नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा- नकद लेन-देन से डर रहे लोग, क्या यह नोटबंदी का असर नहीं?

Written by Sabrangindia Staff | Published on: August 31, 2018
भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में नोटबंदी को लेकर रिपोर्ट जारी की जिसके मुताबिक 99.03 प्रतिशत धन बैंकों में वापस आ गया है. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद सरकार की सोशल मीडिया पर खूब किरकिरी हो रही है. वहीं  इस बीच नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने नोटबंदी को लेकर बड़ा बयान दिया है.



राजीव कुमार ने गुरुवार को कहा कि नोटबंदी के कारण पैसा काले से सफेद नहीं हुआ है. लेकिन वह स्लेटी जरुर हुआ है. कालाधन अभी भी वहीं मौजूद है, जहां वह था. 

उन्होने कहा, नोटबंदी की वजह से करंसी काले से सफेद नहीं हुई है. लेकिन वह स्लेटी जरुर हो गई है. वह अभी भी वहीं है, जहां थी. नकद से लेनदेन में कमी आई है. अगर देश में ऐसा भय पैदा हुआ है कि कैश में लेनदेन करना गलत है. तो क्या यह नोटबंदी का प्रभाव नहीं है?


उन्होने आगे कहा, कौन कहता है कि नोटबंदी का इकलौता मकसद यही था कि कम करंसी बैंक में जमा हो? 3-4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा वापस सिस्टम में लौट आया है. ये सारा पैसा कर प्राधिकरणों की निगरानी में है. वह इसे देख रहे हैं. करीब 18 लाख खाताधारकों को नोटिस भेजे गए हैं जबकि लाखों के खिलाफ जांच अभी भी जारी है.

उनसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए केंद्र सरकार पर नोटबंदी को लेकर जमकर हमले किए. गांधी ने नोटबंदी को घोटाला करार दिया. 

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