पूर्वी दिल्ली में 16 वर्षीय मुस्लिम लड़के की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या, परिवार का 'लक्षित हमले' का आरोप

Written by sabrang india | Published on: May 2, 2026
यह घटना त्रिलोकपुरी के एक स्थानीय पार्क के पास हुई। त्रिलोकपुरी पूर्वी दिल्ली का एक घनी आबादी वाला इलाका है, जहां पहले भी तनाव और हिंसक झड़पें हो चुकी हैं।



पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में शुक्रवार शाम 16 साल के एक मुस्लिम लड़के की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। उसके परिवार का आरोप है कि कुछ युवकों के एक समूह ने जान-बूझकर उसे निशाना बनाया। यह हमला एक पुरानी रंजिश की वजह से हुआ, जिसमें लड़का शामिल भी नहीं था।

पीड़ित की पहचान अयान सैफी के रूप में हुई है। परिवार वालों के मुताबिक, वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह पढ़ाई कर रहा था और साथ ही अपनी मां के रोज़मर्रा के कामों में भी मदद करता था।

द ऑब्जर्वर पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना त्रिलोकपुरी के एक स्थानीय पार्क के पास हुई। त्रिलोकपुरी पूर्वी दिल्ली का एक घनी आबादी वाला इलाका है, जहां पहले भी तनाव और हिंसक झड़पें हो चुकी हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों और रिश्तेदारों का आरोप है कि 6 से 8 लोगों का एक समूह चाकू लेकर पार्क में घुसा। उन्होंने अयान का पीछा किया और फिर उस पर हमला कर दिया।

घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी रिश्तेदार ने बताया, "उन्होंने उसे चारों तरफ से घेर लिया और बार-बार चाकू से वार किए। उसकी पीठ, पेट और पैरों पर कई घाव थे। उसके हाथ पर भी गंभीर चोटें आई थीं।"

परिवार का आरोप है कि यह हमला पहले से सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। इसका संबंध एक स्थानीय व्यक्ति से जुड़ी पुरानी रंजिश से था, जिसे लोग "वकील" के नाम से जानते हैं। परिवार का दावा है कि इस मामले में अयान की कोई भूमिका नहीं थी, फिर भी उसे ही निशाना बनाया गया।

परिवार के एक सदस्य ने कहा, "उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। किसी और के झगड़े की वजह से उन्होंने उसकी जान ले ली।"

अयान को गंभीर हालत में तुरंत लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया। परिवार के मुताबिक, कुछ देर के लिए उसे होश आया था। इसी दौरान पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया।

एक रिश्तेदार ने आरोप लगाया, "उसने कई हमलावरों के नाम बताए। पुलिस ने उसका पूरा बयान वीडियो में रिकॉर्ड किया है।" उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में परिवार वालों को अस्पताल के अंदर अयान से मिलने की इजाजत नहीं दी गई थी।

परिवार ने आगे दावा किया कि अयान को पहले भी कई बार धमकियां मिली थीं। इस बारे में कुछ महीने पहले पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया।

परिवार के एक सदस्य ने कहा, "बार-बार मिल रही धमकियों की वजह से वह कुछ जगहों पर जाने से डरता था।"

परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने के बजाय अयान के ही परिवार के कुछ सदस्यों को हिरासत में ले लिया।

एक रिश्तेदार ने आरोप लगाया, "जिन लोगों ने उसकी हत्या की, वे अभी भी आज़ाद घूम रहे हैं, जबकि हमारे ही लोगों को पुलिस उठाकर ले गई है।"

स्थानीय लोगों ने इलाके में डर का माहौल होने की बात कही। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि पिछले कुछ महीनों में युवकों के बीच होने वाली आपसी झड़पों और गुटों की लड़ाइयों में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें उस खास झगड़े के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, जिसकी वजह से यह हत्या हुई।

अयान की मां बेहद परेशान थीं। उन्होंने कहा कि उनका बेटा ही उनका एकमात्र सहारा था।

उन्होंने कहा, "वह पढ़ाई कर रहा था और मेरी मदद भी कर रहा था। मैंने सब कुछ खो दिया है।"

पुलिस ने इस घटना के संबंध में एक मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक सार्वजनिक रूप से हत्या के पीछे के मकसद की पुष्टि नहीं की है और न ही इस खबर के छपने तक किसी की गिरफ्तारी की घोषणा की है।

परिवार जल्द से जल्द गिरफ्तारी और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।

एक रिश्तेदार ने कहा, "कोई भी उसे वापस नहीं ला सकता, लेकिन हम इंसाफ चाहते हैं।"

ज्ञात हो कि इसी साल फरवरी में अपने बेटे को बचाने के दौरान एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी।

17 फरवरी को दिल्ली के नंद नगरी इलाके में 35 साल के मोहम्मद उमरदीन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह अपने 15 साल के बेटे तहजीम को बचाने के लिए दौड़े थे, जिस पर कथित तौर पर कुछ लोग हमला कर रहे थे।

पुलिस और परिवार के मुताबिक, उमरदीन घर पर थे, जब उन्हें तहजीम का घबराया हुआ फोन आया, जिसमें उसने दावा किया कि नंद नगरी के B1 ब्लॉक में एक सरकारी स्कूल के पास उस पर हमला हो रहा है। रिश्तेदारों का आरोप था कि हमला लड़के की धार्मिक पहचान की वजह से हुआ था और हमलावरों ने कथित तौर पर मुस्लिम विरोधी गालियां दीं।

उमरदीन तुरंत बीच-बचाव करने के लिए मौके पर पहुंचे। बताया गया कि झगड़े के दौरान समूह गाली-गलौज करते हुए पास के एक घर में घुस गया। फिर उनमें से एक व्यक्ति बंदूक लेकर आया और उमरदीन के सीने में कई गोलियां मार दीं। उनकी पत्नी उन्हें गुरु तेग बहादुर अस्पताल ले गईं, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे वीडियो में उमरदीन की पत्नी ने भावुक होकर यह दुखद घटना बताई और कहा, “मेरे बच्चों से उनका साया छीन लिया।”

अगले दिन, पीड़ित के रिश्तेदार, स्थानीय लोग और समुदाय के लोग जीटीबी के पास जमा हो गए और उमरदीन के शव को तब तक दफनाने से इनकार कर दिया, जब तक पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का भरोसा नहीं दिया। उन्होंने मुख्य आरोपियों की पहचान सोनू और सरदार के रूप में की। पुलिस के दखल और कार्रवाई के आश्वासन के बाद दफनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

उमरदीन की मां ने गहरा दुख ज़ाहिर किया। उन्होंने कहा, “जिसका मारा, उसका दिल दुखता है। न पुलिस का जाता है, न किसी जनता का। छोटे बच्चे हैं उसके, क्या होगा उनका?”

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इलाके में बार-बार हो रही हिंसा पर चिंता जताई और कड़े सुरक्षा उपायों की मांग की है। यूट्यूब चैनल हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, अलग-अलग समुदायों के लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और तुरंत न्याय और जवाबदेही की मांग की।

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