जमशेदपुर: आर्थिक मंदी का असर प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों पर पड़ रहा है। बारीडीह (प्रगति नगर) में नौकरी छूटने के भय से भाजपा नेता कुमार विश्वजीत के बेटे आशीष कुमार (25) ने पंखे के सहारे फंदे से लटक कर खुदकुशी कर ली। घटना शुक्रवार शाम की है। मृतक के पिता विश्वजीत बारीडीह मंडल आईटी सेल प्रभारी व बस्ती विकास समिति के मीडिया प्रभारी हैं। उनका बेटा आशीष टेल्को (खड़ंगाझार) की एक कंपनी में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करता था।

मृतक के पिता विश्वजीत जहां आईटी सेल के जरिए भाजपा की वाहवाही में जुटे थे वहीं, उनका बेटा नौकरी जाने के खतरे से बुरी तरह डरा हुआ था। विश्वजीत ने बताया कि बेटा खड़ंगाझार में जिस कंपनी में काम करता है, उक्त कंपनी में टाटा मोटर्स का पार्टस बनता है। करीब एक सप्ताह पूर्व बेटे ने कहा था कि पापा शायद मेरी नौकरी छूट जायेगी।
कारण पूछने पर बताया कि टाटा मोटर्स में ब्लाक क्लोजर चल रहा है। जिसका असर उसकी कंपनी पर भी पड़ा है। ऐसे में संभवत: मेरी भी नौकरी चली जायेगी। मैंने उसे समझाया था। बावजूद वह नौकरी को लेकर परेशान था। संभवत: इसी कारण बेटे ने आत्महत्या कर ली।
उसकी पत्नी एबीएम कॉलेज में शिक्षिका है। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार की सुबह आशीष ड्यूटी गया था। दोपहर में ही घर लौट आया। सुबह उसने अपनी पत्नी को कॉलेज पहुंचाया था। फिर अपराह्न करीब तीन बजे कॉलेज जाकर पत्नी को कॉपी-किताब भी पहुंचाया।
इसके बाद घर लौट आया और कमरे में चला गया। शाम में दरवाजा नहीं खोलने पर घरवालों ने आवाज लगायी, तो जवाब नहीं मिला। उसने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था। आशंका होने पर आस-पास के लोग जुट गये। लोगों ने खिड़की से देखा, तो आशीष पंखे के सहारे फंदे से लटक रहा था। जानकारी मिलने पर पिता विश्वजीत भी घर पहुंचे और बेटे को फंदे से उतार कर टीएमएच ले गये,जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

मृतक के पिता विश्वजीत जहां आईटी सेल के जरिए भाजपा की वाहवाही में जुटे थे वहीं, उनका बेटा नौकरी जाने के खतरे से बुरी तरह डरा हुआ था। विश्वजीत ने बताया कि बेटा खड़ंगाझार में जिस कंपनी में काम करता है, उक्त कंपनी में टाटा मोटर्स का पार्टस बनता है। करीब एक सप्ताह पूर्व बेटे ने कहा था कि पापा शायद मेरी नौकरी छूट जायेगी।
कारण पूछने पर बताया कि टाटा मोटर्स में ब्लाक क्लोजर चल रहा है। जिसका असर उसकी कंपनी पर भी पड़ा है। ऐसे में संभवत: मेरी भी नौकरी चली जायेगी। मैंने उसे समझाया था। बावजूद वह नौकरी को लेकर परेशान था। संभवत: इसी कारण बेटे ने आत्महत्या कर ली।
उसकी पत्नी एबीएम कॉलेज में शिक्षिका है। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार की सुबह आशीष ड्यूटी गया था। दोपहर में ही घर लौट आया। सुबह उसने अपनी पत्नी को कॉलेज पहुंचाया था। फिर अपराह्न करीब तीन बजे कॉलेज जाकर पत्नी को कॉपी-किताब भी पहुंचाया।
इसके बाद घर लौट आया और कमरे में चला गया। शाम में दरवाजा नहीं खोलने पर घरवालों ने आवाज लगायी, तो जवाब नहीं मिला। उसने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था। आशंका होने पर आस-पास के लोग जुट गये। लोगों ने खिड़की से देखा, तो आशीष पंखे के सहारे फंदे से लटक रहा था। जानकारी मिलने पर पिता विश्वजीत भी घर पहुंचे और बेटे को फंदे से उतार कर टीएमएच ले गये,जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।