किसान आंदोलन: पोस्टमॉर्टम में शुभकरण को गोली लगने का खुलासा, 3 मार्च को अंतिम अरदास तक टाला गया दिल्ली कूच पर फैसला

Written by Navnish Kumar | Published on: March 1, 2024
MSP आदि मांगों को लेकर हरियाणा सीमा शंभू बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने दिल्ली कूच पर फैसले को 3 मार्च तक के लिए टाल दिया है। अब किसान शुभकरण के लिए 3 मार्च को अंतिम अरदास के बाद ही इस बारे में फैसला किया जाएगा। खास है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में युवा किसान शुभकरण को गोली लगने की पुष्टि हुई है। मामले में पंजाब पुलिस ने पटियाला के पांतड़ा पुलिस थाने में शुभकरण के पिता चरणजीत सिंह के बयानों पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या) व 114 (अपराध के वक्त उकसाने वाले की मौजूदगी) के तहत एफआईआर दर्ज की है।


किसान आंदोलन में मारे गए शुभकरण सिंह

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जगजीत दल्लेवाल ने शुक्रवार को कहा कि शुभकरण की आध्यात्मिक शांति के लिए 3 मार्च को अंतिम अरदास की जाएगी, जिसके बाद ही अब आगे बढ़ने का फैसला लिया जाएगा। शुभकरण का 29 फरवरी को ही अंतिम संस्कार किया गया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की 6 सदस्यीय ‎कोर्डिनेशन कमेटी ने दिल्ली कूच ‎कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (गैर‎राजनीतिक) और किसान मजदूर ‎मोर्चा से तालमेल करना शुरू कर दिया‎ है। किसान नेताओं के अनुसार बहुत जल्द आंदोलन को बड़े स्तर पर उठाया जाएगा। 

पंजाब-हरियाणा के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर एमएसपी गारंटी कानून सहित अन्य मांगों को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के 17 दिन पूरे हो गए हैं। बुधवार देर रात्रि एफआईआर दर्ज होने के बाद पटियाला के राजिन्द्रा अस्पताल में डॉक्टरों के बोर्ड ने खनौरी बॉर्डर पर शहीद शुभकरण के शव का पोस्टमार्टम किया और बठिंडा के गांव बल्लो में किसानों द्वारा श्रद्धांजलि देकर अंतिम संस्कार किया गया। इसके चलते वीरवार सारा दिन शंभू बॉर्डर पर गहमा-गहमी रही व भारी भीड़ पहुंची। इतना ही नहीं महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग भी केंद्र व हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। शंभू बॉर्डर पर ही वीरवार को रिटायर्ड फौजी, आढ़ती, व्यापारी व अन्य प्रदेशों से भी लोग पहुंचे।

बॉर्डर पर जुटी भारी भीड़, बच्चों और महिलाओं में दिखा जोश  

किसान परिवारों से पहुंची महिलाओं के जोश में कोई कमी नहीं दिखी अपने हाथों में माइक पकड़कर जहां केंद्र व हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती दिखीं वहीं लोगों को जागरूक करने के लिए किसानों द्वारा मांगी जा रही एमएसपी व अन्य मांगों के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी देती रहीं उनके इस संघर्ष में बच्चे भी नारेबाजी करते नजर आए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बॉर्डर पर ही दूध, लस्सी, खीर, लड्डू, दाल-रोटी के जगह-जगह लंगर चलते रहे ताकि हजारों की संख्या में पहुंचे लोग भूखे न रह सकें। शंभू बॉर्डर पर ही भिंडरावाला, अमृतपाल व दीप सिद्धू के पोस्टर भी लगाए गए हैं। इसके अलावा महिलाओं के रहने के लिए अलग से ट्राले को झोपड़ी में तबदील किया गया है। वहीं, नौजवान ट्रैक्टरों के आगे लगे स्टैंड पर बैठकर नारेबाजी करते दिखे और युवकों में जोश भरने का कार्य करते रहे। यही नहीं, शंभू बॉर्डर पर ही हादसे में घायल होने के बाद भी नर्स हिना जख्मी किसानों की सेवा करती नजर आ रही है। हिना ने बताया कि वह पेशे से जलंधर में स्टाफ नर्स हैं थोड़े दिन पहले दुर्घटना हो गई थी, जिससे उनके घुटने में चोट आ गई और वह पूरी तरह चल फिर नहीं सकतीं। इसके बावजूद भी वह किसानों के धरने में पिछले 17 दिनों से अपने साथियों के साथ दवाएं भी साथ लेकर आई हैं जो किसानों की सेवा को ही अपना धर्म समझती हैं।

इतना ही नहीं शंभू बॉर्डर पर करीब 10 स्थायी क्लीनिक चल रहे हैं जो किसानों की हर बीमारी का उपचार कर रहे हैं बॉर्डर पर 12 से ज्यादा एंबुलेंस हर वक्त तैयार खड़ी हैं किसी भी किसान की तबीयत खराब होती है वह फौरन उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाते हैं। मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी 24 घंटे मौजूद रहती है ताकि किसी भी प्रकार से कोई अनहोनी न हो सके।

शुभकरण को लगी थी गोली 

किसान आंदोलन में 21 फरवरी को नौजवान शुभकरण को हरियाणा के जिला जींद के गढ़ी में सिर में गोली लगी थी। यह खुलासा इस मामले में बुधवार देर रात पटियाला पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में हुआ है। पिता चरनजीत सिंह की ओर से पातड़ां पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक बेटा शुभकरण उनसे केवल पांच कदम आगे था, जब हरियाणा की तरफ से चलाई गोली उसके सिर में पीछे की तरफ लगी। गोली लगते ही वह नीचे गिर गया और तुरंत ही उसे एंबुलेंस में डालकर अस्पताल ले जाया गया। लेकिन एक घंटे के बाद ही उन्हें सूचना मिली कि शुभकरण की मौत हो गई है। पंजाब पुलिस ने पटियाला के पांतड़ा पुलिस थाने में शुभकरण के पिता चरणजीत सिंह के बयानों पर अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) व 114 (अपराध के वक्त उकसाने वाले की मौजूदगी) के तहत एफआईआर दर्ज की।

बुधवार रात पुलिस ने एफआईआर की कॉपी किसान संगठनों के नेताओं को दिखाई और उसके बाद साढ़े ग्यारह बजे पांच डॉक्टरों के पैनल ने शुभकरण के शव का पोस्टमार्टम शुरू किया। खास है कि शुभकरण की मौत 21 फरवरी को हुई थी और किसान संगठन इस बात पर अडिग थे कि पहले इस मामले में हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज और पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए, उसके बाद शुभकरण सिंह का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार होगा। 29 फरवरी को शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान मोर्चे की अगुवाई कर रहे किसान संगठनों को दिल्ली कूच की बाबत अहम फैसला लेना था। पंजाब सरकार चाहती थी कि उससे पहले शुभकरण का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार हो जाए। इसलिए भी कि इस मामले में भगवंत मान सरकार की भी किरकिरी हो रही थी।

युवा किसान की मौत पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि शुभकरण को इंसाफ दिलाने के लिए सरकार हर संभव कोशिश करेगी। उसकी मौत के लिए दोषियों के खिलाफ बाकायदा जांच करके केस दर्ज किया जाएगा और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके बाद शुभकरण के परिजनों को पंजाब सरकार की ओर से एक करोड़ रूपए और उसकी बहन को नौकरी की घोषणा की गई। लेकिन किसान संगठन और मृतक किसान के परिजन इस पर अड़ गए कि पहले पंजाब पुलिस धारा-302 के तहत मामला दर्ज करे। उसके बाद सरकारी पेशकश कबूल की जाएगी। हफ्ते भर से सरकार और राज्य पुलिस की ओर से कोई पहल कदमी नहीं की गई। उल्टा पंजाब पुलिस के अफसरों ने यह कहकर मामला उलझा दिया कि वाकया हरियाणा का है, पंजाब में एफआईआर नहीं दर्ज की जा सकती। गुस्साए हजारों किसान राजेंद्रा अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए और मोर्चरी को घेर लिया। किसानों ने शुभकरण का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। पंजाब सरकार के लिए यह मामला बड़ी मुसीबत का सबब बनता जा रहा था। किसान संगठनों के साथ-साथ विपक्ष भी उसे घेर रहा था। आखिर बुधवार को रास्ता निकाला गया और देर रात जीरो एफआईआर दर्ज कर ली गई।

घटनास्थल हरियाणा के जींद जिले के गढ़ी में दिखाया गया है। बठिंडा और संगरूर के एसएसपी एफआईआर की कॉपी के साथ अस्पताल पहुंचे। इसके बाद किसान शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए राजी हो गए। मौके पर शुभकरण के परिवार के सदस्य भी थे। इसके बाद किसान संगठनों ने अस्पताल और मोर्चरी के बाहर की घेराबंदी उठा ली। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के अध्यक्ष जगजीत सिंह दल्लेवाल के अनुसार, “पंजाब सरकार ने शुभकरण सिंह की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज करने, परिवार को एक करोड़ रुपए की नगद आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की शर्तें मंजूर कर लीं। लिहाजा पोस्टमार्टम के लिए रजामंदी हुई। शुभकरण का अंतिम संस्कार बठिंडा जिले के उसके पुश्तैनी गांव बल्लो में किया गया। उससे पहले मृतक देह खनौरी बॉर्डर अंतिम दर्शनों के लिए रखी गई।” वीरवार को अंतिम संस्कार के बाद संयुक्त किसान मोर्चा की लुधियाना में बैठक हुई।

हाईकोर्ट ने भी की सख्त टिप्पणी- आप सरकार हैं आतंकवादी नहीं, जो किसानों पर गोलियां चला रहे

किसान आंदोलन में शुभकरण की मौत के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को कड़ी  फटकार लगाते हुए कहा कि आप सरकार हैं आतंकवादी नहीं जो इस प्रकार किसानों पर गोलियां चलाई जा रही हैं। मौत की न्यायिक जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। इससे पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया व जस्टिस लपिता बनर्जी की पीठ ने शुभकरण की मौत के बाद एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी के लिए हरियाणा व पंजाब दोनों राज्यों को जमकर फटकार लगाई।

हाईकोर्ट ने कहा कि एक सप्ताह तक शव को रखा गया और जांच आरंभ नहीं की गई। मौत प्राकृतिक नहीं थी तो ऐसे में क्यों पोस्टमार्टम व एफआईआर दर्ज करने में इतनी देरी हुई। इस पर पंजाब सरकार ने बताया कि गत दिवस एफआईआर दर्ज कर पोस्टमार्टम किया जा चुका है। इस मामले में हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आ जाए फिर हम इस मामले में आवश्यक आदेश जारी करेंगे। इस मामले में हाईकोर्ट के रिटायर जज से जांच करवाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर हरियाणा, पंजाब व केंद्र को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। इस दौरान इंटरनेट सेवाएं बंद करने पर भी हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

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