क्या ब्रिटेन भी कोविड 19 के डेटा मैनिपुलेशन पर झूठ बोल रहा है?

Written by Girish Malviya | Published on: August 2, 2020
कोरोना से हुई मौतो को लेकर डेटा मैनिपुलेशन किया जा रहा है। हार्ट अटैक से हुई मृत्यु को कोरोना से हुई मृत्यु दिखाया जा रहा है। यह बात अप्रैल में डोनाल्ड ट्रम्प ने खुद कही, लेकिन किसी ने यकीन नही किया? भारत मे 10 मई को ICMR के अस्पतालो को दिए गए निर्देशों के बाद कोविड मौतों की संख्या बढ़ने लगी लेकिन हम चुप्पी ओढ़कर बैठे रहे।



लेकिन अब आप क्या कहेंगे आप ? ब्रिटेन में 46 हजार 119 कोविड 19 से हुई मौतों को दर्ज किया गया, विश्व में वह कोरोना से हुई मौत में वह तीसरे नंबर पर था कल ही मेक्सिको ने उसे पीछे किया है लेकिन यदि ब्रिटेन की कोविड मृत्यु के डेटा को आप ध्यान से देखेंगे तो आप पाएंगे कि पिछले 2 महीने से उसकी मृत्यु दर में बहुत कमी आयी है।

जैसे ही मई में यूके सरकार ने अर्थव्यवस्था को आंशिक रूप से फिर से खोलने की घोषणा की उसकी मृत्यु दर में आश्चर्यजनक कमी आना शुरू हो गयी। 1 जून से वहाँ भी अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई। जुलाई में खबर आई कि यूके सरकार ने कोरोना के गलत आंकड़े प्रदर्शित होने की संभावना का पता लगाने के बाद दैनिक कोरोनावायरस टैली के प्रकाशन को रोकने का फैसला किया है। ऐसा क्यों किया गया इसकी वजह भी बहुत दिलचस्प है।

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने सार्वजनिक स्वास्थ्य इंग्लैंड (PHE) से कहा कि वह कोरोना के अपने विश्लेषण की समीक्षा करे, दैनिक मौत के आंकड़ों के उनके आकलन की तत्काल समीक्षा करने के लिए कहा।

लोकल अखबारों ने अपने सूत्रों की सहायता से यह रिपोर्ट दी कि इंग्लैंड में ऐसी मृत्यु को कोरोना में दर्ज किया जा रहा है जिसका बारे में पता लगा है कि फरवरी में उसे कोविड पॉजिटव पाया गया कुछ दिनों में वह ठीक हो गया, लेकिन फिर जुलाई में एक बस से टकराया और उसे एक कोविड की मृत्यु के रूप में दर्ज किया गया।

मई की शुरुआत में कोरोना वायरस से UK में 31 हजार से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी थी अब वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी थी कि ब्र‍िटेन में महामारी बेकाबू हो सकती है और 7 लाख लोगों की कोरोना वायरस से मौत हो सकती है। लेकिन जैसे ही कोरोना से हुई मृत्यु के आंकड़ों की समीक्षा की गई अचानक से मौतें थम सी गयी।

अब आप कहेंगे कि अमेरिका में मृत्यु इतनी अधिक कैसे हो रही है डोनाल्ड ट्रंप ने 15 अप्रैल को न्यूयॉर्क में बढ़ती कोरोना मृत्यु के बारे में बयान दिया "I see this morning where New York added 3,000 [sic] deaths because they died, and they're not saying—rather than, 'It was a heart attack’—they're saying, 'It was a heart attack caused by this,’ so they're adding."

लेकिन ट्रम्प को विश्व मीडिया ने जोकर साबित कर रखा है तो कोई उसकी बात पर विश्वास क्यो करता लेकिन अब ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा कोरोना मृत्यु के आंकड़ों की पुनः समीक्षा करने से यह साफ है कि ट्रम्प सही कह रहे थे।

भारत मे बड़े पैमाने पर मृत्यु को कोरोना खाते में इसलिए भी डाला जा रहा होगा क्योंकि हमारी स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है, हस्पताल पहले भी कोई खाली नही रहते थे उनमें पहले भी लाइन लगी रहती थी। अब हो ये रहा है कि हार्ट अटैक या अन्य जानलेवा बीमारियों से हुई मौतों को आप कोरोना के खाते में डाल दीजिए। मृत व्यक्ति के परिजन तक सवाल पूछना तो दूर लाश उठाने से भी डरेंगे।

आज यह सब बाते आपको समझ मे नही आएगी लेकिन जैसे ब्रिटेन में सच सामने आया है वैसे ही एक दिन सच सामने आएगा जरूर।

बाकी ख़बरें