फ्रेंच रिसर्चर का दावा: LPG कंपनी इंडेन के 76 लाख ग्राहकों के आधार की डिटेल लीक

Written by sabrang india | Published on: February 19, 2019
नई दिल्ली। पिछले साल आधार डेटा को लेकर लंबी बहस चली थी। आधार डेटा को यूआईडीएआई हमेशा से सुरक्षित बताता आया है। लेकिन तमाम तरह की कंपनियों के माध्यम से आधार डेटा लीक होने की खबरें सामने आती रही हैं। ताजा मामला इंडेन गैस ऐजेंसी का सामने आया है। 

एक फ्रेंच रिसर्चर ने अपनी स्टडी में दावा किया है कि देश की नामी घरेलू गैस वितरण कंपनी इंडेन में जमा लाखों लोगों के आधार नंबर की डिटेल्स लीक हो गई है।  इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन के मालिकाना हक वाली कंपनी पर डीलर्स और डिस्ट्रिब्यूटर्स की ओर से दिए गए आधार नंबरों को लीक करने का आरोप है। यदि यह बात सही है तो यह निजता के उल्लंघन का अहम मामला है। 

ऑनलाइन हैंडल पर इलियट एल्डरसन नाम से मौजूद बाप्टिस्ट रॉबर्ट ने पहले भी आधार लीक के मामलों को उजागर किया है। उन्होंने सोमवार रात को एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए कहा कि 67 लाख डीलर्स और डिस्ट्रिब्यूटर्स का आधार डेटा लीक हुआ है। 

एल्डरसन ने लिखा, 'लोकल डीलर्स के पोर्टल्स पर ऑथेंटिकेशन की कमी के चलते इंडेन ग्राहकों के आधार नंबर पर दर्ज नाम, पते और अन्य जानकारियों को लीक कर रहा है।' कस्टम बिल्ट स्क्रिप्ट के जरिए एल्डरसन ने 11,000 डीलर्स के पास मौजूद 67 लाख कस्टमर्स के आधार डेटा को हासिल कर लिया। हालांकि इंडेन ने बाद में उसके आईपी एड्रेस को ब्लॉक कर दिया। 

रॉबर्ट के मुताबिक पाइथन स्क्रिप्ट नाम के तकनीकी कोड के जरिए उन्होंने 11,000 डीलर्स के लॉगिन आईडी हासिल कर लिए। इनमें से 9,490 डीलर से जुड़े 58 लाख 26 हजार 116 ग्राहकों के डेटा अगले 1-2 दिन में ही एक्सेस हो गए। बाद में इण्डेन ने आईपी एड्रेस ब्लॉक कर दिया था। 

रिसर्चर के मुताबिक आईपी एड्रेस ब्लॉक होने की वजह से वो बाकी 1,572 डीलर की जांच नहीं कर पाए। लेकिन, इनसे जुड़े ग्राहकों को भी शामिल किया जाए तो कुल 67 लाख 91 हजार 200 ग्राहकों का डेटा लीक हो सकता था।

11 महीने में दूसरी बार इण्डेन का डेटा लीक
यह दूसरी बार है जब इण्डेन गैस के ग्राहकों का डेटा लीक हुआ है। इससे पहले मार्च 2018 में भी कंपनी के ग्राहकों की डिटेल लीक हुई थी।

 

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