मिडिया
September 15, 2018
जब आँखों पर धर्मांन्धता और धार्मिक गौरव की परतें चढ़ जाती हैं तब चढ़ाने वाले को पता होता है कि अब लोगों को कुछ नहीं दिखेगा। इसीलिए अमित शाह कहते हैं कि बीजेपी पचास साल राज करेगी। कहते हैं कि हम अख़लाक़ के बाद भी जीते। क्या वे किसी की हत्या के लिए किस भीड़ का धन्यवाद ज्ञापन कर रहे हैं? क्या कभी ऐसा हुआ है कि किसी पार्टी के अध्यक्ष ने बोला हो कि हम अख़लाक़ और अवार्ड वापसी के बाद भी जीते। आज तक जे...
September 14, 2018
दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र संघ के चुनाव ईवीएम से कराए जाते है,वैसे कल सुबह मतगणना कर परिणाम घोषित किये जाने थे लेकिन मतगणना में ईवीएम मशीनें उसी समय खराब होने लगती है जिस रांउड से बीजेपी समर्थित एबीवीपी के उम्मीदवार पिछड़ने लगते है, भारी हंगामा मच जाता है यूनिवर्सिटी प्रशासन मतगणना रोक देता है , रात में परिणाम आते हैं और बीजेपी की छात्र इकाई एबीव्हीपी 4 में से 3 सीट जीत जाती है.
आप...
September 14, 2018
एक मार्च 2016 को विजय माल्या संसद के सेन्ट्रल हाल में वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलते हैं। दो मार्च को रात ग्यारह बजे दर्जन भर बक्सों के साथ जेय एयरवेज की फ्लाइट से लंदन रवाना हो जाते हैं। फ्लाइट के अधिकारी माल्या को विशेष यात्री के तौर पर सारी सुविधाये देते हैं। और उसके बाद देश में शुरु होता है माल्या के खिलाफ कार्रवाई करने का सिलसिला या कहें कार्रवाई दिखाने का सिलसिला। क्योंकि देश छोड़ने के...
September 14, 2018
मैं नहीं चाहता कि जेटली इस्तीफ़ा दें। मैं इसलिए ये चाहता हूं कि मुझे चांस ही नहीं मिला उनका बचाव करने के लिए। बहुत से पत्रकारों को जब जेटली का बचाव करते देखा तो उस दिन पहली बार लगा कि लाइफ में पीछे रह गया। मगर फिर लगा कि जब जेटली को भी इन पत्रकारों के बचाव की ज़रूरत पड़ जाए तब लगा कि मुझसे ज़्यादा तो जेटली जी पीछे रह गए।
इन पत्रकारों ने बचाव में उतर कर जेटली के सत्ता संसार की गरिमा को कम...
September 13, 2018
कल विजय माल्या ने जो लंदन आने से पहले अरुण जेटली से हुई मुलाकात के बारे में कहा है वह अब एक ओपन ट्रूथ हैं, बहुत से लोगो को लगता है कि माल्या के मुद्दे पर राहुल गाँधी जो जेटली के इस्तीफे की मांग कर रहे है वह सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाने के लिए ऐसा कर रहे हैं लेकिन सच्चाई तो यह है कि माल्या ने कल वही बात बोली है जो कांग्रेस प्रवक्ताओ ने 2016 में माल्या के लंदन भागने के ठीक बाद में बोली थी.
उस...
September 13, 2018
क्या प्रधानमंत्री उन कंपनियों के नाम ले सकते हैं जिन्होंने भारत की जनता के जमा पैसे से सस्ती दरों पर लोन लिया और उस लोन का दस लाख करोड़ बैंकों को वापस नहीं किया? क्या वित्त मंत्री उन कंपनियों के नाम ले सकते हैं? क्या अमित शाह नाम ले सकते हैं? क्या कांग्रेस से राहुल गांधी, चिदंबरम नाम ले सकते हैं? जब ये दोनों नेता लोन लेकर भागने वालों के नाम नहीं ले सकते हैं तो फिर ये बहस हो किस चीज़ की रही है...
रघुराम राजन के बयान से बड़ा खुलासा- PMO को दी थी हाई प्रोफाइल घोटालेबाजों की लिस्ट, एक भी नहीं पकड़ा
September 12, 2018
भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के बयान में बैंकों के हाई प्रोफाइल घोटालेबाजों को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रघुरामन राजन ने जहां नॉन परफॉरमिंग एसेट (एनपीए) के लिए यूपीए सरकार को जिम्मेदार तो ठहराया ही है, मोदी सरकार को भी कोई क्लीन चिट नहीं दी है। उन्होंने 4 हाई प्रोफाइल एनपीए डिफॉल्टरों की लिस्ट प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ...
September 12, 2018
2014 के नारे 2019 से पहले ही दामन से लिपट जायेंगे ये ना तो नरेन्द्र मोदी ने सोचा होगा। ना ही 2014 में पहली बार खुलकर राजनीतिक तौर पर सक्रिय हुये सरसंघचालक मोहनभागवत ने सोचा होगा। ना ही भ्रष्टाचार और घोटालो के आरोपों को झेलते हुये सत्ता गंवाने वाली कांग्रेस ने सोचा होगा। और ना ही उम्मीद और भरोसे की कुलांचे मारती उस जनता ने सोचा होगा, जिसके जनादेश ने भारतीय राजनीति को ही कुछ ऐसा मथ दिया कि अब...
September 12, 2018
अप्रैल 2015 में हिन्दुस्तान टाइम्स ने लिखा था कि रघुराम राजन ने नॉन परफार्मिंग असेट के कुछ हाई-प्रोफाइल फ्राड की सूची प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपी थी। मांग की थी कि जांच हो और कुछ को जेल भेजा जाए। अखबार के अनुसार राजन ने 17,500 करोड़ के फ्राड के बारे में सूचना दी थी। इसमें विनसम डायमंड एंड ज्वेलरी, ज़ूम डेवलपर्स, तिवारी ग्रुप, सूर्य विनायक इंडस्ट्री, डेक्कन क्रोनिकल होल्डिंग, फर्स्ट लीजिंग...
September 11, 2018
आई टी सेल वालों की ट्रेनिंग चल रही है। कैसे 90 रुपया लीटर पेट्रोल को सस्ता बताना है। सरदार कहता है कि दाम हमारे हाथ में नहीं है। हम सबके हाथ में की-बोर्ड है। हम की-बोर्ड चलाते हैं। कार या बाइक नहीं। इस की-बोर्ड से हमने लोगों को मूर्ख बनाया है। डराया है। धमकाया है। लेकिन अब समझायेंगे। हम समझाएँगे कि पेट्रोल के दाम हमारे हाथ में नहीं है। तभी एक नादान सवाल करता है। तो हमारे हाथ में क्या है?...