कानून का बोलबाला
May 20, 2016
Research on the collective violence against Armenians almost always concentrates on events between 1915-1917, this book instead considers the violence against Armenians preceding and succeeding these years.
Employs a systematic analysis of over 300 memoirs in the Turkish language to show how a narrative of denial was constructed over the course of history.
May 20, 2016
आर.बी. श्रीकुमार गुजरात में 2002 के दंगों के दौरान वहां अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे, वे 9 अप्रैल से 18 सितंबर 2002 तक एडिशनल डीजीपी (इंटेलिजेंस) के पद पर नियुक्त थे. उस दौरान किसी भी दबाव में ना आने और अपने निष्पक्ष स्टैंड की वजह से वे खासे चर्चित रहे,बतौर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलीजेंस) उन्होंने रिपोर्ट दी थी कि ‘दंगों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र...
May 19, 2016
A Ten Day Padayatra from Latur (Marathwada) to Mahoba (Bundelkhand) seeks to draw our attention to sustainable solutions and appeals to Young India to Commit One Week of their Summer to Drought Duty
Reassessment of National Priorities, Local Solutions for Water Replenishment and Storage are needed not Big Dams, Sugar Factories and Water Bottling Plants
Teesta Setalvad Interviews ...
May 18, 2016
APNA MUMBAI ABHIYAN
(Coalition of NGOs and Residents’ Associations across City)
Press Conference ON COAST ROAD, MUMBAI
TO PROTEST AGAINST BMC AND STATE GOVERNMENT PROCEEDING ON COASTAL HIGHWAY WITHOUT FINAL ENVIRONMENTAL CLEARANCE AND WITHOUT HOLDING A SINGLE PUBLIC CONSULTATION
Speakers:
Ashoke Pandit, Apna Mumbai Abhiyan
D. M. Sukthankar,...
May 18, 2016
May 16, 2016
कुछ लोग किसान आत्महत्याओं को फैशन बताते हैं, तो कुछ प्रेम-प्रसंगों को आत्महत्या का कारण बताते हैं.लातूर के जल-संकट की बात करने पर दिल्ली का पढ़ा-लिखा युवा कहता है कि लातूर-वासी जल का अपव्यय करते रहे होंगे. ऐसी संवेदनहीनता हमारे वक़्त में पहले कब देखी गई होगी? हम सब इतने संवेदनहीन हो चुके हैं कि किसान आत्महत्या हमारे लिए एक ख़बर है, पानी की कमी और सूखे से हो रही मौत हमारे लिए एक ख़बर है, लूह...
May 13, 2016
हम सबको बारिश बहुत अच्छी लगती है न! सिनेमा के परदे पर जब नायक बारिश में भीगता हुआ नायिका के सामने प्रेम-प्रस्ताव रखता है, हम उसमें अपने-आप को ढूंढने लगते हैं. अगर आप उत्तर भारतीय हैं तो याद कीजिये कितनी दफ़ा बारिश में नहाये हैं, कितनी दफ़ा बारिश के जमा पानी में कागज़ के नाव बनाकर तैरा चुके हैं. मतलब कि आपने बारिश के बगैर जीवन की कल्पना नहीं की होगी. वहीं देश में ऐसे हिस्से भी हैं जहाँ के लोगों...
May 12, 2016
Tina Dabi and Rinku Rajguru
एक लडकी ने आज से कोई डेढ़ सौ साल पहले पुणे के भिडेवाड़ा में एक स्कूल की दहलीज़ पर पहला क़दम रखा। स्कूल की टीचर फ़ातिमा शेख़ ओर सावित्रीबाई फुले ने उस लड़की का नन्हा सा हाथ थामा और उसके कान में पहले शब्द कहे- ए, बी, सी, डी। भारतीय समाज के लगभग ढाई हज़ार साल के इतिहास की यह सबसे बड़ी क्रांति थी।
अब ज़रा ग़ौर से देखिए। यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा की इस साल की...
May 11, 2016
Image: Devesh Tripathi and Anupam Sinha
याद कीजिये 2016 के बीत गए महीनों को. हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की सांस्थानिक हत्या से शुरू हुआ साल बढ़ता हुआ पहुंचा जेएनयू और फिर देशद्रोह से लेकर राष्ट्रवाद की बहसों ने देश के दिलों-दिमाग पर कब्ज़ा जमा लिया. इस बीच इसी देश का एक हिस्सा सूखते-सूखते इतना सूख गया कि देश की नज़र में ही नहीं आया. यह कहना मुश्किल है कि उसे...