पीरानवाड़ी के पास अखंड हिंदू सम्मेलन के जुलूस के दौरान नफरत भरे इशारों और भड़काऊ भाषणों की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।

कर्नाटक के बेलगावी तालुक के माछे गांव के पास आयोजित अखंड हिंदू सम्मेलन से जुड़ी एक धार्मिक यात्रा के दौरान हुई भड़काऊ घटना के बाद बेलगावी ग्रामीण पुलिस ने महाराष्ट्र की हिंदुत्ववादी नेता हर्षिता ठाकुर सहित सात लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है।
डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना रविवार शाम 18 जनवरी को हुई, जब अखंड हिंदू सम्मेलन से पहले निकाली गई यात्रा बेलगावी–खानापुर रोड से माछे की ओर जा रही थी। जब यह यात्रा पीरानवाड़ी इलाके से होकर गुज़री—जहां अंसारी दरगाह (स्थानीय रूप से पीरानवाड़ी दरगाह) स्थित है—तब एक वाहन पर खड़ी हर्षिता ठाकुर को कथित तौर पर दरगाह की ओर तीर चलाने का इशारा करते हुए देखा गया। बताया गया है कि इस दौरान उनके साथ मौजूद समर्थक ताली बजा रहे थे और नारे लगा रहे थे।
इस घटना के वीडियो जल्द ही सोशल मीडिया पर सामने आए और वायरल हो गए, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, चश्मदीदों के बयान और वीडियो फुटेज से संकेत मिलता है कि जिस वाहन पर ठाकुर खड़ी थीं, उसे कथित तौर पर जानबूझकर दरगाह के पास रोका गया था और इसके बाद यह आपत्तिजनक इशारा बार-बार किया गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया, ताकि तनाव और न बढ़े।
पीरानवाड़ी की अंसारी गली निवासी अब्दुल खादर अब्दुल रहमान मुजावर ने इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किए गए भड़काऊ इशारों और भाषणों से सांप्रदायिक अशांति फैलने और सार्वजनिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई थी। डेक्कन हेराल्ड के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ये कृत्य जानबूझकर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए थे।
शिकायत के आधार पर बेलगावी ग्रामीण पुलिस ने सोमवार को हर्षिता ठाकुर और कार्यक्रम के आयोजकों सहित कुल सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। पीटीआई ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। प्राथमिकी में धार्मिक भावनाओं को आहत करने और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। हर्षिता ठाकुर के अलावा आरोपियों में बेलगावी के निवासी सुप्रित सिम्पी, श्रीकांत कांबले, बेट्टप्पा तारिहाल, शिवाजी शाहपुरकर, गंगाराम तारिहाल और मल्लप्पा शामिल हैं, जिन्हें यात्रा के आयोजक या प्रमुख प्रतिभागी बताया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह यात्रा माछे गांव में आयोजित अखंड हिंदू सम्मेलन से पहले निकाली गई थी और कथित आपत्तिजनक हरकतें उस समय हुईं, जब जुलूस एक अन्य समुदाय के धार्मिक स्थल के पास से गुजर रहा था, जिससे घटना की गंभीरता और बढ़ गई।
इस मामले ने सिविल सोसाइटी समूहों और निगरानी मंचों का भी ध्यान खींचा है। ‘हेट डिटेक्टर्स’ सहित कई वॉचडॉग प्लेटफॉर्म्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना के वीडियो क्लिप साझा किए हैं, जिनमें धार्मिक जुलूसों के माध्यम से नफरत भरे इशारों, भड़काऊ व्यवहार और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता जताई गई है।


फिलहाल पुलिस जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और जुलूस के आयोजन व उसमें प्रत्येक आरोपी की भूमिका के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना रविवार शाम 18 जनवरी को हुई, जब अखंड हिंदू सम्मेलन से पहले निकाली गई यात्रा बेलगावी–खानापुर रोड से माछे की ओर जा रही थी। जब यह यात्रा पीरानवाड़ी इलाके से होकर गुज़री—जहां अंसारी दरगाह (स्थानीय रूप से पीरानवाड़ी दरगाह) स्थित है—तब एक वाहन पर खड़ी हर्षिता ठाकुर को कथित तौर पर दरगाह की ओर तीर चलाने का इशारा करते हुए देखा गया। बताया गया है कि इस दौरान उनके साथ मौजूद समर्थक ताली बजा रहे थे और नारे लगा रहे थे।
इस घटना के वीडियो जल्द ही सोशल मीडिया पर सामने आए और वायरल हो गए, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, चश्मदीदों के बयान और वीडियो फुटेज से संकेत मिलता है कि जिस वाहन पर ठाकुर खड़ी थीं, उसे कथित तौर पर जानबूझकर दरगाह के पास रोका गया था और इसके बाद यह आपत्तिजनक इशारा बार-बार किया गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया, ताकि तनाव और न बढ़े।
पीरानवाड़ी की अंसारी गली निवासी अब्दुल खादर अब्दुल रहमान मुजावर ने इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान किए गए भड़काऊ इशारों और भाषणों से सांप्रदायिक अशांति फैलने और सार्वजनिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका पैदा हो गई थी। डेक्कन हेराल्ड के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ये कृत्य जानबूझकर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए थे।
शिकायत के आधार पर बेलगावी ग्रामीण पुलिस ने सोमवार को हर्षिता ठाकुर और कार्यक्रम के आयोजकों सहित कुल सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। पीटीआई ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। प्राथमिकी में धार्मिक भावनाओं को आहत करने और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। हर्षिता ठाकुर के अलावा आरोपियों में बेलगावी के निवासी सुप्रित सिम्पी, श्रीकांत कांबले, बेट्टप्पा तारिहाल, शिवाजी शाहपुरकर, गंगाराम तारिहाल और मल्लप्पा शामिल हैं, जिन्हें यात्रा के आयोजक या प्रमुख प्रतिभागी बताया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह यात्रा माछे गांव में आयोजित अखंड हिंदू सम्मेलन से पहले निकाली गई थी और कथित आपत्तिजनक हरकतें उस समय हुईं, जब जुलूस एक अन्य समुदाय के धार्मिक स्थल के पास से गुजर रहा था, जिससे घटना की गंभीरता और बढ़ गई।
इस मामले ने सिविल सोसाइटी समूहों और निगरानी मंचों का भी ध्यान खींचा है। ‘हेट डिटेक्टर्स’ सहित कई वॉचडॉग प्लेटफॉर्म्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना के वीडियो क्लिप साझा किए हैं, जिनमें धार्मिक जुलूसों के माध्यम से नफरत भरे इशारों, भड़काऊ व्यवहार और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता जताई गई है।


फिलहाल पुलिस जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और जुलूस के आयोजन व उसमें प्रत्येक आरोपी की भूमिका के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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