दलित की बारात में मारपीट कर सवर्णों ने फाड़े थे बाबा साहेब के पोस्टर, SC/ST आयोग ने प्रशासन से मांगा जवाब

Written by Sabrangindia Staff | Published on: December 17, 2018
लखनऊ। एटा के गांव असरौली में दलित की शादी के दौरान हुए हमले का मामला उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति आयोग तक पहुंच गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, आयोग अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीपी बृजलाल ने हमले की घटना पर पुलिस प्रशासन से जवाब तलब किया है। मामले में क्या कार्रवाई हुई उसमें सोमवार तक आयोग को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि 11 दिसंबर को कोतवाली देहात के गांव असरौली में हाथरस से अमर सिंह के बेटे दीपक की बारात आई थी। इसी गांव में सवर्ण समाज के महेन्द्र पाल सिंह की बेटी का भी कार्यक्रम चल रहा था। दलित समाज की बारात के दौरान सवर्ण समाज के बारातियों ने झगड़ा किया। डॉ. भीमराव आंबेडकर और गौतम बुद्ध के फोटो फाड़ दिए। बारातियों की भी पिटाई कर दी। एससी समाज के लोगों ने एएसपी क्राइम से शिकायत की थी। दूसरी तरफ बारात में सवर्ण समाज के भी दो लोगों को पीटा गया। सवर्ण समाज ने भी कोतवाली देहात में आकर तहरीर दी थी। एससी समाज से रिंकू ने रामू निवासी असरौली सहित पांच आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई तो वहीं दूसरी तरफ सवर्ण समाज की तरफ विजेन्द्र ने आरोपी रिंकू सहित पांच आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई।

मामले को एससी-एसटी आयोग ने संज्ञान में लेते हुए पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए सोमवार तक कार्रवाई की जानकारी मांग की है। बताया जा रहा है कि आयोग के अध्यक्ष बृजलाल ने घटना को गम्भीरता से लेने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर न्यायोचित क़ानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पीड़ित पक्ष की सुरक्षा की व्यवस्था कराई जाए और घटना का सम्पूर्ण विवरण व अब तक की गई कार्रवाई के बारें में बताए।

एटा एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि गांव असरौली प्रकरण को लेकर आयोग द्वारा जवाब मांगा गया है तलब नहीं किया गया है। मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई उससे अवगत कराने को कहा गया है। मामले में कार्रवाई जारी है।