यूपी: कांवड़ यात्रा के दौरान भोजन में प्याज-लहसुन मिलने पर होटल सील

Written by sabrang india | Published on: August 3, 2026
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की टीम दशरथपुर स्थित मोघा होटल पहुंची। जांच में पाया गया कि वहां प्याज और लहसुन का इस्तेमाल कर भोजन तैयार किया जा रहा था। इसके अलावा होटल परिसर से शराब और बीयर की खाली बोतलें भी बरामद हुईं।


फोटो साभार: मिंट (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र स्थित दशरथपुर में कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र श्रद्धालुओं को शुद्ध और सात्विक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रविवार को प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने दिल्ली-देहरादून हाईवे स्थित होटलों और ढाबों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने भोजन की गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच की।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, सरधना के एसडीएम उदित नारायण सेंगर, दौराला के सीओ शिव ठाकुर और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने हाईवे पर स्थित कई ढाबों और होटलों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई भोजनालयों को नोटिस जारी किए गए, कुछ को चेतावनी दी गई और एक होटल को भोजन में प्याज-लहसुन का उपयोग पाए जाने पर सील कर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की टीम दशरथपुर स्थित मोघा होटल पहुंची। जांच में पाया गया कि वहां प्याज और लहसुन का इस्तेमाल कर भोजन तैयार किया जा रहा था। इसके अलावा होटल परिसर से शराब और बीयर की खाली बोतलें भी बरामद हुईं।

कांवड़ यात्रा के दौरान लागू सरकारी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का मामला मानते हुए अधिकारियों ने होटल संचालक अमित को नोटिस जारी किया और होटल को सील कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने दोहराया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी ढाबे, होटल या भोजनालय में निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सरधना के एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान इस प्रकार के निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा समाप्त होने तक संबंधित ढाबा बंद रहेगा। इसके बाद ढाबा संचालक को नोटिस का जवाब देना होगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सीओ शिव ठाकुर ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्थित मांस की सभी दुकानें तथा मांसाहारी भोजन परोसने वाले भोजनालय 12 अगस्त तक बंद करा दिए गए हैं, जबकि शराब की दुकानें पर्दे लगाकर संचालित की जा रही हैं। जिला आबकारी अधिकारी रवि शंकर ने बताया कि जिले की सभी शराब की दुकानें खुली हैं, लेकिन कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित 113 दुकानों को पर्दों से ढक दिया गया है।

सहायक आयुक्त अर्चना धीरन ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्ग पर स्थित मांसाहारी भोजन परोसने वाले सभी रेस्तरां, ढाबे और अन्य प्रतिष्ठानों के संचालन की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। श्रावण मास की शुरुआत के साथ 30 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है और श्रद्धालुओं का मुजफ्फरनगर पहुंचना लगातार जारी है।

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