साढ़े 4 साल में ही BJP को लगने लगा कालिख का डर! PM मोदी के कार्यक्रम में काले कपड़े पर रोक

Written by Sabrangindia Staff | Published on: December 31, 2018
नई दिल्ली। आगामी 5 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झारखंड के पलामू दौरे पर होंगे। वो आधा घंटा वहां रुकेंगे और इस दौरान कई सरकारी योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। मोदी सरकार का साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा होते-होते ऐसी स्थिति आ गई है कि पीएम मोदी के कार्यक्रम में काले कपड़े पहनने या काले रंग का सामान ले जाने पर रोक लगा दी गई है। इससे पहले आम जनसभा में अमित शाह की रैली में काले कपड़े वालों को बाहर ही रोक लिया गया था और महिलाओं के अंतर्वस्त्र तक की तलाशी ली गई थी।

पलामू के पुलिस कप्तान इंद्रजीत महथा ने इस बाबत पलामू, लातेहार, गढ़वा और चतरा के डीसी को एक पत्र लिखा है। 29 दिसंबर, 2018 को लिखे गए इस पत्र में साफ-साफ कहा गया है कि कार्यक्रम में आने वाले किसी भी सरकारी कर्मचारी या सामान्य लोगों को किसी भी प्रकार का काला सामान या वस्त्र नहीं लाना है। 

इतना ही नहीं, इस पत्र में उन सभी सामानों के नाम तक लिखे गए हैं जिन्हें खास तौर से नहीं लाना है। पत्र में लिखा गया है, 'निर्देशित कर दिया जाए कि माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार के कार्यक्रम सभा स्थल पर कोई भी कर्मी/लोग काले रंग की पोशाक जैसे-काले रंग की चादर, पैंट, शर्ट, कोट, स्वेटर, मफलर, टाई, जूता, मोजा आदि पहनकर या काले रंग का बैग, पर्स, कपड़ा आदि लेकर सभा स्थल पर न आएं। तथा सभी कर्मी/लोग अपने साथ कोई भी पहचान पत्र अवश्य लाएं।’

एक स्थानीय अखबार इस से बारे में बात करते हुए उन्होंने इस कदम को सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। उन्होंने बताया, 'यह आंतरिक मामला है। सुरक्षा की दृष्टि से ऐसा किया जा रहा है, ताकि सभा स्थल पर किसी को काला कपड़ा या काला सामान की वजह से परेशानी न हो।'

बता दें कि इसी साल जुलाई में पीएम मोदी राजस्थान की राजधानी जयपुर में थे। वहां राज्य भर से करीब सवा दो लाख सरकारी योजनाओं के लाभार्थी मोदी से सीधे संवाद का कार्यक्रम था, लेकिन जो लोग काली पैंट, काला दुपट्टा, काली टोपी पहन कर आ गए थे उन्हें सभा में जाने से रोक दिया गया था। मोदी की सभा में काले कपड़े पहन कर आने वाले लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ा। लोगों की काली बनियान तक उतरवा ली गई थी। 

गौरतलब है कि जब पीएम मोदी की राजस्थान के झुंझुनू में रैली हुई थी, उस दौरान इस तरह की स्थिति देखने को मिली थी जब सभा स्थल पर आए लोगों ने काला कपड़ा लहरा दिया था और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था।

बाकी ख़बरें