मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किसानों को लेकर फिर जताई चिंता, कहा- गलत राह पर मोदी-शाह

Written by Navnish Kumar | Published on: April 25, 2021
कृषि कानूनों के विरोध में 150 दिन से ज्यादा से दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को लेकर मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने फिर चिंता जताई है। मलिक ने कहा कि किसान आंदोलन को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को समझाया है कि वो दोनों गलत रास्ते पर जा रहे हैं। कहा- किसानों के आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता है। उनकी वास्तविक मांगों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। मलिक का यह बयान ऐसे समय आया है जब कोरोना की आड़ में भाजपा सरकार, किसान आंदोलन खत्म करने के लिए आप्रेशन क्लीन चलाने की तैयारी में है। 



सत्यपाल मलिक ने दादरी के निर्दलीय विधायक और सांगवान खाप 40 के प्रधान सोमबीर सांगवान के पत्र का जवाब देते हुए यह बातें कही हैं। पत्र का जवाब देते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर पीएम और गृहमंत्री से मुलाकात की है। साथ ही किसानों के चल रहे आंदोलन और उनकी मांगों से अवगत कराया है। राज्यपाल मलिक ने किसान आंदोलन को जायज ठहराते हुए कहा कि मोदी-शाह गलत रास्ते पर चल रहे हैं। लेकिन उन्हें भरोसा है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

उधर दादरी के विधायक सोमबीर सांगवान ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक का पत्र मिलने की पुष्टि की है। किसान नेता एवं विधायक सोमबीर सांगवान को लिखे पत्र में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को यह बताने की कोशिश की है कि वे गलत रास्ते पर हैं और किसानों को दबाने, डराने और धमकाने का प्रयास न करें। 

राज्यपाल ने पत्र में बताया कि मैंने यह भी कहा है कि किसानों को दिल्ली से खाली हाथ न लौटाएं। मैं मई के पहले सप्ताह में दिल्ली आ रहा हूं और इससे संबंधित सभी नेताओं से संपर्क करके किसानों के पक्ष में उन्हें सहमत करने का प्रयास करूंगा। सोमबीर सांगवान ने बताया कि किसान आंदोलन को लेकर उन्होंने राज्यपाल सत्यपाल मलिक को पत्र लिखा था। इस पत्र का उन्होंने अब जवाब दिया है।

खास है कि हरियाणा में निर्दलीय विधायक सांगवान ने कृषि बिल कानूनों को लेकर बीजेपी-जेजेपी सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। जिसके बाद राज्यपाल मलिक को पत्र लिखकर सरकार से बिल वापस लेने की अपील की थी। विधायक के पत्र का जवाब देते हुए राज्यपाल मलिक ने कहा कि उन्होंने पीएम और केंद्रीय गृह मंत्री से इस पर गंभीरता से विचार करने और किसानों को दिल्ली से खाली हाथ नहीं लौटाने की अपील की है।

यही नहीं, राज्यपाल सत्यपाल मलिक की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया कि आंदोलन के कारण 300 से अधिक किसानों को खोना दुखद है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने इन किसानों के प्रति संवेदना में एक शब्द भी नहीं कहा। केंद्र सरकार की मंशा ठीक नहीं है और वह आंदोलन को तोड़ने और बदनाम करने का प्रयास कर रही है। किसान बधाई के पात्र हैं कि इन सबके बावजूद वे शांतिपूर्ण तरीके से शानदार और लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं।

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