आदिवासी

October 17, 2020
शिवालिक पहाड़ियों में रह रहे वन गुर्जरों ने बेदखली की कोशिशों के खिलाफ अभूतपूर्व एकजुटता दिखाते हुए, संघर्ष की हुंकार भरी है। सभी ने एक सुर में वनाधिकार कानून के दायरे में वन भूमि पर अधिकारों को मान्यता देने तथा प्रस्तावित टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट पर पूर्ण विराम लगाए जाने की मांग की। स्थानीय सांसद हाजी फजलुर्रहमान व युवा गुर्जर संगठन का साथ मिलने से समुदाय का हौसला भी बुलंदियों पर है। ...
October 16, 2020
नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते बुधवार को घोषणा की है कि राज्य में 4,41,000 से अधिक व्यक्तिगत और 46,000 से अधिक सामुदायिक वन अधिकार पत्र अनुसूचित जनजाति समुदाय और अन्य पारंपरिक वनवासियों को वितरित किए गए हैं। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, राज्य सरकार ने एक बयान में कहा, ‘इस तरह राज्य में स्थानीय समुदायों के 51।06 लाख ग्रामीण भूस्वामित्व का लाभ दिया गया है। राज्य में प्रति व्यक्ति...
October 14, 2020
आदिवासी अपनी जल, जंगल जमीन को बचाने की जद्दोजहद में निरंतर जुटे हैं। बिहार के अधौरा के बरडीह गांव निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग आदिवासी राम सूरत सिंह ने अपनी पीड़ा CJP के साथ शेयर की है। इस दौरान उन्होंने बड़े ही मार्मिक तरीके से बताया कि वे अपनी आजीविका चलाने के लिए किस तरह का संघर्ष कर रहे हैं। वन विभाग आदिवासियों के साथ किस तरह का व्यवहार करता है। यह हाल सिर्फ उनका ही नहीं बल्कि सभी आदिवासियों का है...
October 10, 2020
8 अक्टूबर को गोदावरी पारुलेकर की 24 वीं पुण्यतिथि पर, हम परुलेकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय जमींदारों के दमनकारी शासन के खिलाफ, सीमांत आदिवासी मजदूरों को सशक्त बनाने में मदद करने के लिए समर्पित किया। "गोदुताई" ठाणे-पालघर क्षेत्र में पुराने वारली लोगों के बीच एक प्रसिद्ध नाम है। यह एक उपनाम था, जो प्यार से गोदावरी पारुलेकर को दिया गया था, जो...
October 10, 2020
''टाईगर रिजर्व नहीं, मौलिक अधिकार चाहिए-वनाधिकार चाहिए'' जैसे नारों के साथ सहारनपुर शिवालिक वन प्रभाग में निवास कर रहे वन गुर्जरों ने (वन भूमि पर) अधिकारों को हुंकार भरी हैं। एक स्वर में, टाईगर रिजर्व नहीं, वनाधिकार कानून के तहत हक चाहिए, की आवाज बुलंद कर वन गुर्जरों ने सहारनपुर प्रशासन की जबरन पुनर्वास की कोशिशों को सिरे से नकार दिया हैं। शिवालिक मोहंड़ रेंज के कालूवाला खोल...
October 9, 2020
लगता है सोनभद्र के उम्भा कांड से उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कोई सबक नहीं लिया है। अगर लिया होता तो वह स्थानीय पुलिस प्रशासन के रवैये और कामकाज में नजर आता। खासकर आदिवासी क्षेत्रों में जमीनों पर कब्जे से जुड़े मामलों में बिल्कुल भी चूक या लापरवाही नहीं करते दिखते। मामला सोनभद्र के दुद्धी तहसील के लीलासी गांव का है जहां पुलिस-प्रशासन की मौन सहमति से आदिवासियों और दबंगों (गैर...
October 9, 2020
छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक आदिवासी युवती के साथ ढाई महीने पहले सात लोगों ने गैंगरेप किया था। इस मामले में अब जाकर पुलिस कार्रवाई कर रही है। पीड़िता ने आत्महत्या करके अपनी जान दे दी थी। इसके बाद उसके पिता ने भी जान देने की कोशिश की तो मामला खुला।  छत्तीसगढ़ पुलिस ने ढाई महीने पुराने मामले में पीड़िता के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना छत्तीसगढ़ के कोंडागांव के...
September 21, 2020
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वन अधिकार पट्टा वितरण कार्यक्रम में ऐलान किया है कि आदिवासियों के छोटे आपराधिक मामले वापस लिए जाएंगे। यह स्वागत योग्य कदम है।  दरअसल हाल ही में राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में मध्यप्रदेश की जेलों में बंद कैदियों को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश के अंदर जेल में बंद कैदियों के आंकड़ों की बात करें तो आलम यह है कि विचाराधीन...
September 14, 2020
पटना। अखिल भारतीय वनजन श्रमजीवी यूनियन की उप महासचिव रोमा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर वनाधिकार कानून 2006 को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की।  उन्होंने पत्र में कहा है कि कैमूर के अधौरा में आदिवासियों द्वारा उक्त कानून को लागू करने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन में प्रर्दशनकारियों पर पुलिस द्वारा 11 सितंबर को गोली चलाई गई, जिसमें तीन आदिवासी समुदाय के लोग घायल हो गए और कई...
September 13, 2020
बिहार के कैमूर आदिवासियों ने अपने हक-हकूक को लेकर आवाज क्या उठाई कि बिहार का पुलिस प्रशासन दमन पर उतर आया। आदिवासी समुदाय सालों से अपने वनाधिकार आदि परंपरागत और संवैधानिक अधिकारों तथा आजीविका (वन उपज आदि) की मांग करता आ रहा है, लेकिन कही कोई सुनवाई नहीं हो रहीं है। उल्टे टाइगर रिजर्व बनाने आदि की आड़ में इन्हें उजाड़ने (विस्थापन) की कोशिश जरूर की जा रही हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि आदि भी इस वंचित...