मोदी अगर 15 अमीर दोस्तों का क़र्ज़ माफ़ कर सकते हैं तो किसानों का क्यों नहीं- राहुल गांधी

Written by Sabrangindia Staff | Published on: December 1, 2018
शुक्रवार को किसान मुक्ति मार्च में सिरकत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार पर जमकर हमले किए. कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर किसानों के साथ धोख़ा करने का आरोप लगाया. उन्होने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 15 अमीर दोस्तों का साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का का क़र्ज़ माफ़ कर सकते हैं तो करोड़ों किसानों का क़र्ज़ माफ़ करने में उनको परेशानी क्यों है.



गांधी ने कहा कि मोदी सरकार के पास किसानों की बात सुनने का वक्त नहीं है. बता दें कि किसान कृषि क़र्ज़ से मुक्ति और फसल की डेढ़ गुना कीमत दिलाने के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर संसद मार्ग पर प्रदर्शन कर रहे थे.

कांग्रेस अध्यक्ष ने क़र्ज़ माफ़ी की मांग को जायज ठहराया और कहा, ‘किसान, मोदी जी से अनिल अंबानी का हवाई जहाज नहीं मांग रहा है, किसान सिर्फ़ यह कह रहा है कि अगर आप अनिल अंबानी को हिंदुस्तान की एयरफोर्स का 30,000 करोड़ रुपये दे सकते हैं, अगर आप अपने 15 मित्रों को 3 लाख 50 हज़ार करोड़ रुपये दे सकते हैं, तो हमारी मेहनत के लिए, हमारे ख़ून के लिए, हमारे पसीने के लिए, आपको हमारा क़र्ज़ माफ़ करके देना ही पड़ेगा.’

उन्होंने किसान के भविष्य और युवाओं के लिए रोजगार को सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा, ‘पिछले साढ़े चार साल में नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने हिंदुस्तान के 15 सबसे अमीर लोगों का साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का क़र्ज़ माफ किया है. अब साढ़े बारह लाख करोड़ रुपये जिसे नरेंद्र मोदी जी, अरुण जेटली जी एनपीए कहते हैं, आने वाले समय में वो क़र्ज़ माफ़ करना चाहते हैं.’

गांधी ने किसानों की क़र्ज़ माफ़ी का भरोसा दिलाते हुए कहा, ‘अगर 15 लोगों का साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये क़र्ज़ माफ किया जा सकता है, तो हिंदुस्तान के करोड़ों किसानों का भी कर्जा माफ़ किया जाएगा.’

क़ानून बनाकर किसानों की समस्या का स्थायी समाधान निकाले जाने की मांग का समर्थन करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘क़ानून बनाना हो, जो भी करना हो, आप हमें बताइए, जो भी आप कहेंगे, हम आपके साथ खड़े होकर दिखाएंगे.’

उन्होंने कहा कि इस समय देश में दो मुद्दे सबसे गंभीर हैं. पहला युवाओं के रोज़गार का संकट और दूसरा किसान का संकट. लड़ाई किसान और युवाओं के भविष्य की है.

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