UP: मुजफ्फरनगर अदालत ने 2010 में दलित किसान पर हुए हमले के मामले में चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई

Written by sabrang india | Published on: November 5, 2026
मुजफ्फरनगर की एक विशेष SC/ST एक्ट अदालत ने 2010 में जमीन विवाद के दौरान एक दलित किसान की हत्या की कोशिश के मामले में पिता-पुत्र समेत चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला जाति-आधारित हिंसा के कानूनी परिणामों को उजागर करता है।


रीडिफ

अभियोजन पक्ष के एक अधिकारी ने बताया कि 2010 में जमीन विवाद के दौरान एक दलित किसान की हत्या की कोशिश करने के आरोप में यहां की एक विशेष SC/ST एक्ट अदालत ने चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इनमें एक पिता और उसका बेटा भी शामिल हैं।

अदालत का फैसला और सजा

विशेष न्यायाधीश विजय कुमार ने शनिवार को दोषियों—रामावतार, उसके बेटे प्रदीप और दो अन्य लोगों कुंवरपाल तथा जवेश्वर—को IPC की संबंधित धाराओं (जिसमें हत्या की कोशिश से जुड़ी धारा 307 भी शामिल है) और SC/ST एक्ट की धारा 3 के तहत दोषी ठहराया। साथ ही, अदालत ने इन सभी पर 1,05,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

पीटीआई के हवाले से रीडिफ.कॉम ने लिखा, सरकारी वकील आशीष कुमार ने PTI को बताया कि यह घटना 28 मार्च 2010 को जिले के रामराज थाना क्षेत्र के हुसैनपुर गांव में हुई थी।

2010 के हमले का डिटेल्स

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने जमीन विवाद को लेकर दलित किसान विकास और उसके परिवार के सदस्यों पर हमला किया था। इस झड़प में विकास को गोली लग गई, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य भी घायल हो गए।

अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोपी इस बात का विरोध कर रहे थे कि जमीन पर किसान का कब्जा है, और वे वहां से फसल काट रहे थे। जब विकास ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उस पर और उसके परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया और उनके खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियां भी कीं।

पुलिस ने इस घटना के संबंध में चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

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