कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 2019 चुनाव से पहले संकेत दिए हैं कि बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी को हराने के लिए वह किसी महिला को भी प्रधानमंत्री बनाने के लिए तैयार हो हैं. बता दें कि मंगलवार को राहुल गांधी ने दिल्ली में करीब सौ महिला पत्रकारों से अनौपचारिक मुलाकात की. इस दौरान उनसे कई कठिन सवाल पूछे गए लेकिन उन्होने बड़ी सहजता से सभी का जवाब दिया.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान जब एक महिला पत्रकार राहुल गांधी से पूछा कि क्या कांग्रेस किसी महिला को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन करेगी तो जवाब में उन्होने कहा कि जो बीजेपी को हराएगा, हम उसका समर्थन करेंगे. पार्टी के सूत्रों की माने तो राहुल गांधी ने मन बना लिया है कि बीजेपी और आरएसएस को सिकस्त देने के लिए चाहे जो करना पड़े, वो करेंगे और इसमें किसी महिला या दूसरे को प्रधानमंत्री बाने में कोई गुरेज नहीं होगा.
हालांकि राहुल गांधी ने ये स्पष्ट नहीं किया है कि वह किस महिला के लिए प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को छोड़ सकते हैं. उनमें कांग्रेस की कोई महिला नेता हैं या ममता बनर्जी या मायावती. राहुल के जवाब के बाद अटकलों का दौर शुरु हो गया है. लेकिन अगर राहुल गांधी इस बात के लिए तैयार हैं कि वो नरेंद्र मोदी और बीजेपी को हराने के लिए खुद प्रधानमंत्री बनने की दावेदारी किसी महिला के लिए छोड़ सकते हैं तो ये बीजेपी और आरएसएस के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है. बता दें कि विपक्षी एकता के आगे भाजपा की अब तक चुनौतियां बढ़ती रही हैं. इससे पहले उत्तर प्रदेश के विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा था. इसके अलावा कर्नाटक में जब कांग्रेस के समर्थन ने जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी ने सरकार बनाई तो भाजपा विरोधी दलों के तमाम बड़े नेता वहां शपथ ग्रहण में पहुंचे थे. विपक्ष की महिला नेताओं में मायावती और ममता बनर्जी भी कद्दावर नेता हैं. ऐसे में इस बात पर भी उम्मीद जताई जा रही है कि इन दोनों नेताओं में किसी एक या किसी महिला कांग्रेस नेता को विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद की दावेदार हो सकती हैं. अगर राहुल गांधी विपक्ष की ओर से किसी महिला को प्रधानमंत्री बनाने के लिए पीएम की दावेदारी छोड़ते हैं तो यह बीजेपी और आरएसएस के लिए तगड़ा झटका साबित हो सकता है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान जब एक महिला पत्रकार राहुल गांधी से पूछा कि क्या कांग्रेस किसी महिला को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन करेगी तो जवाब में उन्होने कहा कि जो बीजेपी को हराएगा, हम उसका समर्थन करेंगे. पार्टी के सूत्रों की माने तो राहुल गांधी ने मन बना लिया है कि बीजेपी और आरएसएस को सिकस्त देने के लिए चाहे जो करना पड़े, वो करेंगे और इसमें किसी महिला या दूसरे को प्रधानमंत्री बाने में कोई गुरेज नहीं होगा.
हालांकि राहुल गांधी ने ये स्पष्ट नहीं किया है कि वह किस महिला के लिए प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को छोड़ सकते हैं. उनमें कांग्रेस की कोई महिला नेता हैं या ममता बनर्जी या मायावती. राहुल के जवाब के बाद अटकलों का दौर शुरु हो गया है. लेकिन अगर राहुल गांधी इस बात के लिए तैयार हैं कि वो नरेंद्र मोदी और बीजेपी को हराने के लिए खुद प्रधानमंत्री बनने की दावेदारी किसी महिला के लिए छोड़ सकते हैं तो ये बीजेपी और आरएसएस के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है. बता दें कि विपक्षी एकता के आगे भाजपा की अब तक चुनौतियां बढ़ती रही हैं. इससे पहले उत्तर प्रदेश के विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा था. इसके अलावा कर्नाटक में जब कांग्रेस के समर्थन ने जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी ने सरकार बनाई तो भाजपा विरोधी दलों के तमाम बड़े नेता वहां शपथ ग्रहण में पहुंचे थे. विपक्ष की महिला नेताओं में मायावती और ममता बनर्जी भी कद्दावर नेता हैं. ऐसे में इस बात पर भी उम्मीद जताई जा रही है कि इन दोनों नेताओं में किसी एक या किसी महिला कांग्रेस नेता को विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद की दावेदार हो सकती हैं. अगर राहुल गांधी विपक्ष की ओर से किसी महिला को प्रधानमंत्री बनाने के लिए पीएम की दावेदारी छोड़ते हैं तो यह बीजेपी और आरएसएस के लिए तगड़ा झटका साबित हो सकता है.