हक़ और आजादी

August 2, 2021
कार्यकर्ता और वकील जयश्री काकुमणि का निधन, मानवाधिकार रक्षकों के लिए पीछे छोड़ गईं एक प्रभावशाली विरासत! मानवाधिकार रक्षकों के लिए काला दिन। मानवाधिकार मंच और आंध्र प्रदेश समुदायों ने शनिवार रात कार्यकर्ता और वकील जयश्री काकुमणि की मौत पर शोक व्यक्त किया। Image Courtesy:thenewsminute.com   1 अगस्त, 2021 का दिन मानवाधिकार कार्यकर्ता जयश्री काकुमणि की हृदय गति रुकने से मृत्यु की खबर...
August 1, 2021
वन भूमि और वन संसाधनों पर अधिकार की मांग को लेकर सितंबर 2020-21 में आदिवासियों द्वारा किए गए धरना प्रदर्शन के दौरान, बिहार पुलिस ने गोलियां चलाईं, लाठीचार्ज किया और उनमें से कुछ को गिरफ्तार भी कर लिया। अब आकर कैमूर बिहार, की एक सत्र अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी 15 आदिवासी प्रदर्शनकारियों को जमानत दे दी है।  आरोपी कैलाश उरवां, महेंद्र सिंह, जवाहर सिंह, रामलाल सिंह, रामलयक सिंह, मोहन...
July 31, 2021
वनाधिकार कानून के क्रियान्वयन की नोडल एजेंसी आदिम जाति कल्याण मंत्रालय ने आदिवासियों को वन विभाग के रहमो-करम पर छोड़ दिया है! यह भी तब जब, वनाधिकार कानून-2006 में आदिवासियों के साथ जारी ऐतिहासिक अन्याय के लिए वन विभाग को जिम्मेदार ठहराया गया है। इसके चलते ही (वनाधिकार) कानून में आदिवासी मंत्रालय को नोडल जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन अब वन अधिनियम-1927 में संशोधन के जरिये सरकार, आदिवासी मंत्रालय की...
July 31, 2021
मस्जिद प्राधिकरण के महासचिव एसएम यासीन ने और जमीन सौंपने की अफवाहों को खारिज किया    वाराणसी की एक अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा ज्ञान वापी मस्जिद- काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के सर्वेक्षण की अनुमति देने के ठीक तीन महीने बाद, मस्जिद चलाने वाली समिति ने ट्रस्ट को मंदिर गलियारा परियोजना के लिए जमीन का एक टुकड़ा सौंप दिया है।     सबरंगइंडिया से बात करते...
July 29, 2021
किसानों की गरिमा और एकता का प्रतीक बना किसान आंदोलन, सही मायनों में अब एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है जो भारत के लोकतंत्र की रक्षा और देश बचाने का भी प्रतीक है। इसी से आंदोलन को और अधिक तीव्र और असरदार बनाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन के अगले पड़ाव के रूप में ''मिशन उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड'' शुरू करने का फैसला किया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने लखनऊ में पत्रकार वार्ता...
July 28, 2021
26 जुलाई 2021 को दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों के संघर्ष को 8 महीने पुरे हो चुके हैं. साथ ही देश के अन्नदाताओं के लिए सरकार की उदासीनता, वैमनस्यता और तानाशाही उभर कर सामने आ चुकी है. प्रचंड ठंड, चिलचिलाती गर्मी और भयावह तूफानी बरसात को झेलते हुए किसान अपने सैकड़ों साथियों की कुर्बानी दिल्ली बॉर्डर के संघर्ष में दे चुके हैं. तीन कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ अपनी लडाई को अगले पड़ाव पर ले जाते हुए 22...
July 28, 2021
मध्य प्रदेश के खंडवा बुरहापुर में वन अधिकारियों ने 10 जुलाई को 40 आदिवासी परिवारों को वन भूमि से अवैध रूप से बेदखल कर दिया था। यही नहीं, पुलिस प्रशासन पर घरों को उजाड़ने और संपत्तियों की लूट के साथ, आदिवासियों की करीब 250 एकड़ जमीन में बोई फसल को भी कैमिकल आदि डालकर नष्ट कर दिए जाने के आरोप हैं। इस मामले को लेकर जागृत आदिवासी दलित संगठन के बैनर तले स्थानीय पीड़ित लोगों ने सोमवार को ऑनलाइन प्रेस...
July 22, 2021
खेती-किसानी का हमेशा से प्रकृति से एक घनिष्ठ संबंध रहा है तो लोकगीतों का आदिवासी संस्कृति और परंपरा में अपना अलग महत्व हैं। सामाजिक सांस्कृतिक वातावरण से घनिष्ठ जुड़ाव लोकगीतों की एक प्रमुख विशेषता रही है। यह जुड़ाव ही है जो श्रोताओं के मस्तिष्क पटल पर गहराई से छाप छोड़ता है और जिसमें श्रोतागण अपने सुख-दुःख के अनुभव की गाथा को टटोलने का प्रयास करते हैं। प्रायः अन्नदाता वर्ग की मनःस्थिति कृषिगत...
July 22, 2021
दिल्ली की सीमाओं पर करीब 8 माह से डटे किसानों ने सभी विपक्षी सांसदों को ''पीपुल्स व्हिप'' जारी कर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने और एमएसपी गारंटी कानून पारित कराने का निर्देश दिया है। भारत के सभी किसान संगठनों की ओर से जारी यह व्हिप लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों तक जाएगा, जिसमें यह लक्ष्य पाए बगैर वॉकआउट न करने का भी निर्देश जारी दिया गया है। इसके साथ ही कहा है कि मानसून सत्र...
July 21, 2021
अरसे से काबिज काश्त की जा रही वन भूमि से अवैध बेदखली और लूट को लेकर नेगांव जामनिया, खड़वा के हजारों आदिवासियों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और वनाधिकार कानून के तहत जल, जंगल, जमीन पर अधिकार बहाली और अवैध बेदखली तथा लूट के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। आदिवासियों ने एक सुर में हक लेकर ही दम लेने का आह्वान किया।  खास है कि 2 हफ्ते पहले खंडवा जिले के नेगांव जामनिया क्षेत्र...