काशी विद्यापीठ में समाजवादी छात्र सभा के अध्यक्ष आयुष यादव के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन को लेकर सुबह 10 बजे से ही छात्र-छात्राएं प्रशासनिक भवन के सामने जुटने लगे। हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक भवन से पुस्तकालय तक मार्च निकाला।

साभार: अमर उजाला
NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में चल रहे धरना-प्रदर्शन के समर्थन में बुधवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में मार्च निकाला और मुख्य द्वार पर चढ़कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर ने छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
स्थिति को देखते हुए पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। परिसर में पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ आरआरएफ भी तैनात रही। अंत में पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से ज्ञापन प्राप्त किया, जिसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हो गया और छात्र वापस लौट गए।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, काशी विद्यापीठ में समाजवादी छात्र सभा के अध्यक्ष आयुष यादव के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन को लेकर सुबह 10 बजे से ही छात्र-छात्राएं प्रशासनिक भवन के सामने जुटने लगे। हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक भवन से पुस्तकालय तक मार्च निकाला।
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनका कहना था कि सरकार ने इस कार्रवाई के जरिए अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे छात्रों की आवाज़ दबाने का प्रयास किया है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।
प्रदर्शनकारी छात्र परिसर से बाहर सड़क पर मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर और सिगरा थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा ने उन्हें समझाकर परिसर के भीतर ही प्रदर्शन करने के लिए राजी कर लिया। इस दौरान कुछ समय के लिए छात्रों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।
सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने ड्रोन के माध्यम से पूरे परिसर की निगरानी की। प्रदर्शन में ऋषभ पांडेय, रविंद्र सिंह पटेल, ज्योति नंद भास्कर, गौरव पटेल, जतिन पटेल और आशीष मौर्य सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
परिसर में धरना-प्रदर्शन पर रोक का आदेश भी बेअसर
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 28 जुलाई को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में धरना-प्रदर्शन पर अस्थायी रोक लगा रखी है। इस संबंध में कुलानुशासक ने 15 जुलाई को आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि परिसर में किसी भी प्रकार का धरना या प्रदर्शन शासकीय एवं प्रशासनिक कार्यों में बाधा माना जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसके बावजूद बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इस घटना के बाद प्रशासन के प्रतिबंधात्मक आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन और उसकी गंभीरता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
बिना अनुमति प्रदर्शन के मामले में 18 नामजद, 20 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी
बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने के आरोप में लंका थाने में 18 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई मंगलवार शाम बीएचयू के मुख्य द्वार पर हुए प्रदर्शन के बाद की गई।
नगवां चौकी प्रभारी अभिषेक सिंह की तहरीर पर विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए आरोप लगाया गया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और अन्य लोग बिना प्रशासनिक अनुमति के एकत्र हुए तथा प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम कर दी। इससे बीएचयू अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों, तीमारदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई एंबुलेंस भी लंबे समय तक जाम में फंसी रहीं।
लंका थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा के अनुसार, जिन प्रमुख लोगों को नामजद किया गया है, उनमें सत्यप्रकाश सोनकर, हिमांशु यादव, प्रतीक यादव, अभिषेक गोप, सुजीत यादव, दीप चंद्र गुप्ता, राजू यादव, गोलू उपाध्याय उर्फ विष्णुकांत उपाध्याय, ईशांत श्रीवास्तव, विवेक, रमाकांत जायसवाल, लालू यादव, समन यादव, इस्तकबाल कुरैशी, सत्यम श्रीवास्तव, तनिश यादव, पूजा यादव और अमन यादव शामिल हैं।
सपा और कांग्रेस के नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए राजातालाब पुलिस ने समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल और रोहनिया के पूर्व विधायक महेंद्र सिंह पटेल को बीरभानपुर स्थित उनके आवास पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया।
इसी क्रम में कांग्रेस नेता सुरेश शर्मा को भी राजातालाब स्थित उनके आवास पर नजरबंद किया गया। वहीं, अमरेश पटेल, संतोष कुमार मौर्य और वसीम अख्तर को पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर बीरभानपुर गांव के समीप एक चाय की दुकान से हिरासत में लिया।
इसके अलावा, इवोरपुर निवासी कांग्रेस नेता नीरज कुमार पांडेय को भी एहतियातन उनके आवास पर नजरबंद किया गया।
सपा नेताओं का बेड़ियां और तख्तियां लेकर विरोध
समाजवादी युवजन सभा के महानगर अध्यक्ष राहुल गुप्ता और संदीप मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जेपी मेहता कॉलेज से जिला मुख्यालय तक विरोध-प्रदर्शन किया। युवजन सभा के कार्यकर्ता हाथों में बेड़ियां और तख्तियां लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
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साभार: अमर उजाला
NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में चल रहे धरना-प्रदर्शन के समर्थन में बुधवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में मार्च निकाला और मुख्य द्वार पर चढ़कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर ने छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनीं। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
स्थिति को देखते हुए पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। परिसर में पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ आरआरएफ भी तैनात रही। अंत में पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से ज्ञापन प्राप्त किया, जिसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त हो गया और छात्र वापस लौट गए।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, काशी विद्यापीठ में समाजवादी छात्र सभा के अध्यक्ष आयुष यादव के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन को लेकर सुबह 10 बजे से ही छात्र-छात्राएं प्रशासनिक भवन के सामने जुटने लगे। हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक भवन से पुस्तकालय तक मार्च निकाला।
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उनका कहना था कि सरकार ने इस कार्रवाई के जरिए अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे छात्रों की आवाज़ दबाने का प्रयास किया है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।
प्रदर्शनकारी छात्र परिसर से बाहर सड़क पर मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर और सिगरा थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा ने उन्हें समझाकर परिसर के भीतर ही प्रदर्शन करने के लिए राजी कर लिया। इस दौरान कुछ समय के लिए छात्रों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।
सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने ड्रोन के माध्यम से पूरे परिसर की निगरानी की। प्रदर्शन में ऋषभ पांडेय, रविंद्र सिंह पटेल, ज्योति नंद भास्कर, गौरव पटेल, जतिन पटेल और आशीष मौर्य सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
परिसर में धरना-प्रदर्शन पर रोक का आदेश भी बेअसर
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 28 जुलाई को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में धरना-प्रदर्शन पर अस्थायी रोक लगा रखी है। इस संबंध में कुलानुशासक ने 15 जुलाई को आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि परिसर में किसी भी प्रकार का धरना या प्रदर्शन शासकीय एवं प्रशासनिक कार्यों में बाधा माना जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसके बावजूद बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इस घटना के बाद प्रशासन के प्रतिबंधात्मक आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन और उसकी गंभीरता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
बिना अनुमति प्रदर्शन के मामले में 18 नामजद, 20 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी
बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने के आरोप में लंका थाने में 18 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई मंगलवार शाम बीएचयू के मुख्य द्वार पर हुए प्रदर्शन के बाद की गई।
नगवां चौकी प्रभारी अभिषेक सिंह की तहरीर पर विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए आरोप लगाया गया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और अन्य लोग बिना प्रशासनिक अनुमति के एकत्र हुए तथा प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम कर दी। इससे बीएचयू अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों, तीमारदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई एंबुलेंस भी लंबे समय तक जाम में फंसी रहीं।
लंका थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा के अनुसार, जिन प्रमुख लोगों को नामजद किया गया है, उनमें सत्यप्रकाश सोनकर, हिमांशु यादव, प्रतीक यादव, अभिषेक गोप, सुजीत यादव, दीप चंद्र गुप्ता, राजू यादव, गोलू उपाध्याय उर्फ विष्णुकांत उपाध्याय, ईशांत श्रीवास्तव, विवेक, रमाकांत जायसवाल, लालू यादव, समन यादव, इस्तकबाल कुरैशी, सत्यम श्रीवास्तव, तनिश यादव, पूजा यादव और अमन यादव शामिल हैं।
सपा और कांग्रेस के नेताओं को किया गया हाउस अरेस्ट
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए राजातालाब पुलिस ने समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल और रोहनिया के पूर्व विधायक महेंद्र सिंह पटेल को बीरभानपुर स्थित उनके आवास पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया।
इसी क्रम में कांग्रेस नेता सुरेश शर्मा को भी राजातालाब स्थित उनके आवास पर नजरबंद किया गया। वहीं, अमरेश पटेल, संतोष कुमार मौर्य और वसीम अख्तर को पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर बीरभानपुर गांव के समीप एक चाय की दुकान से हिरासत में लिया।
इसके अलावा, इवोरपुर निवासी कांग्रेस नेता नीरज कुमार पांडेय को भी एहतियातन उनके आवास पर नजरबंद किया गया।
सपा नेताओं का बेड़ियां और तख्तियां लेकर विरोध
समाजवादी युवजन सभा के महानगर अध्यक्ष राहुल गुप्ता और संदीप मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जेपी मेहता कॉलेज से जिला मुख्यालय तक विरोध-प्रदर्शन किया। युवजन सभा के कार्यकर्ता हाथों में बेड़ियां और तख्तियां लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
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