नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर का मामला इस वक्त सुप्रीम कोर्ट में है। लेकिन आरएसएस और वीएचपी जैसे भगवा संगठन भाजपा सरकार से मांग कर रहे हैं कि अयोध्या में विवादित जमीन पर राम मंदिर बनाया जाए। राम मंदिर का मुद्दा चुनावों में बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित होता रहा है। संघ औऱ वीएचपी द्वारा 25 नवंबर को अयोध्या में बुलाई धर्म संसद में लोगों का टोटा रहा। ऐसे में अब भगवा संगठनों के निशाने पर दिल्ली की जामा मस्जिद है।
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शायर औऱ कवि इमरान प्रतापगढ़ी ने एक वीडियो ट्वीट किया है। इस वीडियो में भगवा संगठन के लोग 'एक झटका और दो....जामा मस्जिद तोड़ दो' के नारे लगाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के साथ कैप्शन में इमरान प्रतापगढ़ी ने लिखा है, 'ये नारे आज उसी दिल्ली की सडकों पर लगे जहॉं देश के राष्ट्रपति रहते हैं, प्रधानमंत्री हैं, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश रहते हैं, सारे बडे मीडिया हाउस मौजूद हैं. इन नारों को सुनिये और फैसला करिये कि इन्हें दंगाई कहा जाये या किसी संस्था का सदस्य ?'
इस मामले को लेकर माना जा रहा है कि अयोध्या में दंगा फसाद कराने में विफल साबित हुए भगवा संगठन अब जामा मस्जिद के सहारे नया विवाद खड़ा करना चाहते हैं। 1992 में भी भाजपा द्वारा अयोध्या के लिए निकाली गई रथयात्रा में इसी तरह का नारा दिया गया था। अब यह नारा भगवा संगठन के लोग जामा मस्जिद के लिए प्रयोग करते नजर आ रहे हैं।
राम मंदिर मुद्दे पर सबसे अफसोसजनक बात यह नजर आती है कि मेन स्ट्रीम मीडिया महीनों इसी मुद्दे पर डिबेट कराता रहा है। महंगाई- बेरोजगारी-शिक्षा आदि पर सरकार से सवाल पूछना मीडिया की प्राथमिकता में नजर नहीं आता। वीएचपी द्वारा राम मंदिर के लिए जनसमर्थन के नाम पर बुलाई गई धर्म संसद में चंद हजार लोग ही पहुंचे इसकी वजह से मेन स्ट्रीम मीडिया के पत्रकार भी मायूस नजर आए थे। इस दौरान मुस्लिम समुदाय ने कोई टिप्पणी ना कर जो सहनशीलता का परिचय दिया उससे सिर्फ भगवा संगठन ही नहीं बल्कि मुख्य धारा का मीडिया भी मायूस नजर आया। भगवा संगठनों ने इस बार राम मंदिर का मुद्दा ऐसे समय पर उठाया है जब शीतकालीन सत्र शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी हैं। ऐसे में भगवा संगठन बीजेपी सरकार पर दवाब डाल रहे हैं कि वह सुप्रीम कोर्ट को इग्नोर कर कानून बनाए। इंडिया टुडे की पत्रकार सीमी पाशा ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा है कि यह अयोध्या में राम मंदिर या बाबरी मस्जिद का मामला नहीं है बल्कि ये सामाजिक तानेबाने को नष्ट करना चाहते हैं। इसके साथ ही सीमी पाशा ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को टैग करते हुए लिखा है कि आरएसएस औऱ वीएचपी के गुंडे सरेआम नारेबाजी कर रहे हैं इन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा।
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शायर औऱ कवि इमरान प्रतापगढ़ी ने एक वीडियो ट्वीट किया है। इस वीडियो में भगवा संगठन के लोग 'एक झटका और दो....जामा मस्जिद तोड़ दो' के नारे लगाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के साथ कैप्शन में इमरान प्रतापगढ़ी ने लिखा है, 'ये नारे आज उसी दिल्ली की सडकों पर लगे जहॉं देश के राष्ट्रपति रहते हैं, प्रधानमंत्री हैं, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश रहते हैं, सारे बडे मीडिया हाउस मौजूद हैं. इन नारों को सुनिये और फैसला करिये कि इन्हें दंगाई कहा जाये या किसी संस्था का सदस्य ?'
इस मामले को लेकर माना जा रहा है कि अयोध्या में दंगा फसाद कराने में विफल साबित हुए भगवा संगठन अब जामा मस्जिद के सहारे नया विवाद खड़ा करना चाहते हैं। 1992 में भी भाजपा द्वारा अयोध्या के लिए निकाली गई रथयात्रा में इसी तरह का नारा दिया गया था। अब यह नारा भगवा संगठन के लोग जामा मस्जिद के लिए प्रयोग करते नजर आ रहे हैं।
राम मंदिर मुद्दे पर सबसे अफसोसजनक बात यह नजर आती है कि मेन स्ट्रीम मीडिया महीनों इसी मुद्दे पर डिबेट कराता रहा है। महंगाई- बेरोजगारी-शिक्षा आदि पर सरकार से सवाल पूछना मीडिया की प्राथमिकता में नजर नहीं आता। वीएचपी द्वारा राम मंदिर के लिए जनसमर्थन के नाम पर बुलाई गई धर्म संसद में चंद हजार लोग ही पहुंचे इसकी वजह से मेन स्ट्रीम मीडिया के पत्रकार भी मायूस नजर आए थे। इस दौरान मुस्लिम समुदाय ने कोई टिप्पणी ना कर जो सहनशीलता का परिचय दिया उससे सिर्फ भगवा संगठन ही नहीं बल्कि मुख्य धारा का मीडिया भी मायूस नजर आया। भगवा संगठनों ने इस बार राम मंदिर का मुद्दा ऐसे समय पर उठाया है जब शीतकालीन सत्र शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी हैं। ऐसे में भगवा संगठन बीजेपी सरकार पर दवाब डाल रहे हैं कि वह सुप्रीम कोर्ट को इग्नोर कर कानून बनाए। इंडिया टुडे की पत्रकार सीमी पाशा ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा है कि यह अयोध्या में राम मंदिर या बाबरी मस्जिद का मामला नहीं है बल्कि ये सामाजिक तानेबाने को नष्ट करना चाहते हैं। इसके साथ ही सीमी पाशा ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को टैग करते हुए लिखा है कि आरएसएस औऱ वीएचपी के गुंडे सरेआम नारेबाजी कर रहे हैं इन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा।