नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव सिर पर हैं इससे पहले ईवीएम का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में है। चुनाव आयोग कई बार कह चुका है कि ईवीएम पूरी तरह से टैंपर प्रूफ है और बैलेट से मतदान कराने में समय की बर्बादी होती है। इस मामले को लेकर 21 विपक्षी पार्टियां सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं जिसमें वीवीपीएटी की 50 प्रतिशत पर्चियां मिलान करने की बात कही गई है लेकिन चुनाव आयोग पर्चियों के मिलान में भी आना कानी कर रहा है। ऐसे में तेलंगाना की निजामाबाद लोकसभा सीट चर्चाओं में आ गई है क्योंकि यहां ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव होगा।

दरअसल, तेलंगाना की निजामाबाद लोकसभा सीट पर 185 प्रत्याशी मैदान में हैं। इन प्रत्याशियों में 170 किसान हैं। प्रत्याशियों की इतनी ज्यादा संख्या होने के कारण चुनाव आयोग यहां ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान करवाने पर विचार कर रहा है।
इस सीट पर 11 अप्रैल को मतदान होना है। गुरुवार को नाम वापसी की समयसीमा खत्म होने के बाद यहां से चुनाव मैदान में 185 प्रत्याशी हैं। इसी लोकसभा सीट से तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी कविता भी उम्मीदवार हैं।
बता दें कि ईवीएम का प्रयोग अधिकतम 64 उम्मीदवारों के लिए ही किया जा सकता है। अत: यहां बैलेट पेपर से मतदान कराया जाएगा। हालांकि इस पर निर्वाचन आयोग ने अभी आखिरी फैसला नहीं लिया है।
निजामाबाद सीट से लड़ रहीं मुख्यमंत्री की बेटी के खिलाफ 178 किसानों के पर्चा दाखिल करने का कारण उनकी समस्याओं का समाधान न होना माना जा रहा है। इसके जरिए ये सभी किसान मुख्यमंत्री का ध्यान खींचना चाहते हैं। तेलंगाना में लोकसभा की 17 सीटें हैं। जहां से कुल 443 उम्मीदवार मैदान में हैं।

दरअसल, तेलंगाना की निजामाबाद लोकसभा सीट पर 185 प्रत्याशी मैदान में हैं। इन प्रत्याशियों में 170 किसान हैं। प्रत्याशियों की इतनी ज्यादा संख्या होने के कारण चुनाव आयोग यहां ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान करवाने पर विचार कर रहा है।
इस सीट पर 11 अप्रैल को मतदान होना है। गुरुवार को नाम वापसी की समयसीमा खत्म होने के बाद यहां से चुनाव मैदान में 185 प्रत्याशी हैं। इसी लोकसभा सीट से तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी कविता भी उम्मीदवार हैं।
बता दें कि ईवीएम का प्रयोग अधिकतम 64 उम्मीदवारों के लिए ही किया जा सकता है। अत: यहां बैलेट पेपर से मतदान कराया जाएगा। हालांकि इस पर निर्वाचन आयोग ने अभी आखिरी फैसला नहीं लिया है।
निजामाबाद सीट से लड़ रहीं मुख्यमंत्री की बेटी के खिलाफ 178 किसानों के पर्चा दाखिल करने का कारण उनकी समस्याओं का समाधान न होना माना जा रहा है। इसके जरिए ये सभी किसान मुख्यमंत्री का ध्यान खींचना चाहते हैं। तेलंगाना में लोकसभा की 17 सीटें हैं। जहां से कुल 443 उम्मीदवार मैदान में हैं।