मिडिया

January 25, 2020
निजी तौर पर मैं मानता हूं कि दीपक चौरसिया के साथ जो हुआ वह गलत हुआ, नहीं होना चाहिए था। मैंने घटना की वीडियो नहीं देखा, चैनल पर उनकी खबर भी नहीं देखी। मुझे लगता है सब कुछ जान बूझकर किया गया है। वो रिपोर्टर क्या जो रिपोर्ट नहीं कर पाए और उसे अंदाजा न हो कि वह रिपोर्ट नहीं कर पाएगा और पहुंच जाए। ये स्थिति किसने बनाई और सब कुछ करने के बाद अभी भी आप कहेंगे कि यह हमला तथाकथित चौथे खम्भे पर था तो मान...
January 24, 2020
नई दिल्ली: मशहूर मैगजीन 'द इकोनॉमिस्ट' ने नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) को लेकर भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर मोदी सरकार पर हमला बोला है। मैगजीन के कवर पेज पर कंटीली तारों के बीच भारतीय जनता पार्टी का चुनाव चिन्ह 'कमल का फूल' नजर आ रहा है। इसके ऊपर लिखा है, 'असहिष्णु भारत। कैसे मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को जोखिम में डाल रहे हैं।' 'द...
January 15, 2020
पता नहीं इन लोगों ने पत्रकारिता कहां पढ़ी है और किससे पढ़ी है तथा पत्रकारिता की इनकी यह समझ कैसे विकसित हुई है। जनता महंगाई से परेशान तब हुई जब खुदरा मुद्रास्फीति में 7.35 प्रतिशत की वृद्धि हुई और इसे पांच साल में सबसे ज्यादा कहा गया? मामला महंगाई की याद आने का नहीं है। महंगाई की याद तब आई जब एक पुलिस अफसर को आतंकवादियों को संरक्षण देने के आरोप में पकड़ा गया है। और इसे उल्टे ढंग से पेश...
January 7, 2020
हिन्दी अखबारों को दिल्ली चुनाव का नया मुद्दा मिल गया है। जेएनयू में नकाब पहन कर कौन आया छात्रों शिक्षकों पर हमला कर चला गया। पुलिस कैम्पस के बाहर अंदर घुसने की अनुमति का इंतजार करती रही, बिना अनुमति ना झगड़ा छुड़ाया और ना हमला कर वापस जाते बदमाशों को पकड़ा। भारी सुरक्षा के बावजूद यह सब हो गया। ना पुलिस ना जेएनयू प्रशासन और ना मीडिया में किसी हमलावर के इस तरह चले जाने पर कोई चिन्ता जताई गई है। ना...
December 10, 2019
आज की प्रमुख खबरों में एक खबर है, दल बदलने वाले 11 विधेयक फिर जीत गए। कर्नाटक उपचुनाव के नतीजों की यह खास बात है और दलबदल करने वाले 17 में से 11 का फिर जीत जाना मतदाताओं के व्यवहार से संबंधित गंभीर सवाल उठाता है। और अगर ये सवाल चर्चा करने योग्य नहीं हैं तो यह सोचना चाहिए यह मतदाता व्यवहार है या ईवीएम का कमाल। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर शंका शुरू से रही है और यह शंका भारतीय जनता पार्टी ज्यादा जोर...
December 5, 2019
पी चिदंबरम को जमानत मिलने की खबर आज लगभग सभी अखबारों में पहले पन्ने पर है। टेलीग्राफ ने इसका शीर्षक अपनी खास शैली में लगाया है पर बाकी अखबारों में यह रूटीन खबर की ही तरह है। फिर भी चर्चा करने लायक तो है ही। सबसे पहले टेलीग्राफ का शीर्षक, जमानत नियम है, जेल अपवाद। इसके बावजूद न्याय शास्त्र के स्वर्ण सिद्धांत को लागू करने का इंतजार करने में समय जाया किया गया और उसे इस तरह गिना गया। नवोदय...
December 4, 2019
दिल्ली मे जवाहर लाल नेहरू विश्वविधालय के छात्र पिछले एक महीने से फीस मे हुई बढ़ोतरी समेत अन्य मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच जेएनयू के पास स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन के छात्रों ने भी आज से आंदोलन करने का आह्वान कर दिया है। छात्र आईआईएमसी में फीस बढ़ोतरी के साथ ट्यूशन फीस, हॉस्टल और मेस चार्ज में वृद्धि के खिलाफ कैंपस में 3 दिसंबर 2019 से हड़ताल कर रहे हैं।...
November 27, 2019
ऐसे सरकार की सेवा में लगे हैं अखबार, आरटीआई कानून का बाजा बजाकर पारदर्शिता पर भाषण जलेबी बनाने वाली राजनीति का भाषण। क्या शानदार शीर्षक और उपशीर्षक है। चुनावी बांड के खिलाफ जो थोड़ा बहुत छपा है उसे यह खबर कितनी अच्छी तरह धो देती है। कोई पार्टी संगठित रूप से क्यों चाहेगी कि जनता नहीं पढ़े और पढ़ने लिखने वालों से उसे चिढ़ क्यों होगी - उसे इस खबर को पढ़कर समझा जा सकता है। अपनी तमाम कमजोरियों...
November 10, 2019
बहुत छोटे औऱ साधारण मामलों में बिछ जाने वाले अखबारों से आज अयोध्या पर फैसले पर कुछ खास की उम्मीद नहीं थी। जैसी थी वैसा ही हुआ है। दैनिक जागरण का पहला पेज देखकर समझ में नहीं आ रहा है कि वह खबरों का पन्ना है कि विज्ञापन। असल में ऐसे मौकों पर हिन्दी अखबार हिन्दू अखबार बन जाते हैं और आज भी कई अखबारों ने अयोध्या की खबर को पूरा पहला पन्ना दे दिया है अखबार में खबरों के दो पहले पन्ने हैं। दूसरे में...
November 9, 2019
अयोध्या बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने शनिवार को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपने फैसले में रामलला विराजमान को विवादित जमीन सौंपने का आदेश दिया। वहीं मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में पांच एकड़ की वैकल्पिक जमीन देने का फैसला दिया। शीर्ष कोर्ट ने आदेश दिया कि  3-4 महीने में राम मंदिर निर्माण के लिए एक ट्रस्ट बनाया जाए। इससे पहले कोर्ट ने जमीन पर निर्मोही...