मध्यप्रदेश में सामने आया घोड़ा घोटाला

Written by Mahendra Narayan Singh Yadav | Published on: October 9, 2018
मध्यप्रदेश में भाजपा की शिवराज सरकार का कार्यकाल खत्म होते-होते एक और बड़ा घोटाला सामने आ गया है। करोड़ों रुपए का ये घोड़ा घोटाला मध्यप्रदेश घुड़सवार अकादमी में हुआ है जिसमें लाखों रुपए में घोड़े खरीदने के बाद उन्हें दो-चार साल में ही खच्चरों के भाव बेच दिया गया।

SHIVRAJ SINGH CHAUHAN

नईदुनिया की खबर के अनुसार, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की घुड़सवार अकादमी के इन घोड़ों को जयपुर और बेंगलुरु से दो लाख से लेकर साढ़े सात लाख रुपए में खरीदा गया था और फिर कुछ साल में ही 15 हजार तक की मामूली कीमत में बेच दिया गया।

मध्यप्रदेश घुड़सवार अकादमी में अभी 30 घोड़े हैं, जो प्रतियोगिताओं में प्रदेश की तरफ से भाग लेते हैं। घोड़े-घोड़ियों की औसत उम्र 20 से 24 साल तक होती है। अकादमी ने 2011 से 2015 के बीच करीब 16 घोड़े जयपुर, बेंगलुरु, मुंबई से खरीदे थे। इनमें से नौ को औने-पौने दामों में बेच दिया गया, और बेहतर परफॉर्मेंस देने के नाम पर 2017-18  में 11 घोड़े-घोड़ियां खरीदी गई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर के ब्रह्मा विजय स्टड एंड लाइव स्टॉक फार्म से 2011 में 7 लाख 35 हजार रुपए में खरीदी गई स्ट्राम घोड़ी को 5 साल बाद मात्र 15 हजार 500 रुपए में भोपाल के बैरागढ़ के एक व्यक्ति को बेचा गया।

बेंगलुरु से दिसंबर 2014 में पेरीनाला घोड़ी को छह लाख रुपए में खरीदा गया था, जिसे दो साल बाद ही मात्र 48 हजार रुपए में बेच दिया गया।

जयपुर के इक्वेस्ट हॉर्स राइडिंग अकादमी से लान्सर घोड़ी चार लाख में खरीदी। 5 साल बाद उसे 44 हजार रुपए में बेच दिया गया। जयपुर के श्रीराम स्टड फार्म से साढ़े 3 लाख में खरीदी गई टारजन घोड़ी को दो साल में ही 15 हजार में बेच दिया गया।

इस घोड़ा घोटाला पर मध्यप्रदेश खेल एवं युवा कल्याण संचालनालय का कहना है कि घोड़ों की उपयोगिता कोच तय करते हैं और टेक्निकल कमेटी इनकी कीमत तय करके खरीद-बिक्री करती है।