पीएम केयर्स में पैसे जमा करें और आरोग्य सेतु ऐप डाउन लोड करें- जमानत के लिए झारखंड HC की शर्त

Written by Sabrangindia Staff | Published on: April 17, 2020
झारखंड हाईकोर्ट ने एक पूर्व सांसद और पांच अन्य को इस शर्त पर जमानत दी है कि वे पीएम केयर्स फंड में 35,000 रुपए जमा करेंगे। साथ ही पैसे जमा करने का प्रमाण भी कोर्ट में पेश करेंगे। ज‌स्टिस अनुभा रावत चौधरी ने अपने आदेश में याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया कि रिहा होने के तुरंत बाद वे 'आरोग्य सेतु ऐप' डाउनलोड करें और COVID 19 की रोक‌थाम के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।



अतिरिक्त लोक अभियोजक राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि छह याचिकाकर्ताओं, भाजपा के पूर्व सांसद सोम मरांडी, विवेकानंद तिवारी, अमित अग्रवाल, हिसाबी राय, संचय बर्धन, और अनुग्रह नारायण पर 15 मार्च 2012 को पाकुड़ में 'रेल रोको' आंदोलन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। रेलवे न्यायिक मजिस्ट्रेट ने याचिकाकर्ताओं को रेलवे अधिनियम की धारा 174 (ए) के तहत एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी।

याचिकाकर्ताओं ने सत्र अदालत के समक्ष अपील की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। बाद में उन्होंने सत्र न्यायालय के आदेश को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में आपराधिक संशोधन याचिका दायर की थी। वे पिछले फरवरी से हिरासत में थे। याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता, पीएम केयर्स फंड में योगदान देने समेत, कोर्ट की ओर से तय किसी भी शर्त का पालन करेंगे।

कोर्ट ने आदेश में याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे अपने आधार कार्ड की एक स्व-सत्यापित प्रति जमा करें, साथ ही अपना मोबाइल नंबर दें, जिसे वे अदालत की अनुमति के बिना नहीं बदलेंगे।

पीएम केयर्स फंड में 10000 जमा करने की शर्त पर अग्रिम जमानत
वहीं दूसरे मामले में भी हाई कोर्ट ने ऐसा ही निर्णय दिया है। झारखंड हाईकोर्ट ने पीएम केयर्स फंड में 10 हजार रुपये जमा करने की शर्त पर शराब तस्करी के आरोपी को अग्रिम जमानत प्रदान करने की अनुमति दी है। बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह निर्देश दिया। इस संबंध में नागे‌श्वर सिंह ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि शराब की तस्करी के आरोप में उनके खिलाफ घाटशिला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है। उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं मिला है। वे मामले के नामजद अभियुक्त नहीं है, पुलिस ने बाद में उनका नाम जोड़ा है। इस कारण उन्हें अग्रिम जमानत की सुविधा मिलनी चाहिए।

सरकार की ओर से कहा गया कि इस मामले में अभी जांच चल रही है और अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा। सुनवाई के बाद जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने प्रार्थी को कोरोना के खिलाफ जंग के लिए बने पीएम केयर्स फंड में 10 हजार रुपए जमा करने और 25-25 हजार के दो मुचलके पर अग्रिम जमानत प्रदान करने का निर्देश दिया है।

 

बाकी ख़बरें