बिहार: राजगीर के झुंकिया बाबा मंदिर मेले में गए दो दलित युवकों की भीड़ ने चोर समझकर पीट-पीटकर हत्या की

Written by sabrang india | Published on: June 19, 2026
मामले की जांच के लिए राजगीर डीएसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर दी गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।


फोटो साभार : द मूकनायक

बिहार के राजगीर स्थित प्रसिद्ध झुंकिया बाबा मंदिर में मलमास मेले में गए दो दलित युवकों की भीड़ ने चोरी के संदेह में पीट-पीटकर हत्या कर दी। सोमवार तड़के हुई इस घटना में पिंटू पासवान (24) और श्रवण पासवान (18) भीड़ की हिंसा का शिकार बन गए।

चोरी के संदेह में दोनों युवकों को लाठियों और डंडों से बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। दोनों युवक दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर गांव के निवासी थे। यह घटना न केवल उनके परिवारों के लिए बेहद दुखद और पीड़ादायक है, बल्कि भीड़ हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

द मूकनायक की रिपोर्ट के अनुसार, अखिल भारतीय महामंडलेश्वर महंत अंतर्यामी शरण ने स्थानीय मीडिया को बताया कि पिछले कुछ दिनों में मंदिर परिसर में चोरी की कई घटनाएं हुई थीं, जिससे श्रद्धालुओं में आक्रोश था। मलमास मेले के कारण रविवार रात मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालु मौजूद थे।

घटना सोमवार तड़के लगभग 3:30 बजे की बताई जा रही है। बताया जाता है कि चार युवक पंगत क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में प्रवेश कर गए थे। उनकी गतिविधियों पर संदेह होने पर स्थानीय लोगों ने उनका पीछा किया। इस दौरान भागते समय दो युवक गिर पड़े, जिन्हें लोगों ने पकड़ लिया। पहले उनके साथ कहासुनी हुई, जिसके बाद चोरी के संदेह में भीड़ ने लाठियों और डंडों से उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी।

स्थिति बिगड़ती देख मंदिर की सुरक्षा टीम ने हस्तक्षेप किया और दोनों युवकों को भीड़ से बचाकर राजगीर पुलिस के हवाले कर दिया।

घायलों को पहले सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया गया। हालांकि, उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच के साथ-साथ मृतकों की पृष्ठभूमि और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

नालंदा के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने बताया कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “यह दोहरी हत्या का मामला है। दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।”

मृतक पिंटू पासवान की मां सरोज देवी ने बताया कि उनका बेटा दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। पिता के निधन के बाद वह परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य बन गया था। पिंटू पांच भाइयों और तीन बहनों में सबसे बड़ा था।

सरोज देवी ने कहा, “मुझे नहीं पता कि मेरा बेटा मंदिर के पास किस कारण से गया था। उसे और उसके दोस्त को बेरहमी से पीटा गया, जिसके कारण उनकी जान चली गई। हम मांग करते हैं कि इस घटना में शामिल सभी दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।”

राजगीर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित कर दिया गया है और क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं, बहुजन और दलित संगठनों ने सोशल मीडिया पर घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।

ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में 33 वर्षीय एक दलित व्यक्ति की कथित तौर पर तीन लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब आरोपियों ने शराब पीने के दौरान उससे अपने पैर दबाने को कहा और उसने इससे इनकार कर दिया।

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश में शव को सड़क पर फेंक दिया था।

ललितपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कालू सिंह के अनुसार, रविवार सुबह कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि गुरुनानक धर्मशाला के पास वर्णी जैन कॉलेज के पीछे सड़क पर एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है।

मृतक की पहचान राजकुमार उर्फ छन्नू (33) के रूप में हुई, जो अनुसूचित जाति समुदाय से था।

सिंह ने पीटीआई को बताया, “व्यक्ति की पहचान राजकुमार उर्फ छन्नू के रूप में हुई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।”

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