हरियाणा: सूरजमुखी ख़रीद को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज के बाद आंदोलन तेज

Written by मुकुंद झा | Published on: June 7, 2023
पुलिस लाठीचार्ज के बाद किसानों के इस आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल रहा है। राकेश टिकैत ने कहा, “गिरफ़्तार किए गए किसानों व किसान नेताओं को पुलिस तत्काल रिहा करे नहीं तो हम आंदोलन के लिए तैयार रहेंगे।”



हरियाणा के कुरुक्षेत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सूरजमुखी की खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज़ हो गया है। कुरुक्षेत्र के शाहबाद में कल मंगलवार को इसी मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया जिसमें कई किसान गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में इनका इलाज चल रहा है। इसके अलावा कई किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था और संभव है कि आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाए।

किसानों पर पुलिस लाठी चार्ज को लेकर एकबार फिर हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार सवालों के घेरे में है। विपक्ष भी सरकार को घेर रहा है।

हालांकि इस पुलिस कार्रवाई के बाद आंदोलन टूटने की जगह और मज़बूत हो गया। अब इस आंदोलन को अन्य किसान संगठनों के साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा ने भी अपना समर्थन दिया है। कल नेताओं की गिरफ़्तारी के बाद से राज्यभर में विरोध प्रदर्शन हुए।



इससे पहले बड़ी संख्या में किसानों ने मंगलवार दोपहर को कुरुक्षेत्र के शाहबाद के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। किसान मांग कर रहे हैं कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सूरजमुखी बीज की खरीद करे जबकि सरकार एमएसपी पर ख़रीद से बच रही है और किसानों को भावांतर देने की बात कर रही है।

बीकेयू (चरूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चरूनी के आह्वान पर किसानों ने शाहबाद के पास दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। आपको बता दें, हिरासत में लिए गए नेताओं में चरूनी भी शामिल हैं।

किसान संगठन हो रहे एकजुट

अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता इंद्रजीत सिंह ने इस लाठीचार्ज की निंदा की और हिरासत में लिए गए किसानों को तत्काल रिहा करने को कहा। साथ ही उन्होंने सभी किसानों से इस आंदोलन के पक्ष में एकजुट होने की अपील की और कहा कि किसान सभा और पूरा एसकेएम (संयुक्त किसान मोर्चा) इस आंदोलन के साथ है।

हरियाणा के किसान नेता सुरेश कोथ ने भी विडियो संदेश जारी कर सरकार को चेतावनी दी और कहा, “सरकार इन किसानों को अकेला न समझे, पूरे प्रदेश के किसान इनके साथ हैं।”

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ट्वीट किया, "हरियाणा के कुरुक्षेत्र में धरना दे रहे किसानों पर हरियाणा पुलिस के द्वारा बल प्रयोग करना निंदनीय कार्रवाई है। गिरफ़्तार किए गए किसानों व किसान नेताओं को पुलिस तत्काल रिहा करे नहीं तो हम आंदोलन के लिए तैयार रहेंगे।"



किसान क्यों कर रहे हैं आंदोलन?

प्रदर्शनकारी किसानों ने दावा किया कि सरकार एमएसपी पर सूरजमुखी बीज नहीं खरीद रही है जिसके चलते उन्हें अपनी उपज निजी खरीदारों को 6,400 रुपये एमएसपी के मुकाबले मात्र 4,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

चरूनी ने कहा कि सरकार को सूरजमुखी बीजों की खरीद 6,400 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्होंने सरकार को सोमवार तक का समय दिया था, लेकिन उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे भावांतर भरपाई योजना में सूरजमुखी के बीज को शामिल करने के सरकार के कदम के खिलाफ हैं। इसके तहत सरकार एमएसपी से नीचे बेची गई उपज के लिए 1,000 रुपये प्रति क्विंटल का निश्चित मुआवजा देगी।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सूरजमुखी के बीज की एमएसपी पर खरीद की जाए। वहीं सूरजमुखी के मुद्दे पर विपक्षी कांग्रेस ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हाल ही में कहा था, ‘‘सूरजमुखी के किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य का इंतजार कर रहे हैं। निजी व्यापारियों को अपनी उपज बेचकर किसानों को 1,500 से 2,500 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा है।’’

विपक्ष ने कहा "खट्टर सरकार बनी लट्ठ की सरकार"

किसानों पर लाठीचार्ज के बाद विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने ट्विटर पर लिखा, "खट्टर सरकार बनी “लट्ठ की सरकार”। कुरुक्षेत्र में किसानों पर लाठीचार्ज भाजपा-जजपा सरकार के कफ़न में कील का काम करेगा। सूरजमुखी की फसल का MSP ₹6,400 है पर किसान फसल को ₹4,000-4,500 में बेचने को मजबूर है। न्याय मांगने पर लाठियां मिलती हैं। ये जुल्म अब बर्दाश्त नहीं होगा। कुरुक्षेत्र के शाहबाद में निर्मम लाठीचार्ज ने किसानों के प्रति खट्टर सरकार की नफरती सोच की पोल खोल दी है।"

आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांढ ने लिखा, "हरियाणा के कुरुक्षेत्र में किसान सूरजमुखी पर MSP मांग रहे थे, बीजेपी सरकार से लाठियां मिलीं। सब याद रखा जाएगा...”

पहलवान भी उतरे किसानों के समर्थन में

पहलवान बजरंग पुनिया ने भी ट्वीट कर किसानों का समर्थन किया है। उन्होंने लिखा कि किसान सिर्फ़ अपनी फसल का सही दाम माग रहे थे, लेकिन बदले में मिली लाठियां और गिरफ्तारियां, हम सभी पहलवान किसानों के साथ खड़े हैं।"

"कोर्ट का आदेश था कि राजमार्ग खुला रहे"

इस लाठी चार्ज पर कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक (एसपी) एसएस भोरिया ने पीटीआई-भाषा से कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने मंगलवार को निर्देश दिया कि राजमार्ग को सुचारू यातायात के लिए खुला रखा जाए। हालांकि अदालत के आदेश में यह स्पष्ट किया गया कि प्रशासन अत्यधिक संयम बरते और अंतिम उपाय के रूप में, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करे।

उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश की एक प्रति किसान नेताओं को दी गई, लेकिन प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं हुए। बाद में प्रदर्शनकारियों को राजमार्ग खाली करने की चेतावनी दी गई, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए ‘‘वाटर कैनन’’ का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया।

इससे पहले चढ़ूनी ने धरना स्थल पर संवाददाताओं से कहा था, ‘‘जब तक सरकार हमारी मांग नहीं मानती, हमारा विरोध जारी रहेगा।’’

इस लाठीचार्ज के जवाब में, सोनीपत, गोहाना और रोहतक सहित कई अन्य शहरों में किसानों ने हरियाणा में सड़कों और राजमार्गों को जाम कर दिया। सोनीपत में भी किसानों ने सरधना गांव के पास गनौर पुगथला रोड को जाम कर दिया। सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को जाम हटाने के लिए समझाने की कोशिश की।

प्रदर्शन कर रहे है किसानों ने कहा कि "न्याय मिलने तक धरना जारी रखेंगे। हम पुलिस द्वारा किसानों की पिटाई का विरोध करते हैं।" इसके अलावा किसानों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को किसान विरोधी बताया।

(न्यूज़ एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

साभार- न्यूजक्लिक

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