नई दिल्ली। चंदा इकट्ठा करना हर पार्टी का अधिकार है। चंदे से ही पार्टी चलती है। लेकिन चंदा इकट्ठा करने के लिए किस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं वह आप सत्तारूढ़ बीजेपी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर देख सकते हैं। दरअसल, भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक को मोदी सरकार का साहसिक कारनामा करार देने वाली बीजेपी अब सेना का इस्तेमाल चंदा लेने में कर रही है।

द लल्लनटॉप वेबसाइट के मुताबिक, बीजेपी ने मिस्डकॉल के बेस पर खुद को सबसे बड़ी पार्टी घोषित किया है। अभी पांच राज्यों में मिली हार छोड़ दी जाए तो ज्यादातर राज्यों में उसकी सरकार है। केंद्र में उसकी सरकार एक कार्यकाल पूरा कर रही है। चुनाव में लगभग 6 महीने बाकी हैं। अगर बीजेपी देश और प्रदेशों की अपनी एक एक उपलब्धि पर रोज एक पोस्टर लगाए तो 6 महीने आराम से निकल जाएंगे।
साढ़े चार साल में इतना काम तो कर ही दिया है। जितने शहरों, स्टेशनों के नाम बदले हैं, महीना भर तो उन्हीं के नाम का कोलाज बनाकर चला सकते हैं। स्टेच्यू ऑफ यूनिटी का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसी कितने काम किए हैं बीजेपी की सरकारों ने, सब उठा लें। सेना को बख्श दें। सेना देश के लिए है, पार्टियों के लिए नहीं। इतिहास में इससे पहले भी सेना की फोटो का इस्तेमाल कभी पार्टी के लिए चंदा एकत्र करने के लिए किया गया हो तो प्लीज स्क्रीनशॉट दिया जाए। इस परंपरा का टूटना बहुत जरूरी है। और अगर सेना की तस्वीर लगा रहे हैं तो सेना के लिए क्या क्या किया, इसके आंकड़े भी साथ में लगाएं। इससे पूरा जस्टिफाई तो नहीं होगा लेकिन लोगों को पता तो चलेगा कि फिजूल फुटेज नहीं खाई जा रही है।
गरीबी पर गर्व कैसा?
भुखमरी भारत में एक बड़ी समस्या है। 119 देशों के वैश्विक भूख सूचकांक में भारत 103वीं पायदान पर है। खुश होना है तो इससे हो लीजिए कि पाकिस्तान हमसे बदतर है। लेकिन बुरी खबर ये कि नेपाल और बांग्लादेश की हालत हमसे बेहतर है। ये आंकड़ा ग्लोबल हंगर इंडेक्स का है। बीजेपी की सरकार बनने के बाद भुखमरी का आंकड़ा बढ़ता गया और देश रैंकिंग में गिरता गया। 2014 में भारत 55वें स्थान पर था, 2015 में 80वें, 2016 में 97वें और 2017 में 100वें स्थान पर आ गया। अब आप भूखे मरते गरीब पर गर्व कर सकते हैं। दूसरी तरफ बीजेपी इस साल देश की सबसे अमीर पार्टी बन गई है। फाइनेंसियल इयर 2017 में पार्टी ने कुल 1034 करोड़ रुपए कमाए थे। ऐसे में भाजपा ने दूसरा फोटो गरीब पर गर्व का इस्तेमाल किया है। इस फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शायद किसी को ई रिक्शा भेंट कर रहे हैं।

द लल्लनटॉप वेबसाइट के मुताबिक, बीजेपी ने मिस्डकॉल के बेस पर खुद को सबसे बड़ी पार्टी घोषित किया है। अभी पांच राज्यों में मिली हार छोड़ दी जाए तो ज्यादातर राज्यों में उसकी सरकार है। केंद्र में उसकी सरकार एक कार्यकाल पूरा कर रही है। चुनाव में लगभग 6 महीने बाकी हैं। अगर बीजेपी देश और प्रदेशों की अपनी एक एक उपलब्धि पर रोज एक पोस्टर लगाए तो 6 महीने आराम से निकल जाएंगे।
साढ़े चार साल में इतना काम तो कर ही दिया है। जितने शहरों, स्टेशनों के नाम बदले हैं, महीना भर तो उन्हीं के नाम का कोलाज बनाकर चला सकते हैं। स्टेच्यू ऑफ यूनिटी का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसी कितने काम किए हैं बीजेपी की सरकारों ने, सब उठा लें। सेना को बख्श दें। सेना देश के लिए है, पार्टियों के लिए नहीं। इतिहास में इससे पहले भी सेना की फोटो का इस्तेमाल कभी पार्टी के लिए चंदा एकत्र करने के लिए किया गया हो तो प्लीज स्क्रीनशॉट दिया जाए। इस परंपरा का टूटना बहुत जरूरी है। और अगर सेना की तस्वीर लगा रहे हैं तो सेना के लिए क्या क्या किया, इसके आंकड़े भी साथ में लगाएं। इससे पूरा जस्टिफाई तो नहीं होगा लेकिन लोगों को पता तो चलेगा कि फिजूल फुटेज नहीं खाई जा रही है।
गरीबी पर गर्व कैसा?
भुखमरी भारत में एक बड़ी समस्या है। 119 देशों के वैश्विक भूख सूचकांक में भारत 103वीं पायदान पर है। खुश होना है तो इससे हो लीजिए कि पाकिस्तान हमसे बदतर है। लेकिन बुरी खबर ये कि नेपाल और बांग्लादेश की हालत हमसे बेहतर है। ये आंकड़ा ग्लोबल हंगर इंडेक्स का है। बीजेपी की सरकार बनने के बाद भुखमरी का आंकड़ा बढ़ता गया और देश रैंकिंग में गिरता गया। 2014 में भारत 55वें स्थान पर था, 2015 में 80वें, 2016 में 97वें और 2017 में 100वें स्थान पर आ गया। अब आप भूखे मरते गरीब पर गर्व कर सकते हैं। दूसरी तरफ बीजेपी इस साल देश की सबसे अमीर पार्टी बन गई है। फाइनेंसियल इयर 2017 में पार्टी ने कुल 1034 करोड़ रुपए कमाए थे। ऐसे में भाजपा ने दूसरा फोटो गरीब पर गर्व का इस्तेमाल किया है। इस फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शायद किसी को ई रिक्शा भेंट कर रहे हैं।