असहमति से डरती है भाजपा? CM की रैली में उतरवाई 3 साल के बच्चे की काली जैकेट

Written by Sabrangindia Staff | Published on: January 31, 2019
गुवाहाटी: लोकतंत्र में असहमति और विरोध के लिए एक व्यापक स्थान है। गलत नीतियों से नाराज जनता राजनेताओं का विरोध कर सकती है लेकिन भाजपा राज में शायद असहमति के लिए जगह नहीं है। विरोध से भाजपा कितना डरती है इसका नजारा उसकी रैलियों में देखी जा सकती है जहां काला कपड़ा पहनकर या ओढ़कर जाना बैन है। ताजा मामला असम से सामने आया है जहां तीन साल के बच्चे की काली जैकेट उतरवा दी गई। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के कार्यक्रम शामिल होने आई एक मां को सुरक्षा बलों के आदेश पर ठंड के बावजूद अपने तीन वर्षीय बच्चे की काली जैकेट उतारनी पड़ी। बच्चा रोता रहा लेकिन शायद हाईकमान के आदेश के कारण सुरक्षा अधिकारी बेवस थे और कड़कड़ाती ठंड में उसकी काली जैकेट उतरवा दी। 

बिश्वनाथ जिले में मंगलवार की सुबह मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के कार्यक्रम में भाग लेने आई मां और बच्चे का वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिसमें मां अपने रोते हुए बच्चे की जैकेट उतार रही है। असम के स्थानीय टीवी चैनलों ने भी इसे प्रसारित किया है। 

इस घटना की कड़ी आलोचना होने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले की पुलिस जांच के आदेश दिए हैं। आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ असम में व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं। एक वीडियो में बच्चे की मां पत्रकारों से कहती दिख रही है, ‘मेरा 3 वर्षीय बच्चा काली जैकेट पहने हुए था। सुरक्षा बलों ने उसे जैकेट पहनकर परिसर में जाने की अनुमति नहीं दी। सुरक्षा बलों ने मुझसे उसकी जैकेट उतारने को कहा।’ जैकेट उतरने के बाद बच्चे ने कड़कड़ाती ठंड में केवल एक कमीज पहन रखी थी। 

स्थानीय लोगों ने विधेयक के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के बीच पिछले कुछ सप्ताह में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और वरिष्ठ भाजपा नेताओं को काले झंडे दिखाए जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘पुलिसकर्मियों को काले रंग से डर लगने लगा है। उन्होंने एक बच्चे को भी ठंड में काली जैकेट उतारने पर मजबूर किया। उन्हें डर है कि काले कपड़े प्रदर्शन करने का जरिया हो सकते हैं।’

गुवाहाटी में गणतंत्र दिवस समारोह में असम पुलिस के सुरक्षा कर्मियों ने प्रत्येक व्यक्ति से पूछा था कि कहीं उनके पास काले रंग का रूमाल तो नहीं है। असम पुलिस के एक सिपाही ने बताया, ‘हमने लोगों से पूछा कि क्या उनके पास काले रंग का कोई भी कपड़ा है? उन्हें मैदान में काले रंग का कोई भी सामान लाने की अनुमति नहीं है।’ साथ ही सिपाही ने काले कपड़ों, रूमालों, मफलरों, शॉल, स्वेटरों, यहां तक कि सर पर लगाए जाने वाले बैंड का ढेर दिखाया जो कि जनता से लिया गया था। योगी आदित्यनाथ और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को कई बार काले कपड़े दिखाए जा चुके हैं ऐसे में भाजपा सतर्क रहती है कि कोई उसके नेताओं का विरोध ना कर पाए। 

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