मिडिया
February 21, 2020
आज के हिन्दुस्तान टाइम्स में शाहीनबाग से संबंधित कोई खबर पहले पन्ने पर नहीं है। टाइम्म ऑफ इंडिया की खबर का अंग्रेजी में जो शीर्षक है वह हिन्दी में कुछ इस प्रकार होता - अगर रोड ब्लॉक खत्म होता है तो सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई ज्यादा गौर से करेगा। अखबार ने यह शीर्षक सिंगल इंवर्टेड कॉमा में लगाया है यानी यह अखबार की राय नहीं है। खबर पढ़ने से पता चलता है कि ऐसा संदेश सुप्रीमकोर्ट द्वारा नियुक्त...
February 12, 2020
श्रीनगर: कश्मीर प्रेस क्लब ने सोमवार को जम्मू एवं कश्मीर पुलिस द्वारा कश्मीर के पत्रकारों पर शारीरिक हमलों और धमकियों को लेकर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाई। बैठक में तमाम पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और चिंता जताई कि सरकार 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाने के पहले दिन से ही घाटी में पत्रकारों और मीडिया को स्वतंत्रता से काम नहीं करने दे रही।
यह 5 अगस्त से चली आ रही छह महीने की...
February 7, 2020
एक टेलीविजन चैनल में काम करने वाले मित्र का फोन कल बहुत दिनों बाद आया। सबसे पहले पूछा व्यस्त तो नहीं हो। मैंने कहा, बिल्कुल नहीं। उसने पूछा टेलीविजन तो नहीं देख रहे। मैंने कहा नहीं। तो उसने मजाक में कहा कि खाली बैठे क्या कर रहे हो? जो कर रहा था बता दिया तो उसने लंबी सांस ली और कहा, तब बात हो सकती है। मैंने कहा, बिल्कुल। मैं तो सब से यही कहता हूं कि मई 2014 से खाली बैठा हूं। पहले 18 घंटे काम करता...
February 4, 2020
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए आयोजित एक रैली में शाहीनबाग के विरोध प्रदर्शन को प्रयोग कहा। उन्होंने कहा कि यह (दिल्ली चुनाव के मौके पर) संयोग नहीं प्रयोग है। मैं इस पर पहले लिख चुका हूं कि शाहीनबाग भाजपा की सरकार के कारण है। ना सीएए आता, ना शाहीनबाग होता। वैसे भी सरकार चाहे तो प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने में क्या लगता है। इस पर आज मैंने एक अलग पोस्ट भी लिखा...
February 1, 2020
आज के टेलीग्राफ में मुख्य खबर का शीर्षक है, गांधी भक्तों की सरकार। उपशीर्षक है, केंद्र ने कहा : सीएए बापू की इच्छा का सम्मान करता है। इसके बाद अखबार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर तथा भाजपा सांसद प्रवेश सिंह वर्मा (दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के सुपुत्र हैं पर भाजपा में हैं इसलिए वंशवाद की कोई बात नहीं होती है) की तस्वीर लगाकर पूछा है क्या बापू ने...
January 31, 2020
दिल्ली विधानसभा चुनाव की शुरुआत से पहले दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि दिल्ली में अशांति के लिए कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में टुकड़े-टुकड़े गैंग ज़िम्मेदार है, इनको दंड देने का समय आ गया है। दिल्ली की जनता ने दंड देना चाहिए। मैंने इसे दिल्ली में भाजपा के चुनाव प्रचार का नमूना माना था। गृहमंत्री ने तो मतदान के जरिए सजा देने की बात की थी पर जो...
January 25, 2020
निजी तौर पर मैं मानता हूं कि दीपक चौरसिया के साथ जो हुआ वह गलत हुआ, नहीं होना चाहिए था। मैंने घटना की वीडियो नहीं देखा, चैनल पर उनकी खबर भी नहीं देखी। मुझे लगता है सब कुछ जान बूझकर किया गया है। वो रिपोर्टर क्या जो रिपोर्ट नहीं कर पाए और उसे अंदाजा न हो कि वह रिपोर्ट नहीं कर पाएगा और पहुंच जाए। ये स्थिति किसने बनाई और सब कुछ करने के बाद अभी भी आप कहेंगे कि यह हमला तथाकथित चौथे खम्भे पर था तो मान...
January 24, 2020
नई दिल्ली: मशहूर मैगजीन 'द इकोनॉमिस्ट' ने नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) को लेकर भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर मोदी सरकार पर हमला बोला है। मैगजीन के कवर पेज पर कंटीली तारों के बीच भारतीय जनता पार्टी का चुनाव चिन्ह 'कमल का फूल' नजर आ रहा है। इसके ऊपर लिखा है, 'असहिष्णु भारत। कैसे मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को जोखिम में डाल रहे हैं।'
'द...
January 15, 2020
पता नहीं इन लोगों ने पत्रकारिता कहां पढ़ी है और किससे पढ़ी है तथा पत्रकारिता की इनकी यह समझ कैसे विकसित हुई है। जनता महंगाई से परेशान तब हुई जब खुदरा मुद्रास्फीति में 7.35 प्रतिशत की वृद्धि हुई और इसे पांच साल में सबसे ज्यादा कहा गया?
मामला महंगाई की याद आने का नहीं है। महंगाई की याद तब आई जब एक पुलिस अफसर को आतंकवादियों को संरक्षण देने के आरोप में पकड़ा गया है। और इसे उल्टे ढंग से पेश...
January 7, 2020
हिन्दी अखबारों को दिल्ली चुनाव का नया मुद्दा मिल गया है। जेएनयू में नकाब पहन कर कौन आया छात्रों शिक्षकों पर हमला कर चला गया। पुलिस कैम्पस के बाहर अंदर घुसने की अनुमति का इंतजार करती रही, बिना अनुमति ना झगड़ा छुड़ाया और ना हमला कर वापस जाते बदमाशों को पकड़ा। भारी सुरक्षा के बावजूद यह सब हो गया। ना पुलिस ना जेएनयू प्रशासन और ना मीडिया में किसी हमलावर के इस तरह चले जाने पर कोई चिन्ता जताई गई है। ना...