राजनीती
July 21, 2021
अरसे से काबिज काश्त की जा रही वन भूमि से अवैध बेदखली और लूट को लेकर नेगांव जामनिया, खड़वा के हजारों आदिवासियों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और वनाधिकार कानून के तहत जल, जंगल, जमीन पर अधिकार बहाली और अवैध बेदखली तथा लूट के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। आदिवासियों ने एक सुर में हक लेकर ही दम लेने का आह्वान किया।
खास है कि 2 हफ्ते पहले खंडवा जिले के नेगांव जामनिया क्षेत्र...
July 21, 2021
हरिदास ने अपने परिवार और अपने घर की अधिकतर ज़िम्मेदारी पूरी कर ली थी.
zamzam well
उसकी माँ शान्ति-देवी की इच्छा थी कि वो एक दिन महातीर्थ करें.
इसलिए हरिदास निकल पड़ा अपनी माँ को लेकर.
उस पावन नगरी में प्रवेश से पूर्व, मन एवं तन की शुद्धि के लिए पवित्र कुएं के पानी से स्नान करना आवश्यक है.
उसके बाद बिना सिली हुई धोती और श्वेत सूती कपड़े का, बिना सिला हुआ अंगरखा/गमछा हरिदास ने पहना...
July 19, 2021
महंगाई को लेकर अर्थशास्त्र का एक सामान्य नियम है कि जब बाजार में वस्तु की कीमत में वृद्धि होती है तो महंगाई बढ़ जाती है. लेकिन बाज़ार में वस्तु की मांग नहीं होने के बावजूद भी यदि महंगाई बढ़ रही है तो इसे सरकारी तंत्र में विफलता और गड़बड़ी माना जाता है. कोरोना काल में बर्बाद हुई अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए सरकार यदि महंगाई बढ़ा रही है तो यह समाज के लिए और भी घातक है. बढ़ती महंगाई मांग को कम कर देती...
July 19, 2021
अमेरिका अपने साम्राज्यवादी मंसूबे को पूरा करने के लिए क्यूबा के साथ चले आ रहे संघर्ष के इतिहास को दोहरा रहा है. अमेरिका को अपनी विदेश नीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत है. संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा एक ऐसी सरकार का अनुसरण करने का पैटर्न रहा है जो किसी अन्य देश में अपनी नीतियों को कायम करने में विश्वास रखता है. उनका यह रवैया दुनिया भर में प्रचलित है. किसी भी देश में उनके द्वारा पहले आर्थिक...
July 17, 2021
साधो, यदि कहा जाए कि स्वस्थ और बेहतर समाज किसे कहा जाए तो मन में सबसे पहले क्या आता है ?
मैंने कहीं पढ़ा था- समाज कितना प्रोग्रेसिव और सभ्य है यह देखना है तो उस समाज मे महिलाओं की स्थिति को देखिए। यह मुझे ठीक लगा। किसी समाज को आंकने का यह बेहतर तरीका है। मसलन उस समाज मे पितृसत्ता का कितना नाश हुआ है। महिलाएं कितनी स्वतंत्र हैं, खाने-पीने, कपड़े पहनने से लेकर घूमने फिरने की कितनी...
July 16, 2021
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में गोरे अंग्रेजों के समय के दमनकारी ''देशद्रोह'' कानून की वैधता पर हैरानी जताते हुए सरकार से पूछा है कि आजादी के 75 साल बाद भी राजद्रोह कानून को बनाए रखने का क्या औचित्य है? लोगों ने भी कोर्ट की टिप्पणी का आगे बढ़कर स्वागत किया। यही नहीं, नागरिक अधिकारों से जुड़े एक और कानून ''आईटी एक्ट 66ए'' के दुरुपयोग को लेकर भी कोर्ट ने संज्ञान लिया।...
July 14, 2021
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री मोहसीन रज़ा जब यह कहते हैं कि 8 बच्चे होंगे तो पंचर ही लगाएंगे, नई जनसंख्या नीति के माध्यम से हम मुसलमान को टोपी से टाई तक लाना चाहते हैं, तो वे जनसंख्या नीति के पीछे के छुपे अपने राजनीतिक एजेंडा को भी साफ कर दे रहे हैं। इस पोस्ट की चालाकी देखिए! मुसलमानों को कितनी चालाकी के साथ मुंह खोलने पर मजबूर कर दिया गया! वो भी एक मुस्लिम के खिलाफ… अब पढ़ने वाले समझेंगे कि...
June 29, 2021
उर्दू मुख्यतः अशराफ मुस्लिमों की भाषा रही है। जिसे वो अपने राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि के लिए पूरे मुसलमानो की भाषा बना कर प्रस्तुत करता है, जबकि पसमांदा की भाषा क्षेत्र विशेष की भाषाएं, अपभ्रंश भाषाएं एवं बोलियाँ रही हैं। अशराफ अपनी इस नीति में कामयाब भी रहा है और आज भी पसमांदा की एक बड़ी आबादी उर्दू से अनभिज्ञ होने के बाद भी उर्दू को ही अपनी भाषा बताती है, यहाँ तक कि कर्नाटक के कन्नड़ भाषी पसमांदा...
June 23, 2021
जून की भरी दोपहर में बाजार में लोग कम थे। चाय की दुकान जिसपर मैं बैठा अखबार को पलट रहा था वहां मेरे और चाय वाले के अलावा दो और व्यक्ति बैठे थे जो आपस मे बातें किये जा रहे थे। एक युवा लड़का भी था जो सचिन पायलट सा दिखता था। वह ठीक मेरी बगल में बेंच पर बैठा था। मैंने अखबार पलटे तो उसमें सरकार के विज्ञापन, गुणगान के अलावा खबरें भी थीं। एक मिनट में ही अखबार पलटकर मैं फ्री हो गया। बगल में बैठे सचिन...
June 22, 2021
गुजरात साहित्य अकादमी जिसकी स्वायत्तता को गुजरात सरकार ने कुश्ती की, जिसने फिर उसे सरकारी संस्थान बना दिया, शब्दसृष्टि नामक जर्नल प्रकाशित किया । शब्दसृष्टि के जून 2021 अंक में ′′ नहीं, यह कविता नहीं है, यह अराजकता के लिए 'कविता' का दुरुपयोग है..." पृष्ठ 89. पर लेखक के लेखन का आवश्यक दायित्व है नाम सम्मानित नहीं है जो सरकारी प्रक्रियाओं के अनुसार अनैतिक, आपराधिक और खतरनाक...