नई दिल्ली। केंद्र सरकार पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम की अग्रिम याचिका रद्द करने वाले जस्टिस सुनील गौड़ को मनी लॉन्ड्रिंग अपीलीय ट्रिब्यूनल का अध्यक्ष बनाने जा रही है। सुनील गौड़ ने अपने रिटायरमेंट के कुछ दिन पहले आईएनएक्स मीडिया मामले में पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत की याचिका रद्द कर दी थी। अब उन्हें बड़ा पद मिलने पर सवाल उठ रहे हैं।

सुनील गौड़ पिछले हफ्ते गुरुवार को ही दिल्ली हाईकोर्ट से रिटायर हुए हैं। केंद्र सरकार ने उनकी रिटायरमेंट के महज कुछ दिनों में ही उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग अपीलीय ट्रिब्यूनल का अध्यक्ष बनाने का फैसला कर लिया।
हालांकि अभी इस बारे में केंद्र सरकार की तरफ से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। लेकिन ये कहा जा रहा है कि रिटायर्ड जज सुनील गौड़ की नियुक्ति तय है। एनडीटीवी के मुताबिक सुनील गौड़ मनी लॉन्ड्रिंग अपीलीय ट्रिब्यूनल में 23 सितंबर को मौजूदा अध्यक्ष मनमोहन सिंह की जगह लेंगे।
दिल्ली हाईकोर्ट के जज के तौर पर 20 अगस्त को सुनील गौड़ ने पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज की थी। 22 अगस्त को वो दिल्ली हाईकोर्ट से रिटायर हो गए। 28 अगस्त को खबर आई कि उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग अपीलीय ट्रिब्यूनल का अध्यक्ष बनाया जा रहा है।
कांग्रेस केंद्र सरकार और रिटायर्ड जज की निष्ठा पर सवाल उठाते हुए कह रही है कि सुनील गौड़ को पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज करने का इनाम मिला है।
कांग्रेस के प्रवक्ता और सुप्रीम कोर्ट के वकील ब्रीजेश कलप्पा ने ट्वीट कर सुनील गौड़ को बधाई देते हुए कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, ‘दुनिया का वो एकलौता जॉब कौन सा है, जिसमें आपको दिए आन्सरशीट को कॉपी-पेस्ट करने पर सबसे ज्यादा मार्क्स मिलते हों?’ उनका इशारा जस्टिस सुनील गौड़ के चिदंबरम पर दिए फैसले की तरफ था।
जस्टिस सुनील गौड़ के अग्रिम जमानत की याचिका खारिज करने के बाद ही पी चिदंबरम को सीबीआई के जरिए गिरफ्तारी संभव हो पाई थी।

सुनील गौड़ पिछले हफ्ते गुरुवार को ही दिल्ली हाईकोर्ट से रिटायर हुए हैं। केंद्र सरकार ने उनकी रिटायरमेंट के महज कुछ दिनों में ही उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग अपीलीय ट्रिब्यूनल का अध्यक्ष बनाने का फैसला कर लिया।
हालांकि अभी इस बारे में केंद्र सरकार की तरफ से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। लेकिन ये कहा जा रहा है कि रिटायर्ड जज सुनील गौड़ की नियुक्ति तय है। एनडीटीवी के मुताबिक सुनील गौड़ मनी लॉन्ड्रिंग अपीलीय ट्रिब्यूनल में 23 सितंबर को मौजूदा अध्यक्ष मनमोहन सिंह की जगह लेंगे।
दिल्ली हाईकोर्ट के जज के तौर पर 20 अगस्त को सुनील गौड़ ने पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज की थी। 22 अगस्त को वो दिल्ली हाईकोर्ट से रिटायर हो गए। 28 अगस्त को खबर आई कि उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग अपीलीय ट्रिब्यूनल का अध्यक्ष बनाया जा रहा है।
कांग्रेस केंद्र सरकार और रिटायर्ड जज की निष्ठा पर सवाल उठाते हुए कह रही है कि सुनील गौड़ को पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज करने का इनाम मिला है।
कांग्रेस के प्रवक्ता और सुप्रीम कोर्ट के वकील ब्रीजेश कलप्पा ने ट्वीट कर सुनील गौड़ को बधाई देते हुए कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, ‘दुनिया का वो एकलौता जॉब कौन सा है, जिसमें आपको दिए आन्सरशीट को कॉपी-पेस्ट करने पर सबसे ज्यादा मार्क्स मिलते हों?’ उनका इशारा जस्टिस सुनील गौड़ के चिदंबरम पर दिए फैसले की तरफ था।
जस्टिस सुनील गौड़ के अग्रिम जमानत की याचिका खारिज करने के बाद ही पी चिदंबरम को सीबीआई के जरिए गिरफ्तारी संभव हो पाई थी।