करुणानिधि के निधन के 3 हफ्ते बाद अब स्‍टालिन के पास डीएमके की कमान

Written by Sabrangindia Staff | Published on: August 28, 2018
करुणानिधि के छोटे बेटे डीएमके स्टालिन आज से औपचारिक तौर पर डीएमके के सर्वेसर्वा बन गए हैं. उनके पिता एम करुणानिधि के निधन के तीन सप्ताह बाद पार्टी की जनरल काउंसिल बैठक में उन्हें अध्यक्ष चुन लिया गया. करुणानिधि निधन के पहले ही उन्हें अपना वारिस घोषित कर चुके थे. 



पार्टी की आम सभा की बैठक में डीएमके के महासचिव के. अंबाजगन ने कहा कि स्टालिन को निर्विरोध चुन लिया गया है. पार्टी प्रमुख के पद के लिए 26 अगस्त को नामांकन भरने वाले वह एकमात्र उम्मीदवार थे. पार्टी अध्यक्ष और पिता एम. करूणानिधि की मृत्यु के तीन सप्ताह बाद 65 वर्षीय स्टालिन को द्रमुक प्रमुख चुना गया है. करूणानिधि का सात अगस्त को निधन हो गया था.

स्‍टालिन को डीएमके का अध्‍यक्ष चुने जाने पर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने बधाई दी है. मैं उनकी खुशी और सफलता की कामना करता हूं क्योंकि वह अपनी राजनीतिक यात्रा में एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं.

हालांकि स्टालिन के बड़े भाई और डीएमके से निष्कासित नेता एम.के. अलागिरी ने धमकी दी थी कि यदि उन्हें पार्टी में वापस नहीं लिया गया तो इसके अंजाम सही नहीं होंगे. द्रमुक के प्रधान सचिव दुरई मुरूगन को पार्टी का नया कोषाध्यक्ष चुना गया है. वह स्टालिन की जगह लेंगे, जिनके अध्यक्ष बनने के कारण पार्टी कोषाध्यक्ष का पद रिक्त हो गया है
 

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