तीस्ता सेतलवाड़ की गिरफ्तारी की निंदा, मानवाधिकार रक्षक के समर्थन में उतरे संगठन

Written by Sabrangindia Staff | Published on: June 26, 2022
मानवाधिकार रक्षक और सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) की सचिव तीस्ता सेतलवाड़ की गिरफ्तारी के बाद से ही नागरिक समाज व प्रबुद्धजन उनके समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। 


जाकिया जाफरी की याचिका रद्द होने के एक दिन बाद मानवाधिकार रक्षक और सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) की सचिव तीस्ता सेतलवाड़ को गुजरात एटीएस ने मुंबई स्थित उनके पैतृक आवास से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद से ही विभिन्न संगठन व एक्टिविस्ट्स ने उनके समर्थन में उतर आए हैं। 

अखिल भारतीय वन-जन श्रमजीवी यूनियन ने बयान जारी कर गिरफ्तारी की निंदा की है। यूनियन ने बयान जारी कर निंदा प्रस्ताव में लिखा है- ''देश की जानी-मानी मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार तीस्ता सेतलवाड़ को गुजरात एटीएस द्वारा हिरासत में लिए जाने और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने की खबर सभी को हैरान परेशान करने वाली है। हम, अखिल भारतीय वन-जन श्रमजीवी यूनियन सरकार की इस अन्यायपूर्ण और दमनकारी कार्यवाही की पुरजोर निंदा करते हैं।''

संगठन ने बयान में आगे लिखा है- ''तीस्ता जी लंबे समय से वंचितों, पीड़ितों और शोषितों की आवाज बनी थीं। सरकार ने इन सभी आवाजों का गला घोंटने के लिए यह निंदनीय कार्यवाही की है। याद रहे आज ही के दिन सन 1976 में देश में इमरजेंसी थोपते हुए लाखों निर्दोष लोगों को जेलों में ठूंसा गया था। विडंबना है कि आज ही के दिन गुजरात पुलिस द्वारा उनको गिरफ्तार किया गया है। हम इसकी पुरजोर निंदा करते हुए तीस्ता जी के साथ खड़े हैं।''



सीजेपी ने विज्ञप्ति जारी कर मानवाधिकार रक्षक के साथ गुजरात एटीएस द्वारा अभद्रता किए जाने की भी बात कही गई है। लगभग 5:30 बजे, अहमदाबाद ले जाने से ठीक पहले, सेतलवाड़ ने सांताक्रूज़ पुलिस स्टेशन में एक हस्तलिखित शिकायत दर्ज की, जिसमें कहा गया था, "मुझे अपनी जान का खतरा है।" सेतलवाड़ ने अपनी शिकायत में एटीएस अहमदाबाद के पुलिस इंस्पेक्टर जेएच पटेल का नाम लिया और कहा कि वह और एक महिला अधिकारी सिविल कपड़ों में उनके बेडरूम में आए और जब उन्होंने अपने वकील से बात करने की मांग की तो उनके साथ धक्का-मुक्की की। अपनी शिकायत में, सेतलवाड़ ने यह भी कहा है कि हमले से उनका बायां हाथ चोटिल हो गया, और उनके वकील के आने तक उन्हें प्राथमिकी या वारंट नहीं दिखाया गया था।

नेटिजंस तीस्ता सेतलवाड़ की गिरफ्तारी पर आवाज उठा रहे हैं। CPI (M) ने गिरफ्तारी के विरोध में 26 जून शाम 5 बजे  प्रतिवाद मार्च रखा है। वाम मोर्चा कोलकाता में मानवाधिकार रक्षक तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आयोजन कर रहा है।  



रिहाई मंच गुजरात एटीएस द्वारा वरिष्ठ मानवाधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और पूर्व आईपीएस आरबी श्रीकुमार की गिरफ्तारी की निंदा की है। मंच ने इसे मोदी सरकार की बदले की कार्रवाई करार देते हुए उनकी रिहाई और झूठे आरोपों को वापस लेने की मांग की। 

तीस्ता सेतलवाड़ की गिरफ्तारी के तरीके और समय को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। जिस तरह से जाकिया जाफरी की याचिका रद्द किए जाने के एक दिन बाद गृहमंत्री अमित शाह ने एक इंटरव्यू के दौरान तीन लोगों के नाम प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी को बदनाम करने के लिए लिये, उसके अगले ही दिन एटीएस द्वारा बगैर नोटिस सर्व किए मानवाधिकार रक्षक की गिरफ्तारी की गई उसपर लोग सवाल उठा रहे हैं। 





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