दलित
July 27, 2022
कथित "उच्च जाति" के पुरुषों के एक समूह ने गांव में लड़कियों को स्कूल भेजने के खिलाफ फरमान का पालन करने से इनकार करने पर परिवार की पिटाई की
भारत में जाति-आधारित भेदभाव पर कम ही बात की जाती है लेकिन इसकी जड़ें अभी बहुत गहरी हैं। इसका नजारा तब देखने को मिला जब मध्य प्रदेश के एक गांव में तथाकथित "उच्च जाति" के पुरुषों के एक समूह ने एक दलित परिवार की पिटाई की, क्योंकि...
July 14, 2022
अपनी सेवाओं की अवैध समाप्ति के 72 दिन बाद, एलएचएमसी सफाई कर्मचारियों को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड
़ा
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी) के सफाई कर्मियों ने कांप्लेक्स के सभी 357 छंटनी किए गए सफाई कर्मियों की तत्काल बहाली की मांग की है। कर्मियों ने मंदिर मार्ग पुलिस पर अस्पताल प्रशासन की निंदा करने वाले प्रदर्शनों को विफल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।...
July 5, 2022
इसी हफ्ते मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक आदिवासी महिला को जमीन विवाद में जिंदा जलाने की खबर आई।
पिछले माह मध्यप्रदेश में 2 आदिवासी युवकों को पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया था। पिछले हफ्ते बहराइच उत्तर प्रदेश के ककरहा क्षेत्र में वन विभाग द्वारा एक आदिवासी के घर/छपरी को अतिक्रमण बताते हुए ढहा दिया गया जबकि वनाधिकार कानून जो वन भूमि पर आदिवासियों/वनाश्रितों के कब्जे को मान्यता देता...
June 29, 2022
परिवार ने पुलिस पर उसकी जातिगत पहचान के लिए व्यक्ति को निशाना बनाने और मारने का आरोप लगाया
Image Courtesy: maktoobmedia.com
संस्थागत जातीय हिंसा क्या हो सकती है, इसके एक अन्य उदाहरण में, उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक 35 वर्षीय दलित व्यक्ति को कथित तौर पर पुलिस कर्मियों ने पीट-पीट कर मार डाला। 24 जून, 2022 को पुलिस द्वारा उनके घर पर छापेमारी के बाद गौतम की कथित तौर पर हत्या कर दी...
June 25, 2022
आदिवासियों की लंबे समय से चली आ रही अतिक्रमण संबंधी शिकायतों को लेकर मंगलवार को CCTOA द्वारा आवाज उठाई गई।
जनजातीय मामलों के मंत्रालय (एमओटीए) का शोध रिकॉर्ड, जो ऑल इंडिया यूनियन ऑफ फॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) द्वारा खोज किया गया है, बताता है कि, असम में 1901-02 से 524 वन (गैर-राजस्व) गांव बसे हुए हैं। दशकों पुराने यह दस्तावेज़ बताते हैं कि कैसे 1900 के शुरुआती दशक से ही आदिवासी परिवार...
June 25, 2022
झारखंड की पूर्व राज्यपाल ने 2017 में निडर होकर आदिवासी विरोधी वन कानून वापस भेज दिया था
Image: PTI
झारखंड की पूर्व राज्यपाल, और प्रसिद्ध आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता द्रौपदी मुर्मू अनुसूचित जनजाति से आने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बन सकती हैं। ओडिशा के मयूरभंज जिले की मुर्मू भारत की राष्ट्रपति बनने वाली दूसरी महिला होंगी। वह राष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की...
June 25, 2022
आदिवासी अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर देने के लिए आदिवासी समूहों ने गुवाहाटी में सर्किल कार्यालय को घेर लिया
Image Courtesy: TMPK- Facebook
सेंटिनल असम की रिपोर्ट के मुताबिक, असम के जनजातीय संगठनों (सीसीटीओए) की समन्वय समिति के कार्यकर्ताओं ने 21 जून, 2022 को आदिवासी बेल्ट और ब्लॉक से अतिक्रमणकारियों और अवैध उद्योगों को हटाने की मांग को लेकर गुवाहाटी में सोनपुर सर्कल कार्यालय...
June 23, 2022
गिरफ्तारी की श्रृंखला के खिलाफ शिकायत करने के लिए ग्रामीणों ने पुलिस से संपर्क किया और ₹ 40 लाख के मुआवजे की मांग की
22 जून, 2022 की शाम तक ओडिशा के जगतसिंहपुर के ढिंकिया गांव के पास एक विकास परियोजना के खिलाफ जिंदल विरोधी आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए कम से कम तीन और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। पिछले छह महीनों में पहले ही 60 से अधिक गिरफ्तारियां और कार्यकर्ताओं की जमानत पर...
June 20, 2022
देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके में सबसे घटिया मानसिकता वाली खबर सामने आई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार रात जोमैटो के डिलीवरी बॉय से इसलिए कस्टमर ने खाना लेने से इंकार कर दिया क्योंकि वह दलित था। आरोप है कि कस्टमर को जैसे ही डिलीवरी बॉय के नाम बताने पर उसके दलित होने का पता चला, कस्टमर ने खाना लेने से इंकार कर दिया।
सिर्फ यही नहीं,...
June 13, 2022
अभी तक आपने सुना होगा कि वन विभाग या प्रशासन ने आदिवासियों को जंगल से बेदखल कर दिया है या उनके जंगल में जाने और लकड़ी चुनने आदि पर रोक लगा दी है लेकिन केरल सरकार का नया फरमान बहुत ही अजीबोगरीब है। केरल सरकार ने आदिवासियों की बस्तियों में बाहरी लोगों के जाने पर रोक लगा दी है। इसके लिए बाकायदा आदेश निकाला गया है। इस नए आदेश में सरकार ने कहा है कि प्रशासन की अनुमति के बिना केरल की आदिवासी बस्तियों...