मझगांय बांध आंदोलन: 16वें दिन आधी रात पहुंची पुलिस, आदिवासी प्रदर्शनकारियों ने मारपीट और अभद्रता का लगाया आरोप

Written by sabrang india | Published on: September 30, 2026
महिलाओं का आरोप—घरों में घुसने की कोशिश, बच्चों में दहशत; भारत आदिवासी ने लाठी से मारपीट और मोबाइल छीनने का लगाया आरोप, अमित भटनागर ने आमरण अनशन शुरू किया।


फोटो साभार : द मूकनायक

मझगांय बांध परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीणों का जल-सत्याग्रह 16वें दिन भी जारी रहा। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात प्रदर्शन स्थल पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने के बाद माहौल गरमा गया। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन ने रात में सत्याग्रहियों के साथ कथित तौर पर बर्बरता की, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया और प्रदर्शनकारियों से मारपीट की। घटना के विरोध में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया है।

द मूकनायक की रिपोर्ट के अनुसार, आंदोलनकारियों का कहना है कि वे मझगांय बांध परियोजना से प्रभावित परिवारों के अधिकारों और पुनर्वास सहित विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह कर रहे हैं। उनका आरोप है कि देर रात अचानक पुलिस और प्रशासनिक अमला प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा और वहां मौजूद लोगों के साथ कथित तौर पर बल प्रयोग किया गया।

“रात में पुलिस पहुंची, बच्चों में दहशत”

कुंवरपुर निवासी रजुलिया आदिवासी और राजाबाई आदिवासी ने आरोप लगाया कि रात करीब 10 से 11 बजे के बीच पुलिस और प्रशासन की टीम अचानक गांव पहुंची। उनका दावा है कि पुलिसकर्मियों ने घरों में घुसने की कोशिश की और इस दौरान महिलाओं के साथ खींचतान करने के साथ गाली-गलौज भी की गई।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर तोड़फोड़ भी की गई। इससे गांव में मौजूद बच्चों और महिलाओं के बीच डर का माहौल बन गया। उनका कहना है कि देर रात हुई पुलिस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई।

लाठी-डंडों से पीटने का आरोप

प्रदर्शनकारी भारत आदिवासी ने आरोप लगाया कि वह प्रदर्शन स्थल की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। भारत के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने लाठियों से उनके साथ मारपीट की और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया।

वहीं आंदोलन से जुड़ी दिव्या अहिरवार ने आरोप लगाया कि रात के समय पुलिस गांव में पहुंची और ग्रामीणों के साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी दावा किया कि कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों के मोबाइल फोन तोड़ दिए गए।

अमित भटनागर का आमरण अनशन

घटना के विरोध में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को न्याय मिलने तक उनका अनशन और शांतिपूर्ण जल-सत्याग्रह जारी रहेगा।

आंदोलनकारियों ने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अन्याय, अत्याचार और प्रशासनिक मनमानी के विरोध में है। उन्होंने कहा कि आंदोलन सत्य, अहिंसा और संविधान के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। प्रभावित परिवारों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने की बात भी कही गई है।

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