बिहार: मिड डे मील खाने से 150 से ज्यादा बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती

Written by sabrang india | Published on: May 8, 2026
एक मध्य विद्यालय में मिड-डे मील खाने के बाद 150 से ज्यादा बच्चों की तबीयत खराब हो गई। बच्चों का इलाज जारी है। कुछ बच्चों के परिजनों का दावा है कि खाने में सांप मिला था, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। 


साभार : द न्यू इंडियन एक्सप्रेस

बिहार के सहरसा जिले के एक स्कूल में गुरुवार 7 मई को मिड-डे मील खाने के बाद 150 से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए।

यह घटना बलुआहा गांव के एक मध्य विद्यालय में हुई। अधिकारियों के अनुसार, 105 बच्चों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है, जबकि लगभग 50 छात्रों को महिषी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने पत्रकारों से बताया, “हमें सूचना मिली कि बलुआहा में मिड-डे मील खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत खराब हो गई। शुरुआत में बच्चों का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया, लेकिन हालत को देखते हुए कई बच्चों को बाद में सदर अस्पताल रेफर करना पड़ा।” 

उन्होंने कहा, ‘डॉक्टरों के अनुसार बच्चों की हालत में सुधार है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें कुछ समय निगरानी में रखा जाएगा। घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ बच्चों को हल्का बुखार है, जिनका इलाज किया जा रहा है।’

कुछ बच्चों के परिजनों का दावा है कि खाने में सांप मिला था, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

परिजनों के अनुसार, स्कूल में मौजूद 545 छात्रों में से करीब 200 बच्चे खाना खा चुके थे, तभी खाने में सांप दिखने की बात सामने आई। इसके बाद कई बच्चों ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की।

परिजनों के इन दावों को लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूल से खाने के नमूने जांच के लिए इकट्ठा किए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकेगा।’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल प्रशासन ने बताया कि खाना एक एनजीओ की तरफ से उपलब्ध कराया गया था। 

स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका अनुपमा कुमारी ने एक्सप्रेस को बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही स्कूल का कार्यभार संभाला है। उन्होंने कहा, ‘खाना सुबह करीब 8 बजे स्कूल पहुंचता है और 9 बजे से बांटना शुरू किया जाता है। छोटे बच्चों को पहले खाना दिया जाता है, क्योंकि कई बच्चे घर से भूखे आते हैं।’

उन्होंने बताया, “करीब 100 से 125 छोटे बच्चों को भोजन परोसा जा चुका था। इसी दौरान एक बच्चे की थाली में संदिग्ध चीज दिखाई दी। कुछ लोगों ने उसे कीड़ा बताया, जबकि गांव वालों का दावा है कि वह सांप था। मामला सामने आते ही तुरंत भोजन वितरण रोक दिया गया और जिन बच्चों को खाना मिल चुका था, उन्हें आगे भोजन न करने की सलाह दी गई।” 

अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया, “फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है और ड्रग इंस्पेक्टर को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।” 

आरजेडी का हमला 

इस घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। एबीपी की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी ने कहा कि “दूषित मिड-डे मील खाने के बाद 300 से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए।  भाजपा सरकार मिड-डे मील योजना तक ठीक से नहीं चला पा रही है।”

आरजेडी ने आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, दवा, रोजगार, व्यापार और शराबबंदी जैसे कई मुद्दे पहले से ही सरकार के नियंत्रण से बाहर हैं। पार्टी ने कहा कि अब बच्चों के भोजन तक की सुरक्षा नहीं बची है, जो बेहद चिंताजनक है।

स्थानीय लोगों में नाराजगी 

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी भारी नाराजगी है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि बच्चों के खाने जैसी संवेदनशील व्यवस्था में इतनी बड़ी लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।

बच्चों की उपस्थिति घटी 

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, बलुआहा मध्य विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति पांच गुना से अधिक घट गए। एक दिन पहले गुरुवार को विद्यालय जहां 543 बच्चे पहुंचे थे, वह शुक्रवार को घटकर मात्र 98 हो गया। अमूमन इस स्कूल में 500 से 550 बच्चों की दैनिक उपस्थिति का रिकॉर्ड रहा है। बच्चों की उपस्थिति काफी घटने की वजह गुरुवार को मिड डे मील खाने के बाद बच्चों के बीमार होकर अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा। बच्चों की उपस्थिति कम होने के कारण विद्यालय में अन्य दिनों की तरह चहल पहल नहीं दिख रही थी।

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