हाँ, जंगे आज़ादी में था RSS ! अंग्रेज़ों के साथ, गाँधी, सुभाष और भगत सिंह के ख़िलाफ़ !

Written by Media Vigil | Published on: September 27, 2016

RSS सबसे ज़्यादा राष्ट्रवाद की बात करता है, वह आज़ादी की लड़ाई में कहाँ था ? उसने गाँधी जी का ही नहीं, भगत सिंह और सुभाष बोस का भी विरोध किया।  




RSS का गठन 1925 में हुआ था यानी असहयोग आंदोलन की पृष्ठभमि में। संगठन का उद्देश्य ख़ासतौर पर हिंदुओं को गाँधी के 'चक्कर' से बचाना था। उसे न अंग्रज़ों से कोई दिक़्क़्त थी और न वह ऐसी आज़ादी चाहता था जो सबके भले के लिए हो, यानी हिंदुत्व नहीं भारतीयता की बात करता हो। यह वजह है कि भगत सिंह जैसे क्रांतिकारी के विचारों अपने स्वयंसेवक को प्रभावित होने से बचाने के लिए, संस्थापक डॉ. हेडगवार ने एक महीने तक ' क्लास' ली। यही नहीं, जब सुभाष चंद्र बोस आज़ाद हिंद फ़ौज के ज़रिये अंग्रेज़ों से मोर्चा ले रहे थे तो सावरकर को आगे करके RSS ने अंग्रेज़ी सेना में 'हिंदुओं' की भर्ती के कैंप लगवाये !

यह सारी महत्वपूर्ण जानकारियाँ इस बातचीत में है जो वरिष्ठ राजनीतिक चिंतक और दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व शिक्षक शम्सुल इस्लाम से पत्रकार पंकज श्रीवास्तव ने की। यह मीडिया विजिल का दूसरा वीडियो प्रयास है। देखिये यह महत्वपूर्ण वीडियो बातचीत–   



Courtesy: Media Vigil

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