हक़ और आजादी

December 18, 2017
First Published on: May 26, 2017 भूमि सबसे अहम् सवाल है।  ज़मींदार कौन होगा और भूमिहींन कौन रहेगा, समाज का मेल कौन साफ करेगा , यह जातिवाद पर कायम हुई व्यवस्था तय करती है. जब ज़मीन का " री -डिस्ट्रीब्यूशन " होगा तो जाति  निर्मूलन की तरफ एक और कदम हम बढ़ेंगे। ऊना आंदोलन के बाद हमारे संघर्ष ने 300 एकर्स ज़मीन हक़ से वापस लिया। vibrant गुजरात summit के खिलाफ आंदोलन...
December 12, 2017
क्या सारे सामाजिक दु:खों का सिर्फ-सिर्फ एक इलाज है कि एक और नया कानून बना दिया जाए? वैसे, हर परेशानी के लिए नए कानून की बात करना या इसका ख्याल बहुत इंकलाबी लगता है. मगर एक और नया कानून जिंदगी की पेचीदगियों का हल दे ही देगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है. अब तीन तलाक के नाम पर भी नया कानून बनाने की चर्चा जोरों पर हैं.   मगर नए कानून से पहले यह देखना निहायत जरूरी है कि क्या बीमारी के इलाज के...
December 8, 2017
उत्तराखंड का गंगा पर बने बहु प्रचारित टिहरी बांध प्रभावित अभी भी पानी जैसे मुलभूत अधिकार के लिए तरस रहे हैं। उनकी सुविधाओ पर दबंगों का कब्ज़ा हो रहा है। बांध बनने के 11 साल बाद भी टिहरी बांध के पुनर्वास की समस्याओं का समाधान अभी तक नही हो पाया है। राज्य सरकार भी अपने स्तर पर इनकी समस्याओं का कुछ समाधान कर सकती है। लेकिन अभी तक समाधान करने की दिशा में कोई कार्य होता दिखाई नहीं दे रहा। टिहरी...
December 7, 2017
प्रिय प्रधानमंत्री जी, आप थोड़ा अपनी वाणी पर संयम रखें। आप 19 जीत जायें या मुमकिन है कि 24 भी, पर जो नुक़सान इस देश का हो रहा है, उसे आने वाले प्रधानमंत्री भी भर नहीं पायेंगे। राजस्थान में जो आज घटना हुई है, वो किसी इंसान की हत्या मात्र नहीं है, बल्कि सामाजिक सद्भाव की हत्या है। इस देश के आज़ाद 70 सालों की छोटी-मोटी उपलब्धियों की हत्या की क्रूर शुरुआत है। याद रखिएगा प्रधानमंत्री जी, जो नफ़रत का...
December 7, 2017
भारत का प्रधानमंत्री पूरे भारत का होता है, चाहे किसी ने उनकी पार्टी को वोट दिया हो या नहीं, चाहे कोई व्यक्ति उस प्रधानमंत्री और उसकी पार्टी का कट्टर विरोधी ही क्युँ ना हो, प्रधानमंत्री के पद पर आसीन होने के बाद प्रधानमंत्री को अपनी संकुचित सोच का दायरा बढ़ा कर पूरे देश को साथ लेकर चलना चाहिए और थोड़ा बहुत कम या अधिक ऐसा होता भी रहा है। गुजरात चुनाव के आखिरी दौर में उच्चतम न्यायालय में...
December 6, 2017
भारतीय समाज के लिए जब भी और जहां भी समता और बंधुत्व को लक्ष्यित कोई भी बात निकलेगी, अंबेडकर उसके केंद्र में रहेंगे। एक निष्पक्ष तर्कयुक्त और वैज्ञानिक अर्थ में न सिर्फ दमित और दलित के लिए उनके चिंतन का केन्द्रीय मूल्य है, वरन मानव मात्र की मुक्ति की घोषणा उनका मुख्य स्वर रहा है। उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक उद्विकास में जिस ढंग की इबारत निर्मित होती है वो बहुत गौर करने लायक है। अपनी तथाकथित...
December 4, 2017
यह जो युवक मेरे सामने बैठा है, बेरोजगार है। सिर्फ बेरोजगार ही नहीं है, पढ़ा लिखा बेरोजगार है। पढ़े- लिखे बेरोजगार को समाज धरती का बोझ समझता है। घर वाले उसे बैल समझते हैं। वह बैल जो उस किसान के द्वार पर बंधा है जिसके पास खेती के लिए जमीन नहीं है। बिना पढ़े लिखे बेरोजगारों के साथ एक फायदे की बात ये हो जाती है कि उन्हें जमाने के ताने नहीं सुनने पड़ते।  Image Courtesy : Pradeep Gaur/Mint तो...
December 4, 2017
(उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में अनुसूचित जाति और जनजति की लड़कियों के लिए सरकार ने कई साल पहले एक हॉस्टल बनाया है. लेकिन आज तक उसमें एक भी लड़की को रहने की जगह नहीं मिली. दरअसल यह भवन इस मायने में अधूरा है कि इसमें बाउंड्री और पानी का इंतजाम ही नहीं है. करोड़ रुपए से ज्यादा का यह हॉस्टल लापरवाही का शिकार बनता रहा, तो कुछ साल में गिर जाएगा. कौन होगा इसका जिम्मेदार. सिटिजन जर्नलिस्ट संजय कुमार की...
November 29, 2017
केरल के बहुचर्चित हादिया मामले में रोजाना नई बातें सामने आ रही हैं। पिछले दिनों अखिला उर्फ हदिया ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि उसे आजादी चाहिए और वो पति के साथ रहना चाहती है। लेकिन उसकी बात को नजरअंदाज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उसे पढ़ाई पूरी करने के लिए सलेम (तमिलनाडु) भेजने का आदेश दिया था। Image: PTI   हादिया ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कहा है कि मैंने कोर्ट से आजादी...
November 29, 2017
कर्नाटक के उडुपी में हिंदू धर्म के मठाधीशों और संगठनों की धर्म संसद चल रही है। यहां हिंदू धर्म को बचाने और समृद्ध करने के लिए चिंतन और उपायों पर चर्चा चल रही है। ऐसे में रविवार को विश्व हिंदू परिषद के नेता गोपाल द्वारा जेहाद के मुद्दे पर दिया गया बयान सुर्खियों में है। रविवार को आयोजित की गई सभा में गोपाल ने कहा कि अगर मुस्लिमों ने 'लव जेहाद' नहीं रोका तो हम बजरंग दल के युवाओं से...