बोकारो : कोयला को लेकर हुए विवाद में गर्भवती दलित महिला की मौत, उच्च-स्तरीय जांच की मांग

Written by sabrang india | Published on: June 1, 2026
इस घटना के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए और उच्च-स्तरीय जांच की मांग उठने लगी।


साभार : रेडिफ (फाइल फोटो)

झारखंड के बोकारो जिले में रेलवे साइडिंग से बचा हुआ कोयला इकट्ठा करने को लेकर शुरू हुआ झगड़ा एक दुखद घटना में बदल गया। इस घटना में 25 वर्षीय एक गर्भवती दलित महिला की मौत हो गई, जब उसने स्थानीय लोगों के बीच हो रही कहासुनी में बीच-बचाव करने की कोशिश की। इस घटना के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए और उच्च-स्तरीय जांच की मांग उठने लगी।

यह घटना शुक्रवार रात बेरमो पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धौरा कोयला स्थल पर हुई।

पुलिस के अनुसार, अनीता देवी उन महिलाओं के समूह में शामिल थीं, जो रेलवे साइडिंग क्षेत्र से बचा हुआ कोयला इकट्ठा करने के लिए जमा हुई थीं। यह स्थानीय परिवारों के बीच एक आम बात है, जो इस कोयले का इस्तेमाल अपनी घरेलू जरूरतों के लिए करते हैं। जांचकर्ताओं ने बताया कि कोयले के बंटवारे को लेकर महिलाओं के बीच झगड़ा शुरू हो गया, जो धीरे-धीरे हाथापाई में बदल गया।

जब तक यह हाथापाई खत्म हुई, तब तक अनीता देवी जमीन पर गिर चुकी थीं। परिवार के लोग उन्हें तुरंत धोरी स्थित क्षेत्रीय अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी अब जांच की जा रही है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, बेरमो पुलिस थाने के प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि झगड़े के दौरान एक-दूसरे को धक्का देने और हाथापाई की घटना हुई थी, और इसी दौरान गर्भवती अनीता बेहोश होकर गिर पड़ीं।

कुमार ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, "इलाके की महिलाएं अपनी घरेलू जरूरतों के लिए नियमित रूप से साइडिंग क्षेत्र से बचा हुआ कोयला इकट्ठा करती हैं। ऐसा लगता है कि यह झगड़ा कोयले के बंटवारे को लेकर ही शुरू हुआ था।" उन्होंने आगे कहा, "अभी तक शरीर पर बाहर से चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। मौत का वास्तविक कारण मेडिकल जांच और आगे की तफ्तीश के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।"

शनिवार को अनीता के पति महेश भुइयां ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि झगड़ा हिंसक रूप ले चुका था। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस उनकी पत्नी की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की और छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

अपने बयान में महेश ने आरोप लगाया कि यह झगड़ा रेलवे साइडिंग क्षेत्र से कोयला इकट्ठा करने और उसके बंटवारे को लेकर शुरू हुआ था, जिस पर इलाके के कई लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए निर्भर रहते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि घटना के समय अनीता गर्भवती थीं।

राजनीतिक असर

इस मामले ने अब एक राजनीतिक रंग भी ले लिया है।

BJP ने इस घटना को एक "बर्बर हत्या" करार दिया है और जिला प्रशासन पर मामले के प्रभाव को कम करने या दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि गिरफ्तारियां तभी की गईं, जब उन्होंने बोकारो में सड़कों को जाम कर विरोध-प्रदर्शन करने की धमकी दी। BJP के प्रदेश महासचिव अमर कुमार बाउरी ने उस व्यक्ति की गिरफ्तारी की मांग की, जिसे उन्होंने "मुख्य साजिशकर्ता" बताया, साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और इस मामले में शामिल पुलिस एवं मेडिकल अधिकारियों के रवैये की जांच की भी मांग की।

पार्टी ने इस मामले को संभालने में जिला अधिकारियों और स्थानीय पुलिस की भूमिका की जांच की भी मांग की है।

हालांकि, पुलिस का कहना है कि यह घटना कोयला इकट्ठा करने को लेकर हुए एक स्थानीय विवाद का नतीजा थी और जांच अभी भी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि अनीता देवी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य फॉरेंसिक नतीजे अहम साबित होंगे।

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