यह घटना जरोठी रोड पर हुई, जहां नसीम अखबार के लिए विज्ञापन मांगने के उद्देश्य से एक आटा मिल के मालिक (व्यवसायी) से मिलने गए थे।

फोटो साभार : द ऑब्जर्वर पोस्ट
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में हिंदी दैनिक ‘दैनिक जनवाणी’ के लिए काम करने वाले पत्रकार मोहम्मद नसीम अहमद की दिवाली के एक विज्ञापन को लेकर हुए विवाद के बाद कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
द ऑब्जर्वर पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना जरोठी रोड पर हुई, जहां नसीम अखबार के लिए विज्ञापन मांगने के उद्देश्य से एक आटा मिल के मालिक (व्यवसायी) से मिलने गए थे।
प्रत्यक्षदर्शी सलाउद्दीन के अनुसार, व्यवसायी ने विज्ञापन देने से मना कर दिया। जब नसीम और सलाउद्दीन वहां से निकल रहे थे, तो सात-आठ लोगों के एक समूह ने उन्हें कथित तौर पर रोक लिया, उन्हें “फर्जी पत्रकार” कहा और उन पर हमला कर दिया।
बताया जा रहा है कि नसीम और सलाउद्दीन को बुरी तरह पीटा गया। खबरों के मुताबिक, नसीम को गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शी ने हमले के बारे में बताया
घटना के समय मौजूद रहे सलाउद्दीन ने पूरी घटना का विवरण देते हुए बताया कि विज्ञापन को लेकर हुए विवाद के बाद ही यह हमला हुआ।
उन्होंने दावा किया कि हमला करने से पहले उन दोनों को “फर्जी पत्रकार” होने का आरोप लगाया गया था। इस हमले में सलाउद्दीन भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस टकराव के पीछे की सटीक परिस्थितियां क्या थीं और इसमें शामिल लोगों की पहचान क्या है, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है।
पुलिस ने जांच शुरू की
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।
खबरों के अनुसार, मौके पर तीन थानों की पुलिस तैनात की गई थी।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई के बारे में अभी कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, हापुड़ देहात थाने में चार नामजद लोगों और कई अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। हापुड़ देहात थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) पारस मलिक ने बताया, “हमने इस मामले में पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया है।”
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फोटो साभार : द ऑब्जर्वर पोस्ट
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में हिंदी दैनिक ‘दैनिक जनवाणी’ के लिए काम करने वाले पत्रकार मोहम्मद नसीम अहमद की दिवाली के एक विज्ञापन को लेकर हुए विवाद के बाद कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
द ऑब्जर्वर पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना जरोठी रोड पर हुई, जहां नसीम अखबार के लिए विज्ञापन मांगने के उद्देश्य से एक आटा मिल के मालिक (व्यवसायी) से मिलने गए थे।
प्रत्यक्षदर्शी सलाउद्दीन के अनुसार, व्यवसायी ने विज्ञापन देने से मना कर दिया। जब नसीम और सलाउद्दीन वहां से निकल रहे थे, तो सात-आठ लोगों के एक समूह ने उन्हें कथित तौर पर रोक लिया, उन्हें “फर्जी पत्रकार” कहा और उन पर हमला कर दिया।
बताया जा रहा है कि नसीम और सलाउद्दीन को बुरी तरह पीटा गया। खबरों के मुताबिक, नसीम को गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शी ने हमले के बारे में बताया
घटना के समय मौजूद रहे सलाउद्दीन ने पूरी घटना का विवरण देते हुए बताया कि विज्ञापन को लेकर हुए विवाद के बाद ही यह हमला हुआ।
उन्होंने दावा किया कि हमला करने से पहले उन दोनों को “फर्जी पत्रकार” होने का आरोप लगाया गया था। इस हमले में सलाउद्दीन भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस टकराव के पीछे की सटीक परिस्थितियां क्या थीं और इसमें शामिल लोगों की पहचान क्या है, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है।
पुलिस ने जांच शुरू की
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।
खबरों के अनुसार, मौके पर तीन थानों की पुलिस तैनात की गई थी।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ की गई कानूनी कार्रवाई के बारे में अभी कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, हापुड़ देहात थाने में चार नामजद लोगों और कई अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। हापुड़ देहात थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) पारस मलिक ने बताया, “हमने इस मामले में पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया है।”
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