संस्कृति

March 13, 2021
हमारे देश के सत्ताधारी दल भाजपा के पितृ संगठन आरएसएस के स्वाधीनता संग्राम में कोई हिस्सेदारी न करने पर चर्चा होती रही है. पिछले कुछ वर्षों में संघ की ताकत में आशातीत वृद्धि हुई है और इसके साथ ही इस संगठन के कर्ताधर्ताओं ने यह जताने के प्रयास भी तेज कर दिए हैं कि आज़ादी की लड़ाई में संघ की महत्वपूर्ण भूमिका थी. आरएसएस के चिन्तक कहे जाने वाले राकेश सिन्हा इन दिनों भाजपा के राज्यसभा सदस्य हैं. उनका...
March 11, 2021
भारत के जाने-माने फिक्शन लेखकों में से एक हमान अब्बास ने किसी भी राजनीतिक या धार्मिक प्रभाव से मुक्त उर्दू अकादमी को फिर से शुरू करने का अनुरोध करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को एक खुला पत्र लिखा है।    नई दिल्ली। साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता रहमान अब्बास ने 10 मार्च, 2021 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक खुला पत्र लिखा है। इस पत्र में धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को...
March 9, 2021
वाराणसी। वाराणसी में सौंदर्यीकरण के नाम पर ऐतिहासिक प्राचीन धरोहरों की तोड़फोड़ का सिलसिला 2018 से शुरू होकर निरंतर जारी है। पौराणिक ज्ञानवापी कूप और ज्ञानवापी परिसर में स्थित विशाल नंदी अब काशी विश्वनाथ मंदिर का हिस्सा बन गया है। मंदिर परिसर के विस्तार के लिए बेस निर्माण का कार्य पूरा हो गया है। महाशिवरात्रि के बाद मंदिर की नई बाउंड्री बनाने का काम भी शुरू हो जाएगा। एक सौ से ज़्यादा...
March 1, 2021
छतरपुर में हिंदू धार्मिक संगठन के विरोध के बाद भारतीय जन नाट्य संघ यानी इप्टा का वार्षिक नाटक समारोह रद्द कर दिया गया है। यह कार्यक्रम 26 फरवरी को होना था। धार्मिक संगठन ने प्रशासन को इस बाबत सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया था कि यह कार्यक्रम हिंदू धर्म और संस्कृति विरोधी है, इसलिए इस पर रोक लगाई जाए। उधर, कार्यक्रम का आयोजन करने वाले संगठन इप्टा ने इस बाबत कहा है कि हिंदू धर्म या संस्कृति...
January 12, 2021
वर्तमान समय में स्वामी विवेकानंद को हिन्दू रूढ़िवादी संगठनों द्वारा हिंदूवादी संत की तरह प्रचारित किया जा रहा है जबकि सच्चाई इससे परे है. ठीक उसी तरह जैसे शिवाजी महाराज को हिन्दू आईकान बना कर देश में पेश करने की कोशिश की गयी और आज ऐसी ही कोशिश बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर को लेकर भी कर रहे हैं. 2014 में जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता में आई है तब से सांप्रदायिक हिन्दू रुढ़िवादी ताकतों नें...
December 28, 2020
लव जिहाद कानूनों और जबरन धर्म परिवर्तन पर इस्लाम का नज़रिया क्या है? देखिए, बनारस के मौलाना अब्दुल बातिन मुफ़्ती साहब के साथ सबरंगइंडिया की एक ख़ास पेशकश
December 7, 2020
लखनऊ। भारत हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब का पैरोकार रहा है। उत्‍तर प्रदेश के जिला रामपुर की रजा लाइब्रेरी में रखी फारसी भाषा में अनुवाद की गई वाल्मीकि रामायण इस बात की गवाही देने के लिए काफी है। संस्‍कृत से फारसी भाषा में अनुवाद की गई इस रामायण की सबसे बड़ी खूबी है कि ये ऊं  के बजाय 'बिस्मिल्लाह-अर्रहमान-अर्रहीम' से शुरू होती है। इसके मायने हैं, 'शुरू करता हूं अल्‍...
December 3, 2020
अनुसूचित जनजाति व अन्य परम्परागत वन निवासी समुदाय के वनाधिकारों की मान्यता अधिनियम 2006 देश का पहला ऐतिहासिक कानून है जो वनाश्रित समुदायों और आदिवासियों पर सदियों से हो रहे ऐतिहासिक अन्याय को न सिर्फ स्वीकारता है बल्कि उससे निजात दिलाकर आदिवासी व वन निवासियों की ज़िन्दगी में आजादी का सूरज लाने की बात करता है। उनके वन भूमि पर दखल (काबिज-काश्त व लघु वन उपज आदि) के अधिकारों को मान्यता देता है। संसद...
November 25, 2020
हिंदी की महत्वपूर्ण पत्रिका उदभावना में पिछले दिनों छपे इस इंटरव्यू की काफ़ी चर्चा हुई है। यह भारत में बारह सौ वर्षों से अधिक समय से साथ-साथ रह रहे हिंदुओं और मुसलमानों के आपसी रिश्तों को एक नये नज़रिए से देखने की कोशिश है। विभूति नारायण राय ने सीनियर पुलिस अफ़सर की हैसियत से भारतीय राज्य द्वारा मुसलमानों के साथ की जाने वाले ज़्यादतियों को नज़दीक से देखा है। अपनी अकादमिक दिलचस्पियों के चलते वे...
November 15, 2020
अदाएँ दीवाली की ज़ोर भाती हैं । कि लाखों झमकें हरएक घर में जगमगाती हैं । चिराग जलते हैं और लौएँ झिलमिलाती हैं । मकां-मकां में बहारें ही झमझमाती हैं । खिलौने नाचें हैं तस्वीरें गत बजाती हैं । बताशे हँसते हैं और खीलें खिलखिलाती हैं ।1। गुलाबी बर्फ़ियों के मुंह चमकते-फिरते हैं । जलेबियों के भी पहिए ढुलकते-फिरते हैं । हर एक दाँत से पेड़े अटकते-फिरते हैं । इमरती उछले हैं लड्डू ढुलकते-...