अगर आप पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के ग्राहक हैं तो अगले 6 महीने तक आपको परेशानी हो सकती है। दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी है।आरबीआई ने यह कार्रवाई बैंकिग रेलुगेशन एक्ट, 1949 के सेक्शन 35ए के तहत की है।

आरबीआई के इस फैसले के बाद पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब बैंक में कोई नया फिक्सड डिपॉजिट अकाउंट नहीं खुल सकेगा। इसके अलावा बैंक के नए लोन जारी करने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। यही नहीं, बैंक के ग्राहक अगले 6 महीने तक 1000 रुपये से अधिक पैसा नहीं निकाल सकेंगे। बहरहाल, आरबीआई के निर्देश के बाद बैंक के अलग-अलग ब्रांच से ग्राहकों के हंगामे की खबरें भी आने लगी हैं।वहीं सोशल मीडिया पर बैंक के अलग-अलग ब्रांच से हंगामे के वीडियो भी शेयर किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों की परेशानी के वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं। इसे तानाशाही करार दिया जा रहा है। एक ग्राहक ने बताया कि उसने आज ही 10 लाख का चेक जमा कराया था। उसे किसी को पैसे अर्जेंट देने हैं लेकिन यहां से सिर्फ 1000 रुपये देने को कहा जा रहा है। ऐसे में वह क्या करे यह बड़ी समस्या बन गई है।
इसके अलावा एक व्यक्ति आरबीआई की पाबंदी के बारे में कहता नजर आ रहा है कि मेरे पैसे हैं और मुझे ही नहीं मिल रहे। कैसे वह एक हजार रुपये में घर का खर्च चलाएगा।
केंद्रीय बैंक के मुख्य महाप्रबंधक योगेश दयाल ने कहा कि आरबीआई निर्देशों के अनुसार, जमाकर्ता बैंक में अपने सेविंग, करंट या अन्य किसी खाते में से 1,000 रुपये से ज्यादा रुपये नहीं निकाल सकते हैं। पीएमसी बैंक पर आरबीआई की अग्रिम मंजूरी के बिना लोन और अग्रिम धनराशि देने या रीन्यू करने, किसी भी प्रकार का निवेश करने, फ्रेश डिपॉजिट स्वीकार करने आदि से रोक लगा दी है। हालांकि आरबीआई इन दिशा-निर्देशों में स्थिति के हिसाब से संशोधन कर सकता है।
इस पूरे मामले पर पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के एमडी जॉय थॉमस का बयान भी आ गया है। थॉमस ने कहा, '' हमें आरबीआई के नियमों के उल्लंघन का खेद है। इस वजह से 6 महीने तक हमारे ग्राहकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। बतौर एमडी मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इसके साथ ही सभी जमाकर्ताओं को यह सुनिश्चित करता हूं कि 6 महीने से पहले हम अपनी कमियों को सुधार लेंगे। ''

आरबीआई के इस फैसले के बाद पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब बैंक में कोई नया फिक्सड डिपॉजिट अकाउंट नहीं खुल सकेगा। इसके अलावा बैंक के नए लोन जारी करने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। यही नहीं, बैंक के ग्राहक अगले 6 महीने तक 1000 रुपये से अधिक पैसा नहीं निकाल सकेंगे। बहरहाल, आरबीआई के निर्देश के बाद बैंक के अलग-अलग ब्रांच से ग्राहकों के हंगामे की खबरें भी आने लगी हैं।वहीं सोशल मीडिया पर बैंक के अलग-अलग ब्रांच से हंगामे के वीडियो भी शेयर किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों की परेशानी के वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं। इसे तानाशाही करार दिया जा रहा है। एक ग्राहक ने बताया कि उसने आज ही 10 लाख का चेक जमा कराया था। उसे किसी को पैसे अर्जेंट देने हैं लेकिन यहां से सिर्फ 1000 रुपये देने को कहा जा रहा है। ऐसे में वह क्या करे यह बड़ी समस्या बन गई है।
इसके अलावा एक व्यक्ति आरबीआई की पाबंदी के बारे में कहता नजर आ रहा है कि मेरे पैसे हैं और मुझे ही नहीं मिल रहे। कैसे वह एक हजार रुपये में घर का खर्च चलाएगा।
केंद्रीय बैंक के मुख्य महाप्रबंधक योगेश दयाल ने कहा कि आरबीआई निर्देशों के अनुसार, जमाकर्ता बैंक में अपने सेविंग, करंट या अन्य किसी खाते में से 1,000 रुपये से ज्यादा रुपये नहीं निकाल सकते हैं। पीएमसी बैंक पर आरबीआई की अग्रिम मंजूरी के बिना लोन और अग्रिम धनराशि देने या रीन्यू करने, किसी भी प्रकार का निवेश करने, फ्रेश डिपॉजिट स्वीकार करने आदि से रोक लगा दी है। हालांकि आरबीआई इन दिशा-निर्देशों में स्थिति के हिसाब से संशोधन कर सकता है।
इस पूरे मामले पर पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के एमडी जॉय थॉमस का बयान भी आ गया है। थॉमस ने कहा, '' हमें आरबीआई के नियमों के उल्लंघन का खेद है। इस वजह से 6 महीने तक हमारे ग्राहकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। बतौर एमडी मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इसके साथ ही सभी जमाकर्ताओं को यह सुनिश्चित करता हूं कि 6 महीने से पहले हम अपनी कमियों को सुधार लेंगे। ''