झुग्गी झोपड़ियों में राहत कार्य के लिए पत्रकार रुपेश ने सीएम नीतीश कुमार को लिखा पत्र

Written by sabrang india | Published on: April 18, 2020
पटना की गरीबों की स्थिति जानने के लिए 'कोशिश चैरिटेबल ट्रस्ट' द्वारा विभिन्न संस्थाओं, संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों की सहायता से एक अध्ययन किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार पटना के स्लमों में रहने वाले लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिससे उनकी जिंदगी भूख और बेकारी से त्रस्त होते जा रही है।



 यदि उनलोगों की शीघ्र कोई मदद नहीं की गई तो पटना में बड़ी संख्या में लोग भूख और उससे संबन्धित बीमारियों से मर जाएंगे और इसका दूरगामी प्रभाव भी पड़ेगा। इसी को लेकर स्वतंत्र पत्रकार रुपेश कुमार सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने क्या लिखा नीचे पढ़ें-


सेवा में,

               माननीय मुख्यमंत्री,

               बिहार सरकार, पटना, बिहार
विषय :   लॉकडाउन के बाद पटना के शहरी गरीबों की स्थिति पर रिपोर्ट साझा करने तथा स्लमों में राहत कार्य करने लिए इजाजत देने और सहयोग करने के संबंध में।
महाशय,

देश और राज्यों में COVID-19 के खतरे को देखते हुये सरकार द्वारा लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। इस राष्ट्रीय आपदा से निपटने के लिए राज्य के सभी लोगों का सहयोग आवश्यक है। परंतु पटना में रहने वाले शहरी गरीब इस लंबी अवधी की लॉकडाउन से भुखमरी की स्थिति में पहुँच गए हैं। पटना की गरीबों की स्थिति जानने के लिए कोशिश चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा विभिन्न संस्थाओं, संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों की सहायता से एक अध्ययन किया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार पटना के स्लमों में रहने वाले लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिससे उनकी जिंदगी भूख और बेकारी से त्रस्त होते जा रही है। यदि उनलोगों की शीघ्र कोई मदद नहीं की गई तो पटना में बड़ी संख्या में लोग भूख और उससे संबन्धित बीमारियों से मर जाएंगे और इसका दूरगामी प्रभाव भी पड़ेगा। मातृ और शिशु मृत्यु दर, कुपोषण, अनिमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि होगी। जिसके कारण कोरोना की जगह दूसरी समस्याओं से लोगों की मृत्यु हो जाएगी।

विदित हो कि कोशिश द्वारा बेघरों के लिए राज्य सरकार और नगर निगम के साथ मिलकर आश्रयगृह कुनकुन सिंह लेन, अशोक राजपथ में सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त वार्ड संख्या 21 में स्थानीय पार्षद द्वारा संचालित सामुदायिक रसोई में भी सहयोग किया जा रहा है।

रिपोर्ट में दर्ज शहरी गरीबों की स्थिति को ध्यान में रखते हुये भोजन का अधिकार अभियान द्वारा पटना के विभिन्न संस्थाओं, संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर राहत कार्य करने की योजना बनाया है। इस संदर्भ में आपके सहयोग एवं समर्थन अपेक्षित है।

आपसे अनुरोध है कि अभियान के 20 स्वयंसेवियों को अपने गाड़ियों से पटना में घूमने की इजाजत दी जाए तथा उनके लिए उनका पास जारी किया जाए। इन स्वयंसेवियों द्वारा भारत सरकार द्वारा संक्रमण से संबन्धित व्यक्तिगत सुरक्षा निर्देशों का समुचित पालन किया जाएगा।

कोशिश द्वारा बनाए गए रिपोर्ट तथा अभियान के स्वयंसेवियों की सूची इस पत्र के साथ संलग्न है।

अभियान का संपर्क कार्यालय आब्दीन हाउस, फ्रेज़र रोड, पटना में होगा तथा अभियान के तरफ से सौरभ कुमार (7766917479), संजय सिंह (8578055986), ऋत्विज कुमार (9934463192), प्रभाकर कुमार (9905499803), आदि संपर्क व्यक्ति होंगे।

धन्यवाद,
रूपेश

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