुवा, गुलाबराव राजे, फैसल देसाई, अबेश मोरे, शाहनवाज शाह, डॉ. मधुकर शिंगे, के. शो लांबे, बशीर बाबेल, संजय बुरटे, अंकुश काटे, चंद्रकांत चालके, साईं ठाकुर, राज अंबर, संजीव थसले और संदीप अंबर के नाम शामिल हैं।
Related

प्रतीकात्मक तस्वीर; साभार : हिंदुस्तान
महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में केमिकल कंपनियों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। इसको लेकर गुरुवार, 8 जनवरी, 2026 को सुबह 11.00 बजे कंपनी गेट पर प्रदर्शन करने का आह्वान किया गया है। जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि सुबह 10.30 बजे लोटे के एचेल फाटा पर इकट्ठा हों।
इसमें कहा गया है कि कोंकण में केमिकल कंपनियों ने पहले ही बड़े पैमाने पर वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण किया है। MIDC इलाके में कई नागरिक कैंसर, टीबी और अन्य बीमारियों से प्रभावित हुए हैं।
लक्ष्मी ऑर्गेनिक पीएफएएस विरोधी संघर्ष समिति की विज्ञप्ति में कहा गया है:–
“ऑर्गेनिक केमिकल इंडस्ट्री को बंद करो!
यह संघर्ष, अगर अभी नहीं, तो कभी नहीं…..!
गुरुवार, 8 जनवरी, 2026 को सुबह 11.00 बजे,
चलो, परशुराम! … चलो, परशुराम! ….. चलो, परशुराम!…”
आगे कहा गया है कि, “महाराष्ट्र राज्य सरकार के अधीन इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MIDC) और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने कंपनियों और उद्योगों पर वैसी निगरानी नहीं रखी, जैसी रखनी चाहिए थी। इस बीच, इटली में मिट्टेनी नाम की एक कंपनी, जो एक बड़ी प्रदूषक और मानव जीवन के लिए खतरा है, लक्ष्मी ऑर्गेनिक के नाम से जानी जाने लगी है। इटली में इस कंपनी के प्रदूषण से साढ़े तीन लाख लोग प्रभावित हुए हैं और कम से कम चार हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इसी कारण इटली की सरकार ने इस कंपनी को बंद कर दिया था। कंपनी के मालिक और संस्थापक को जेल हुई और साढ़े चौदह साल की सजा सुनाई गई। एक साल बाद, कंपनी के मालिक ने कंपनी की सभी संपत्तियां खरीद लीं और 2020–21 में कंपनी फिर से शुरू की। कंपनी के मालिक ने मिट्टेनी कंपनी के एक एग्जीक्यूटिव को अपनी कंपनी में डायरेक्टर भी नियुक्त किया।”
इसमें कहा गया है कि, “यह कंपनी पीएफएएस नाम का एक जहरीला केमिकल बनाती है, जो कभी डीकंपोज़ नहीं होता। कैंसर पैदा करने वाला केमिकल बनाने वाली कंपनी को बंद करो और कोंकण के लोगों तथा कोंकण की प्रकृति को बचाओ!”
विज्ञप्ति के अनुसार, “ये केमिकल कैंसर, दिल की बीमारियां तथा लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इतना ही नहीं, इनका इंसानी प्रजनन क्षमता पर भी गंभीर असर पड़ता है। इसी वजह से इटली की सरकार ने इस मिट्टेनी कंपनी को बंद किया। लक्ष्मी ऑर्गेनिक केमिकल कंपनी ने इस मिट्टेनी कंपनी को उसी रूप में अपने में मिला लिया। इस कंपनी की सभी संपत्तियां भारत लाकर लोटे परशुराम ऑर्गेनिक केमिकल्स के नाम से यहां स्थापित कर दी गईं। इसके दुष्परिणाम आसपास के 200 किलोमीटर के इलाके में नजरअंदाज नहीं किए जा सकते।”
“आइए, हम सब मिलकर इस कंपनी को बंद करें ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां बर्बाद न हों!”
इसमें आगे कहा गया है कि, “सरकार यह हथियार किसके लिए और किस उद्देश्य से लाई है? क्या सरकार ने सच में इसकी नुकसान पहुंचाने वाली ताकत पर विचार किया है, या हमें इस पर आंख मूंदकर भरोसा करना चाहिए? एक तरफ कंपनी के अधिकारी मानते हैं कि यहां बनने वाला पीएफएएस एक खतरनाक केमिकल है और दूसरी तरफ सरकार कान बंद करके ऐसा दिखावा करती है, जैसे उसे कुछ पता ही नहीं। जनता को जानबूझकर धोखा दिया जा रहा है। यह खेल जनता की जान के साथ खेला जा रहा है और इसे रोकना होगा। इसी के लिए गुरुवार, 8 जनवरी, 2026 को सुबह 11.00 बजे कंपनी गेट पर प्रदर्शन किया जाएगा। हम आपसे निवेदन करते हैं कि सुबह 10.30 बजे लोटे के एचेल फाटा पर इकट्ठा हों।”
हवा साफ हो, पानी साफ हो!
दो निवाले चैन से खाए जाएं!
सुखी और संतुष्ट सोएं, सावन आए!
अतः समस्त जनता के जनहित के लिए यह संघर्ष अपरिहार्य है।
आओ! हर जुल्म और अत्याचार के खिलाफ लड़ें — यही हमारा नारा है!
इस विज्ञप्ति में हुसैन दलवई, अशोकराव जाधव, सोनाली घाग, उदय घाग, सुमति जांभेकर, भरत लक्षे, राजन इंदुलकर, एडवोकेट संकेता साल्वी, सुबोध सावंतदेसाई, तुलसीराम पवार, नीलेश भोसले, एहिम दलवई, अजीम सुवा, गुलाबराव राजे, फैसल देसाई, अबेश मोरे, शाहनवाज शाह, डॉ. मधुकर शिंगे, के. शो लांबे, बशीर बाबेल, संजय बुरटे, अंकुश काटे, चंद्रकांत चालके, साईं ठाकुर, राज अंबर, संजीव थसले और संदीप अंबर के नाम शामिल हैं।
Related
‘शस्त्र पूजन’ परियोजना: हथियार-पूजा की परंपरा को सत्ता और घृणा के प्रचार में बदलने की प्रक्रिया