जींद महापंचायत: वादाखिलाफी पर बरसे SKM नेता, टिकैत बोले- लोगों को लड़वा रही बीजेपी

Written by Navnish Kumar | Published on: January 27, 2023
"हरियाणा के जींद में पूर्व निर्धारित किसान महापंचायत में संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए और एमएसपी आदि लंबित मुद्दों पर बड़े आंदोलन को हुंकार भरी। बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि देश में भाजपा नहीं, कंपनी की सरकार है जो लोगों को लड़ाती है। लेकिन लोग जागरूक हो रहे हैं। किसान जाग रहा है। कहा, ये वैचारिक लड़ाई है और वैचारिक क्रांति से ही हम अपनी मांगों को पूरा करवाएंगे।"



संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर गुरुवार को नई अनाज मंडी, जींद में किसान महापंचायत हुई जिसमें हरियाणा के साथ यूपी, पंजाब, राजस्थान व उत्तराखंड आदि राज्यों से भी हजारों की संख्या में किसान पहुंचे हैं। सुबह से ही जींद-नरवाना नेशनल हाइवे पर जाम की स्थिति बनी है। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह, पंजाब से जोगेंद्र उग्राहां, दर्शन पाल समेत कई बड़े किसान नेता रैली में पहुंचे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जींद महापंचायत में पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि देश में भाजपा नहीं, कंपनी की सरकार चल रही है। इस सरकार में जो ज्यादा दाम लगाता है, उसी की चलती है। टिकैत ने कहा कि भाजपा पशुओं को भूखा मारने का षड्यंत्र रच रही है। सरकार की तरफ से अभी एक दवाई लाई गई है, जो घास व पौधों पर छिड़की जाएगी। इस दवाई के कारण आवारा पशु पौधों को नहीं खाएंगे लेकिन यही घास जब गांव में जाएगी तो गांव के पशु भी इस घास को नहीं खाएंगे। इस कारण पशु भूखे मर जाएंगे। भाजपा देश के किसान के पशुओं को भूखा मारने पर तुली हुई है।

राकेश टिकैत ने कहा कि यह वैचारिक लड़ाई है। लोग जागरूक हो रहे हैं। किसान भी जाग रहा है। इस वैचारिक क्रांति से ही हम अपनी मांगों को पूरा करवाएंगे। हरियाणा में गन्ने के दाम मात्र 10 रुपये बढ़ाए जाने पर उन्होंने कहा कि यह बहुत कम है। सरकार ने 20 रुपये भाड़े के रूप में काट लिए हैं, इससे तो गन्ने का रेट बढ़ने की बजाय और कम हो जाएगा।

भाजपा किसान को आर्थिक रूप से पीछे धकेल रही: टिकैत

राकेश टिकैत ने कहा कि हरियाणा में गन्ने के रेट में महज 10 रुपये की बढ़ोत्तरी एकदम नाकाफी है। सरकार ने 20 रुपये भाड़े के रूप में काट लिए हैं, इससे गन्ने का रेट और कम हो जाएगा। हरियाणा में गन्ने का रेट पहले सबसे अधिक होता था लेकिन भाजपा सरकार अब हरियाणा के किसान को भी आर्थिक रूप से पीछे धकेल रही है। कहा शुगर मिलें बंद है। आंदोलन और तेज करना होगा। गन्ने का रेट 500 रुपये प्रति क्विंटल हो तो किसान का कुछ भला हो सकता है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश का किसान कोई अलग नहीं है। पूरे देश का किसान एक है। हमारी सबकी मांगें समान हैं। एमएसपी हमारी सबसे प्रमुख मांग है।

फसल और नस्ल दोनों बचानी है, बांटने की साजिश से सावधान

भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार धोखेबाज हैं। लोगों को बांटने का काम कर रही है। कहा हिंदू और सिख को तोड़ने तथा खापों को एक दूसरे के खिलाफ लड़ाने की कोशिश की जा रही है। जातिगत आधार पर किसान संगठन खड़े करवाए जा रहे हैं तो फसलों के आधार तक पर किसानों को बांटा जा रहा है कि ये गन्ने का किसान है तो ये गेहूं धान के किसान है। सरकारी संगठन खड़े करवाएं जा रहे हैं लेकिन इनसे डरने की जरूरत नहीं है। हमें इनकी हर चाल की काट पता है। हम दिल्ली में इनके आका से नहीं डरे तो इनका क्या। लेकिन बांटने की साजिश से सावधान रहना है। याद रहे फसल और नस्ल दोनों बचानी है। राकेश टिकैत ने कहा कि 26 तारीख को पिछले साल जब हम खुशी में दिल्ली की सड़कों पर ट्रेक्टर चला रहे थे तब सरकार साजिश रच रही थी। कहा 26, 27, 28 ये धोखे के दिन है इनसे बचने के लिए हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को आंदोलन के बारे में बताना होगा। 



15 से 22 मार्च के बीच दिल्ली में प्रदर्शन : टिकैत

भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि 9 फरवरी को कुरुक्षेत्र में संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग होगी। उसमें 15 मार्च से 22 मार्च के बीच दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन की डेट फाइनल की जाएगी। हमें भी पता है कि सरकार हमें दिल्ली में प्रदर्शन के लिए कोई जगह तो देने वाली नहीं है, अगर आप ने अपनी नसल फसल बचानी है तो अपने ट्रैक्टरों को तैयार रखना होगा, कभी भी कॉल हो सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में 26, 27, 28, 29 जनवरी को हर साल तिहाङा के रूप में मनाया जाएगा और लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुना जाएगा। 28 को हमारा मुजफ्फरनगर में स्थानीय समस्याओं पर आंदोलन है।

भाजपा चाल चलने में लगी: उग्राहां

किसान नेता जोगिंद्र सिंह उग्राहा ने कहा कि आज का दिन बहुत बड़ा है। इसी दिन केंद्र की भाजपा सरकार ने चाल चलकर आंदोलन को तोड़ने की कोशिश की थी। सरकार 26 जनवरी 2022 के आंदोलन को हिंसक बनाना चाहती थी। हमें खालिस्तानी पाकिस्तानी तालिबानी बताया गया, लेकिन पूरी दुनिया जानती है कि इस अहंकारी मोदी सरकार को किसान आंदोलन ने झुकाने का काम किया। आज भी किसान आंदोलन इनकी आंखों में रड़क रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा को तोड़ने का काम किया जा रहा है, लेकिन मोर्चा बहुत बड़ा समुद्र है।

कान में धमाका जरूरी: युद्धवीर सिंह

युद्ववीर सिंह ने कहा कि यह सरकार जब तक नहीं सुनती, जब तक इसके कान में धमाका नहीं किया जाता। हम दोबारा लौटेंगे और सरकार से बचा हुआ इंसाफ लेंगे। 13 महीने के संघर्ष की जो थकान थी, वह उतार ली है। संयुक्त किसान मोर्चा जो निर्णय लेगा, आज से ही उस मोर्चे की तैयारी शुरू समझो। इस बार दिल्ली में आर-पार का मोर्चा होगा।

सरकार से MSP और न्याय चाहिए: दर्शन पाल

किसान नेता डॉ दर्शन पाल पंजाब ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान किया है कि एमएसपी गारंटी कानून लागू करवाना है, स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करवानी है और किसानों को कर्जा मुक्त करवाना है। अजय मिश्रा टेनी को उसके पद से बर्खास्त करवाना है और कड़ी से कड़ी सजा दिलवानी है। यह संयुक्त किसान मोर्चा 2023 में मोदी सरकार को झुकाएगा और अपनी मांगे मनवाने का काम करेगा। मार्च के महीने में दिल्ली में बहुत बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

ये रहीं जींद महापंचायत में SKM की प्रमुख मांग

स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण हो। और उसी आधार पर खरीद की कानूनी गारंटी दी जाए।
कर्जदार किसानों व खेत मजदूरों को कर्जा मुक्त किया जाए।
बिजली संशोधन विधेयक 2022 वापस लिया जाए।
लखीमपुर खीरी कांड में आरोपित गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करके गिरफ्तार किया जाए और गिरफ्तार किए गए निर्दोष किसानों को रिहा किया जाए।
आंदोलन के दौरान बनाए गए मुकदमे वापस हों।
फसल खराबे के सभी लंबित मुआवजों का तुरंत भुगतान करो।
गन्ने का रेट 450 रुपए प्रति क्विंटल करो।
300 यूनिट तक बिजली मुफ्त हो।
यौन शोषण के आरोपी में फंसे मंत्री संदीप सिंह व कुश्ती महासंघ अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह को बर्खास्त करके गिरफ्तार किया जाए।



रिकॉर्ड संख्या में जुटे किसान, लंगर जारी

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता रामराजी ढुल ने बताया कि जींद महापंचायत में किसानों की रिकॉर्ड भागेदारी हुई है। 21 फरवरी 1999 को जींद के हुड्डा ग्राउंड में किसानों की एक बड़ी रैली हुई थी। जिसकी अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व चौ महेन्द्र सिंह टिकैत ने की थी। उस दौर में प्रदेश अध्यक्ष स्व चौ घासी राम नैन हुआ करते थे। इतनी ही भीड़ गुरुवार की महापंचायत में जुटी है। जींद-नरवाना हाईवे पर रात 9 बजे से ही लंगर सेवा शुरू की गई थी। डूमरखां, उचाना समेत रास्ते में कई जगह लंगर सेवा चलती रही।

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