'बेल्ट और लोहे की रॉड से हमला': यूपी के ललितपुर में पैर दबाने से इनकार करने पर दलित व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या, तीन गिरफ्तार

Written by sabrang india | Published on: June 15, 2026
आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को सड़क किनारे फेंक दिया।



उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में 33 वर्षीय एक दलित व्यक्ति की कथित तौर पर तीन लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब आरोपियों ने शराब पीने के दौरान उससे अपने पैर दबाने को कहा और उसने इससे इनकार कर दिया।

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश में शव को सड़क पर फेंक दिया।

ललितपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कालू सिंह के अनुसार, रविवार सुबह कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि गुरुनानक धर्मशाला के पास वर्णी जैन कॉलेज के पीछे सड़क पर एक व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है।

मृतक की पहचान राजकुमार उर्फ छन्नू (33) के रूप में हुई, जो अनुसूचित जाति समुदाय से था।

सिंह ने पीटीआई को बताया, "व्यक्ति की पहचान राजकुमार उर्फ छन्नू के रूप में हुई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।"

शराब पार्टी के दौरान हुई कथित मारपीट

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जांच में पता चला कि राजकुमार शनिवार रात सिविल लाइंस इलाके में सम्यक राजनायक उर्फ राही जैन (38) के घर आयोजित एक शराब पार्टी में शामिल हुआ था। वहां गजेंद्र नरवरिया उर्फ गजेंद्र सिंह राजपूत (37) और गौरव रायकवार (25) भी मौजूद थे।

पुलिस के मुताबिक, शराब के नशे में धुत तीनों आरोपियों ने राजकुमार से अपने पैर दबाने के लिए कहा।

एएसपी सिंह ने बताया, "जब उसने इनकार किया, तो तीनों ने बेल्ट और लोहे की रॉड से उसकी पिटाई की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाद में घटना को सड़क दुर्घटना दिखाने के लिए शव को सड़क पर फेंक दिया गया।"

हत्या का मामला दर्ज
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित की मां की शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ हत्या और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर अपराध स्वीकार कर लिया। मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

ज्ञात हो कि हाल ही में उत्तराखंड के चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र में भी एक चौंकाने वाली घटना सामने आई थी, जहां कम किराये पर सवारी ले जाने को लेकर हुए विवाद में एक दलित टैक्सी चालक के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किया गया था। आरोप है कि कुछ अन्य टैक्सी चालकों ने उसके साथ मारपीट की और जूतों की माला पहनाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया।

द मूकनायक की रिपोर्ट के अनुसार, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और चार आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पीड़ित प्रेम राम के अनुसार, 10 जून को वह लोहाघाट से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को पुराने निर्धारित किराये पर ले जा रहे थे। आरोप है कि देवराड़ी बैंड के पास कुछ अन्य टैक्सी चालकों ने उनका वाहन रोक लिया। इसके बाद कम किराया लेने को लेकर उनके साथ गाली-गलौज की गई, जातिसूचक टिप्पणियां की गईं और मारपीट की गई।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने उनसे 50 हजार रुपये की मांग की। विरोध करने पर कथित तौर पर प्रेम राम के गले में जूतों की माला डालकर उनका सार्वजनिक रूप से अपमान किया गया। साथ ही उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया और घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।

पीड़ित ने इस संबंध में लोहाघाट थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि इस घटना से वे गहरे सदमे और आक्रोश में हैं। वहीं, प्रेम राम फिलहाल दिल्ली में हैं।

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