हक़ और आजादी

April 22, 2020
सबरंग इंडिया की संपादक तीस्ता सीतलवाड़ ने मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी के साथ एक विशेष साक्षात्कार में, मुस्लिम समुदाय की चिंताओं के बारे में बात की। उन्होंने सभी धर्मों और कानून व्यवस्था का सम्मान करने, लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखते हुए विभाजनकारी शक्तियों के घृणित एजेंडे को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर दिया। रमजान के पवित्र महीने की पूर्व संध्या पर, मौलाना बतिन की भारत...
April 22, 2020
14 अप्रैल 2020 को जब देश बाबा साहब अम्बेडकर की 129 वी जयंती मना रहा था, तब नागरिक अधिकार कार्यकर्ता, चिंतक, आलोचक व लेखक प्रोफेसर आनंद तेलतुंबड़े को एनआईए ने हिरासत में ले लिया। कौन हैं आनंद ? आनंद तेलतुंबड़े भारत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी चर्चित नाम है, वे अपनी तार्किक और सर्वथा मौलिक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं, उनकी 30 से अधिक किताबें प्रकाशित हुई हैं और उनके शोध...
April 20, 2020
पूर्व आईएएस अधिकारी कन्नन गोपीनाथन ने धारा 370 के समाप्त होने के बाद पिछले अगस्त में जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, तबसे लगता है कि वह सत्ताधारी सरकार से अपने असहमतिपूर्ण विचारों के कारण चर्चा का विषय बन गए। गोपीनाथ सरकार की त्रुटिपूर्ण नीतियों के मुखर आलोचक रहे हैं, चाहे वह कश्मीर का लॉकडाउन हो, या नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (...
April 19, 2020
1905 में अंग्रेज़ हुकूमत ने धर्म का सहारा लेकर पहली बार बंगाल का बंटवारा कर दिया - पूरब में मुसलमान, पश्चिम में हिन्दू।  1906 में पूर्वी बंगाल में एक अजीब अकाल की नौबत आयी - असाढ़ में पानी बरसा नहीं; भादों में सैलाब आ गया; जो बची खुची धान थी वो भी बर्बाद हो गयी। गांव गांव से आदमी ढाका और कलकत्ते की तरफ चल दिए। अख़बारों में खबरें छपने लगीं कि मर्द घर-परिवार की ज़िम्मेदारी से "भाग...
April 18, 2020
पटना की गरीबों की स्थिति जानने के लिए 'कोशिश चैरिटेबल ट्रस्ट' द्वारा विभिन्न संस्थाओं, संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों की सहायता से एक अध्ययन किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार पटना के स्लमों में रहने वाले लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिससे उनकी जिंदगी भूख और बेकारी से त्रस्त होते जा रही है।  यदि उनलोगों की शीघ्र कोई मदद नहीं की गई तो पटना में बड़ी संख्या में...
April 16, 2020
कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए 25 मार्च 2020 को हुई देशव्यापी तालाबंदी की घोषणा के बाद से दक्षिण पश्चिम पंजाब के फरीदकोट जिले के किला नौ गांव की दलित महिला जगजीत कौर (35 वर्षीय) ने एक भी दिन खाना नहीं बनाया। राजमिस्त्री का काम करने वाले उनके पति भी देश के अनौपचारिक क्षेत्र के लाखों मजदूरों की तरह बेरोजगार हो गए और उनके परिवार के पास कोई पैसा या राशन नहीं बचा। ग्रामीण पंजाब के कई...
April 15, 2020
बहुत से लोग इस बात पर आश्चर्य प्रकट करते है कि कोरोना संकट के समय मजदुर इन बड़े बड़े महानगरों से जहां हर तरह की सुख सुविधाए मौजूद है वहां पलायन क्यों कर रहे है? ऐसी क्या तड़प है जो सुख सुविधाओं को छोड़कर सेकड़ो किलोमीटर दूर आठ आठ दिन तक पैदल चलकर अपने गाँव में वापस जा रहे है? अभी जब बांद्रा स्टेशन पर मजदूरों के जमा होने वाली घटना पर पोस्ट डाली तो एक भद्र महिला ने कमेंट किया। ....... 'ये कौन लोग...
April 14, 2020
डा. अम्बेडकर के परिवार से जुड़े प्रख्यात बुद्धिजीवी डा. आनंद तेलतुम्बडे की आज बाबा साहब के जन्मदिवस के अवसर पर गिरफ्तारी दुखद व शर्मनाक है। इस गिरफ्तारी के खिलाफ लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले हर व्यक्ति, संगठन व दल को खड़ा होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कल आत्म समर्पण कर गिरफ्तारी देने वाले डा. तेलतुम्बडे को कोविड 19 के विश्वव्यापी संकट में महाराष्ट्र सरकार को निजी मुचालके पर...
April 13, 2020
पिछले साल पुलिस की छापेमारी के बाद, जाने-माने लेखक, कार्यकर्ता और दलित बुद्धिजीवी डॉ. आनंद तेलतुंबड़े अब आसन्न गिरफ्तारी के खतरे का सामना कर रहे हैं। पुणे पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर बदनाम किए गए 'भीमा कोरेगांव' मामले में उनके नाम के आंकड़े, जो 31 दिसंबर 2017 को पुणे में आयोजित एल्गार परिषद के बीच एक कड़ी बनाता है। इसमें प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) की गतिविधियों और यहां तक कि प्रधानमंत्री...
April 13, 2020
कोरोना के कारण देश भर में चल रहे लॉक डाउन के कारण लोग क्या नहीं कर रहे हैं और क्या नहीं झेल रहे हैं। एक डॉक्टर साब अपने पिता का निधन होने पर नहीं गए (या जा सके) जबकि बड़ा बेटे होने के कारण मुखाग्नि उन्हें देनी थी। उन्होंने अपने छोटे भाई को इसके लिए राजी किया। खुद नहीं गए और कोरोना पीड़ितों की सेवा करते रहे। एक जवान 1100 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय कर मां का अंतिम संस्कार करने पहुंचा। संक्षेप में...